देशभर के किसान ले रहे हैं पूसा कृषि मेले का लाभ

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@ नई दिल्ली

भारतीय कृषि अनुसंधान संसथान द्वारा आयोजित कृषि विज्ञान मेला के दुसरे दिन भी देशभर से आये हजारो किसान ने मेले का लाभ लिया। मेले की प्रमुख थीम तकनीकी ज्ञान से आत्म-निर्भर किसान है।

मेले के दूसरे दिन भी देश भर से लगभग 12000 किसानों ने भाग लिया एवं 1100 क्विंटल से अधिक पूसा बीज की किसानों द्वारा खरीद की गई। मेले के दूसरे दिन 4 तकनीकी सत्र हुए।चार तकनीकी सत्रों में किसानों को स्मार्ट कृषि; प्राकृतिक खेती; उच्च उत्पादकता के लिए हाइड्रोपोनिक और एरोपोनिक कृषि; और समृद्धि के लिए कृषि निर्यात के बारे में बताया गया।

 

मेले में किसानों को बासमती चावल की झुलसा एवं झोंका रोग रोधी तीन किस्में पूसा बासमती 1847 पूसा बासमती 1885 पूसा बासमती 1886 का बीज भी वितरित किया जा रहा है ताकि वे इन नवीन क़िस्मों का बीज निर्माण स्वयं भी कर सकें।

नई फसल किस्मों के लाइव प्रदर्शन सब्जियों और फूलों की संरक्षित खेती के प्रदर्शन और भा.कृ.अनु.प. के संस्थानों तथा निजी कंपनियों द्वारा विकसित कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी और बिक्री पर अपनी रुचि दिखाई।इसी तरह से किसान उन्नत किस्मों के बीज और पौधों की बिक्री से काफी खुश थे। इसके अलावा कृषि उत्पादों और कृषि रसायनों का प्रदर्शन और बिक्री नवोन्मेषी किसानों द्वारा विकसित उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री ने भी जनसमूह को आकर्षित किया।

 

मेले के दूसरे दिन पहला सत्र डिजिटल स्मार्ट कृषि पर था जिसकी अध्यक्षता भा.कृ.अनु.प. के उपमहानिदेशक प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन डॉ. एस. के. चौधरी ने की। इस सत्र में आशीष जंगले ने स्मार्ट कृषि के लिए स्वचालन एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता अभिषेक बर्मन ने फसल के उत्तम स्वास्थ्य हेतु ड्रोन प्रौद्योगिकी तथा राशि वर्मा ने स्मार्ट सिंचाई के लिए आई.ओ.टी.एस विषय पर विस्तृत जानकारी सांझा की।

चौथा सत्र जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर था जिसकी अध्यक्षता अपर आयुक्त कृषि प्रसार एवं आई.एन.एम. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय डॉ वाई.आर. मीणा ने की। इस सत्र में अशोक कुमार यादव पूर्व निदेशक राष्ट्रीय जैविक खेती केंद्र गाजियाबाद ने ‘सहभागिता गारंटी प्रणाली पी.जी.एस. द्वारा जैविक खेती का प्रमाणीकरण ’एवं डॉ रीबा अब्राहम सहायक महाप्रबंधक जैविक उत्पाद एपीडा नई दिल्ली ने ‘जैविक खेती में तृतीय पक्ष प्रमाणीकरण थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन’विषय पर विस्तृत चर्चा की।

इस सत्र में पद्मश्री भारतभूषण त्यागी प्रगतिशील कृषक बुलंदशहर एवं श्यामबिहारी गुप्ता प्रगतिशील कृषक झांसी उ.प्र. ने अपने अनभव सभी किसानों एवं वैज्ञानिकों के साथ सांझा किए। जैविक एवं प्राकृतिक खेती विषय पर किसान एवं वैज्ञानिक के साथ एक खास प्रश्न एवं उत्तर सत्र भी करवाया गया ।

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