चार्टर्ड एकाउंटेंट विधेयक दो अंतिम लोस

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@ नई दिल्ली

तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने आरोप लगाया कि सरकार सभी पेशेवर लोगों की संस्थाओं की शक्ति छीनना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि पहले राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग से जुड़े विधेयक में ऐसा हुआ और अब यही चार्टर्ड अकाउंटेंट के मामले में किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय को बहुत अधिक शक्ति नहीं दी जानी चाहिए।राय ने दावा किया कि सरकार ने संसद की स्थायी समिति की सिफारिशों को नहीं माना।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की बीवी सत्यवती ने कहा कि इस विधेयक के पारित होने के बाद भ्रष्टाचार के मामलों में समयबद्ध जांच होगी और जवाबदेही तय हो सकेगी।शिवसेना के राहुल शिवाले ने कहा कि जांच के संदर्भ में समय की बाध्यता हटानी चाहिए या फिर कम से कम 60 दिन का समय तय होना चाहिए।

जनता दल (यूनाइटेड) के कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि संस्थानों की स्वायत्तता बनी रहनी चाहिए और इनके कामकाज की नियमित रूप से समीक्षा होनी चाहिए।बीजू जनता दल के भर्तृहरि महताब ने कहा कि इस विधेयक की एक बड़ी खूबी यह है कि इसमें समयबद्ध जांच का प्रावधान किया गया है।राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया कि संस्था की स्वायत्तता छीनना इस विधेयक का मकसद दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजना चाहिए ताकि इस पर चर्चा हो सके।चर्चा में हिस्सा लेते हुए आईयूएमएल के ई टी मोहम्मद बशीर ने कहा कि सरकार की मंशा ठीक हो सकती है और विधेयक के उद्देश्य देखने में अच्छे लग सकते हैं लेकिन स्वायत्त संस्थाओं पर नियंत्रण का प्रयास नजर आ रहा है। उन्होंने विधेयक को प्रवर समिति को भेजने की मांग की।

भाजपा के गोपाल शेट्टी ने कहा कि अधिक संख्या में बच्चे सीए बनकर निकलें, इसके प्रयास होने चाहिए।आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन ने आरोप लगाया कि सरकार सभी संस्थानों का नियंत्रण कर रही है और उनके स्वायत्त चरित्र में हस्तक्षेप कर रही है।उन्होंने कहा कि विधेयक में एक संशोधन लाकर तीनों संस्थाओं की एक समिति बनाने का प्रस्ताव है जिनके अध्यक्ष कंपनी मामलों के मंत्रालय के सचिव होंगे जो अनुचित है।

वहीं, आरएलपी के हनुमान बेनीवाल ने कहा कि इस विधेयक की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि ‘‘यह आधा-अधूरा विधेयक है और पूरी तैयारी के साथ विधेयक लाया जाए।’’अन्नाद्रमुक के पी रवींद्रनाथ ने कहा कि आईसीएआई जैसे संस्थानों को प्रशिक्षण देने के लिए भी तैयार किया जाए।निर्दलीय नवनीत कौर राणा ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि समिति का अध्यक्ष सीए होना चाहिए।

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