चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा चलाया जायेगा सीपीआर ट्रेनिंग प्रोग्राम

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@ भोपाल मध्यप्रदेश

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरूवार को गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में विश्व हृदय दिवस पर ‘दिल से दिल की देखभाल’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत सीपीआर ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से हृदय-घात होने पर चिकित्सक के पहुँचने तक आम व्यक्ति भी मरीज की जान बचा सकेगा। इससे कई अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सकेगा।

मंत्री सारंग ने कहा कि आज की व्यस्ततम दिनचर्या से नई पीढ़ी में भी हृदय रोग की समस्या देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि ‘दिल से दिल की देखभाल’ कार्यक्रम से हृदय रोग की रोकथाम के प्रति लोगों में जागरूकता का प्रचार-प्रसार किया जायेगा।

मंत्री सारंग ने प्रसिद्ध कॉमेडियन राजू वास्तव का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर सही समय पर उन्हें जिम में ही सीपीआर दिया जाता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि हृदय-घात में सीपीआर से ही मरीज को जीवन-दान दिया जा सकता है। इसी उद्देश्य से चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा विस्तृत कार्यक्रम की रूपरेखा बना कर स्कूल, कॉलेज, कार्यालयों एवं जिम में सीपीआर ट्रेनिंग दी जायेगी। इससे कई जिंदगियाँ बचाई जा सकती हैं।

मंत्री सारंग ने कहा कि मानवता के उत्थान एवं व्यक्ति के कल्याण के साथ ही पर्यावरण- संरक्षण भी ‘दिल से दिल की देखभाल’ कार्यक्रम का प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने कहा कि विश्व में हृदय-घात से हो रही मृत्यु में 25 प्रतिशत मृत्यु के लिये प्रदूषण जिम्मेदार है। ऐसे में पर्यावरण-संरक्षण से हृदय रोग की रोकथाम में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। हृदय रोग की रोकथाम एवं हृदय-घात जैसी आपात स्थिति के लिये चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा आने वाले समय में कार्डियक हेल्पलाइन शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तमाम पहलुओं पर विचार के बाद कार्डियक हेल्पलाइन की शुरूआत की जायेगी।

मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम प्रारंभ करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस प्रथम वर्ष की एनाटॉमी, फिज़ियोलॉजी एवं बायोकेमेस्ट्री की पुस्तकों का हिंदी रूपांतरण पूरा हो गया है। हिंदी में पाठ्यक्रम शुरू होने से चिकित्सा विद्यार्थियों की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन होगा।हमीदिया अस्पताल के इमर्जेंसी वॉर्ड को कॉर्पोरेट अस्पताल की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसके लिये इमर्जेंसी विभाग में कार्यरत चिकित्सक, नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल स्टाफ को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग दी जायेगी।

चिकित्सा विद्यार्थियों को बताया गया कि आपातकालीन परिस्थिति में पीड़ितों की जान कैसे बचाई जा सकती है। साथ ही सीपीआर क्या है एवं इसके फायदे और सावधानियाँ विषय पर प्रशिक्षण दिया गया।भोपाल महापौर मालती राय, गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. अरविंद राय, हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशीष गोहिया, हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजीव गुप्ता, इमरजेंसी मेडिसन विभाग की अध्यक्ष डॉ. रूचि टंडन सहित बड़ी संख्या में चिकित्सा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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