बैसाखी पर बागनाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Share News

@ देहरादून उत्तराखंड 

बैसाखी पर्व पर बागनाथ मंदिर में सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई थी।महिलाओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया. साथ ही धूप, दीप और नैवेद्य से पूजा-अर्चना की. यजमानों ने विषुवत संक्रांति पर कष्ट निवारण के लिए अपने कुल पुरोहितों से पूजा-पाठ करवाया।  बागनाथ के अतिरिक्त भक्तों ने भैरवनाथ, मां कालिका, शनिदेव, मां दुर्गा और बाणेश्वर भगवान के दर्शन-पूजन भी किए।

मान्यता के अनुसार राशि विशेष के लोग कष्ट निवारण के लिए भगवान शिव को चांदी के पैर चढ़ाते हैं। बागनाथ मंदिर में सैकड़ों लोगों ने चांदी के पैर अर्पित किए। बैसाखी पर्व पर घरों में नए अनाज आते हैं। मान्यता के अनुसार नए और पुराने अन्न को मिलाकर भगवान को चढ़ाते हैं और दान करते हैं। वहीं, बैसाखी पर्व पर कत्यूर घाटी के प्रसिद्ध बैजनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।

इस मौके पर महिलाओं ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर माहौल भक्तिमय बना दिया था। इसके अलावा चक्रवृत्तेश्वर, घिंघेश्वर, तुरेश्वर, सिद्धेश्वर, वृद्ध बागेश्वर और कपिलेश्वर आदि शिवालयों में पूजा-अर्चना की गई। बैसाखी पर्व पर पहाड़ों में विखु त्योहार मनाया जाता है।ऐसी मान्यता है कि विखु त्योहार के बाद बहुत देर से अन्य त्योहार आते हैं।इस अवसर पर घरों में पकवान बनाए गए और पास-पड़ोस में भी बांटे गए. मान्यता है इस त्योहार के बाद जुलाई माह में हरेला त्योहार ही मनाया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

LIVE OFFLINE
track image
Loading...