भगवान विष्णुजी के वराह अवतर का मन्दिर, पुष्कर, राजस्थान! भाग: २१४ ,पँ० ज्ञानेश्वर हँस “देव” की क़लम से

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भारत के धार्मिक स्थल: भगवान विष्णुजी के वराह अवतर का मन्दिर, पुष्कर, राजस्थान! भाग: २१४

आपने पिछले भाग में पढ़ा भारत के धार्मिक स्थल: भगवान विष्णुजी के २४ अवतरों का मन्दिर, इंदौर, मध्यप्रदेश! यदि आपसे उक्त लेख छूट गया अथवा रह गया हो और आपमें पढ़ने की जिज्ञासा हो तो आप प्रजा टूडे की वेब साईट www. prajatoday.com पर जाकर, धर्म- साहित्य पृष्ठ पर जाकर सकते हैं! आज हम आपके लिए लाए हैं : भारत के धार्मिक स्थल: भगवान विष्णुजी के वराह अवतर का मन्दिर, पुष्कर, राजस्थान! भाग: २१४

भारत वर्ष के राजस्थान के पुष्कर में स्थित है, वराह मन्दिर! जो कई महलों, किलों और मंदिरों के रूप में शानदार शाही राजवंशों के अवशेषों के लिए प्रसिद्ध है! वराह मंदिर राजस्थान के प्रमुख मंदिरों में से एक है जो भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है!

भगवान विष्णु ने वराह (सूअर) रूप में अवतार लिया था, जिसकी पूजा भारत भर के मंदिरों में की जाती है! यह मंदिर दिखने में बेहद आकर्षक है और इसकी वास्तुकला अदभुत है!वराह भगवान विष्णु के प्रमुख अवतारों में से एक है, जो मानव और पशु रूप में है! यह मन्दिर पर्यटकों द्वारा पुष्कर में सबसे अधिक देखे जाने वाले मन्दिरों में से एक है! सूअर भगवान विष्णु का तीसरा अवतार है!इस अवतार के पीछे की कहानी में विष्णु द्वारा भूदेवी को लाभ पहुंचाने के लिए एक राक्षस का वध करना शामिल है!

वराह अवतार की संक्षिप्त कथा:
हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को वराह जयंती का पर्व मनाया जाता है! भगवान विष्णु ने इस दिन वराह अवतार लेकर हिरण्याक्ष नामक दैत्य का वध किया था! इस बार वराह जयंती १ सितंबर, रविवार को है! वराह जयन्ती के अवसर पर भक्त भगवान विष्णु का भजन- कीर्तन, उपवास एवं व्रत आदि का पालन करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं!

वराह मन्दिर पुष्कर दर्शन शुल्क:
भारतीयों या विदेशी पर्यटकों के लिए कोई शुल्क नहीं।

पुष्कर के वराह मन्दिर के खुलने और बंद होने का समय :
सूर्योदय से सूर्यास्त तक!

वराह मन्दिर यात्रा की अवधि
आमतौर पर एक घण्टा!

वराह मन्दिर पुष्कर का निर्माण
वराह मन्दिर पुष्कर का निर्माण मूल रूप से १२वीं सदी में शुरू किया गया था, लेकिन हठधर्मी मुगल सम्राट औंरगजेब द्वारा इसे नष्ट करा दिया गया! सन् १७२७ में जयपुर के राजा सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा इसेका पुन: निर्माण कराया गया!

वराह मन्दिर की यात्रा करने के लिए जा रहें हैं तो पुष्कर सहित राजस्थान गर्मियों के महीने में गर्म और आर्द्र रहता है, इसलिए इस मन्दिर में आदर्श रूप से सर्दियों में जाना श्रेष्ठकर है! गर्म मौसम में यात्रा करते समय अनुकूल कपड़े पहने! प्रदूषण को न्यूनतम रखने की कोशिश करें!

वराह मन्दिर पुष्कर के दर्शन करने का सबसे अच्छा समय
वराह मन्दिर पुष्कर के दर्शन करने का सबसे अच्छा समय
पुष्कर राजस्थान में स्थित है जहां साल के आधे महीनों में मौसम असहनीय रूप से गर्म रहता है! यहां की यात्रा करने के लिए सर्दियों का मौसम अच्छा होगा! जिस दौरान तापमान २२ डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है जो बहुत ज्यादा ठंडा नहीं, गर्मी के दौरान यहां पर पारा ४५ डिग्री सेल्सियस के पार बढ़ सकता है!सर्दियों में पुष्कर शहर में कार्तिक पूर्णिमा पर नवंबर में आयोजित होने वाले पुष्कर मेले के समय सावित्री मन्दिर की यात्रा करना आपके लिए बेहद खास साबित हो सकता है!

वराह मन्दिर कैसे जाये:
वराह मन्दिर पुष्कर में यहां जाने के लिए आप हवाई, रेल और सड़क यात्रा कर सकते हैं! शहर से मन्दिर तक पहुंचने के लिए आप बसों या ऑटो से यात्रा कर सकते हैं!

हवाई मार्ग से कैसे पहुँचें :
हवाई मार्ग से वराह मन्दिर पुष्कर कैसे पहुँचें: यदि आपने पुष्कर जाने के लिए हवाई मार्ग का चुनाव किया हैं तो आपको बता दें कि पुष्कर का अपना कोई हवाई अड्डा नही हैं! लेकिन सबसे नजदीकी सांगानेर हवाई अड्डा हैं जो कि पुष्कर से लगभग १५० किलोमीटर की दूरी पर हैं! आप यहां से पुष्कर आसानी से पहुंच जायेंगे!

रेल मार्ग से कैसे पहुँचें :
वराह मन्दिर पुष्कर ट्रेन से कैसे पहुँचें यदि आपने ट्रेन से पुष्कर जाने का मन बनाया हैं तो हम आपको बता दें कि राजस्थान का अजमेर जंक्शन पुष्कर से सबसे नजदीकी रेल्वे स्टेशन हैं और पुष्कर इसकी दूरी लगभग १४ किलोमीटर है! अजमेर रेलवे स्टेशन भारत के विभिन्न बड़े बड़े शहरों से जुड़ा हुआ हैं! स्टेशन से आप किसी भी स्थानीय या अपने पर्सनल साधन से पुष्कर शहर जा सकते हैं!

सड़क मार्ग से कैसे पहुँचें :
वराह मन्दिर कैसे पहुँचें बस से
यदि आपने बस के माध्यम से राजस्थान के पर्यटक स्थल पुष्कर जाने का बिचार बना लिया हैं, तो हम आपको बता दें कि अजमेर का बस स्टैंड देश के प्रमुख शहरों से बहुत अच्छी तरह से जुड़ा हुआ हैं। अजमेर से पुष्कर की दूरी लगभग १६ किलोमीटर हैं तो आप यहां से आसानी से पुष्कर पहुंच जायेंगे! यदि आप दिल्ली से बस या अपनी कार से आना चाहँ तो आप राष्ट्रीय राजमार्ग NH- ४४ से किलोमीटर की यात्रा तय करके घण्टे मिनट्स में पहुँच जाएँगे!

भगवान विष्णुअवतार वराह की जय हो! जयघोषहो!!

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