भारतीय सेना की राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को बढ़ावा देने में अग्रिम भूमिका

Share News

@ नई दिल्ली

‘नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ की तर्ज पर, भारतीय सेना ने उत्तरी सीमाओं के साथ-साथ उन अग्रिम क्षेत्रों में ग्रीन हाइड्रोजन आधारित माइक्रो ग्रिड पावर प्लांट परियोजना की स्थापना की प्रक्रिया आरंभ कर दी है जो राष्ट्रीय/राज्य ग्रिड से नहीं जुड़े हैं।

21 मार्च 2023 को नई दिल्ली के सेना भवन में भारतीय सेना और नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। सीओएएस की ओर से क्वार्टर मास्टर जनरल ने एनटीपीसी आरईएल के सीईओ मोहित भार्गव के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

भारतीय सेना बिजली खरीद समझौते के माध्यम से उत्पन्न बिजली खरीदने की प्रतिबद्धता के साथ 25 साल के लिए पट्टे पर आवश्यक भूमि उपलब्‍ध करा रही है। प्रस्तावित परियोजनाओं को एनटीपीसी द्वारा पूर्वी लद्दाख में संयुक्त रूप से चिन्हित स्थान पर बिल्ड, ओन एंड ऑपरेट मॉडल पर स्थापित किया जाएगा।

परियोजना में हाइड्रोजन का उत्पादन करने के लिए पानी के हाइड्रोलिसिस के लिए एक सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना शामिल है, जो गैर-सौर घंटों के दौरान फ्यूल सेल्स के माध्यम से बिजली प्रदान करेगा। यह भविष्य में इसी तरह की परियोजनाओं के लिए पृष्‍ठभूमि तैयार करेगा और ग्रीन-हाउस गैस उत्सर्जन में कमी के साथ जीवाश्म ईंधन आधारित जनरेटर सेट पर निर्भरता को कम करने में योगदान देगा।

इस एमओयू के साथ, भारतीय सेना नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के साथ भविष्य में इसी तरह की परियोजनाओं को आरंभ करने की दृढ़ योजना के साथ समझौता करने वाला पहला सरकारी संगठन बन गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

LIVE OFFLINE
track image
Loading...