अवन्तिका तीन लोक से न्यारी, कितनी प्यारी है : शिवराज सिंह चौहान

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@ भोपाल मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उज्जयिनी का जन्म उत्सव है।अवन्तिका नगरी तीन लोक से न्यारी, देखो कितनी प्यारी है। यहाँ का शुद्ध एवं सात्विक वातावरण सबका मन मोहता है।

अदभुत दिन है गुड़ी पड़वा का, इस दिन विक्रम संवत का प्रारम्भ हुआ। विक्रम उत्सव भी हो रहा है। हमें यह याद रखना चाहिये कि हमारी संस्कृति हजारों वर्ष पुरानी है।विक्रम संवत ईस्वी सन से 57 वर्ष पुराना है।सनातन नया वर्ष प्रारम्भ हो रहा है और इसी दिन 2005 से हमने विक्रमोत्सव मनाना शुरू किया था। ही के दिन अवन्तिका का गौरव दिवस मनाया जा रहा है।

इसी दिन सृष्टि की रचना हुई थी। सृष्टि को आरम्भ हुए एक अरब 95 करोड़ 58 लाख 85 हजार 123 वर्ष हो गये हैं।उज्जैन कालगणना की नगरी है। उज्जैन का गौरव सबको गौरवान्वित करता है। उज्जैन की अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि है, जो युगों से पल्लवित होती रही है। सृष्टि के आरम्भ से ही उज्जयिनी का अस्तित्व माना जाता है। युग बदलते गये और उज्जैन को कभी उज्जयिनी, अवन्तिका, कनकश्रृंगा आदि नामों से जाना जाता रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सृष्टि के प्रत्येक कल्प में उज्जयिनी का अस्तित्व रहा है। स्कंद पुराण में उज्जयिनी के 6 कल्पों के 6 नाम दिए गए हैं, जो कल्पवार क्रमशः कनकश्रृंगा, कुशस्थली, अवंतिका, अमरावती, चूड़ामणि एवं पद्मावती है। इसलिए उज्जैन को प्रतिकल्पा भी कहा गया है। अन्य ग्रंथों में उज्जयिनी को भोगवती, हिरण्यवती, विशाला आदि नामों से भी संबोधित किया गया है।

शहर के सभी प्रतिष्ठानों के नाम हिन्दी में हों

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्कंद पुराण के अवंति खंड के अनुसार भगवान शिव अवंतिका में महाकाल वन में अधिष्ठित हैं। उन्होंने कहा कि महाकाल वन प्रोजेक्ट में मन्दिरों की छटा को बढ़ाया जा रहा है। उज्जैन का सांस्कृतिक पुनरुत्थान होगा, विकास का नया इतिहास रचा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें एक नया संकल्प लेना पड़ेगा। शहर में जितने भी होटल बने हैं, सबके नाम अंग्रेजी में लिखे हैं।

उन्होंने कहा कि मैं आग्रह करता हूँ कि सभी होटल्स के नाम हिन्दी में लिखे जाये। निज भाषा की उन्नति से ही हमारा शैक्षणिक विकास होगा। उज्जैन में मेडिकल कॉलेज आ रहा है। मेडिकल डिवाइस पार्क विक्रम उद्योगपुरी में आ रहा है। कर्नाटक एंटीबायोटिक उद्योग भी उज्जैन में लगाया जा रहा है। इससे अनेक लोगों को रोजगार मिलेगा। उज्जैन का औद्योगिक विकास भी होगा।

पंचांगों का लोकार्पण

मुख्यमंत्री चौहान एवं अन्य अतिथियों द्वारा विक्रमादित्य के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर गौरव दिवस का शुभारम्भ किया गया। साथ ही विक्रम पंचांग, मेला पंचांग, विक्रम संवत पर आधारित तिथि पत्रक एवं विक्रम संवत पर आधारित कालगणना पंचांग का विमोचन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने ‘विक्रम भारत’ शीर्षक से विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा प्रारम्भ किये गये यूट्यूब चैनल का लोकार्पण भी किया।

विभिन्न संस्थाओं ने लिया संकल्प

गौरव दिवस पर उज्जैन की विभिन्न संस्थाओं द्वारा जन-कल्याण के लिये संकल्प लिया गया। रामा दल अखाड़े की ओर से महन्त रामेश्वरदास द्वारा शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर एक लाख 25 हजार पौधे रोपने का संकल्प लिया। महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति की ओर से प्रदीप गुरू द्वारा कोविड काल में अनाथ हुए बच्चों को दो-दो हजार रुपये प्रतिमाह देने और उनके रहने, खाने एवं शिक्षा का प्रबंध करने का संकल्प लिया।

उज्जयिनी सेवा समिति के सुधीरभाई गोयल द्वारा जन-सहयोग से जिले के सभी कुपोषित बच्चों, एचआईवी से पीड़ित बच्चों एवं बाल भिक्षावृत्ति से पीड़ित बच्चों की सहायता करने और शिप्रा तट पर 11 हजार पौधे लगाने की बात कही।संचालन विनय द्वारा किया गया। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, पद्म गायक कैलाश खेर, पूर्व सांसद डॉ. सत्यनारायण जटिया, तीर्थ-स्थान एवं मेला प्राधिकरण अध्यक्ष माखनसिंह सहित जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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