गणेश मन्दिर कनॉट प्लेस, नई दिल्ली भाग: ११९,पं० ज्ञानेश्वर हँस “देव” की कलम से

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भारत के धार्मिक स्थल: गणेश मन्दिर कनॉट प्लेस, नई दिल्ली भाग: ११९

आपने पिछले भाग में पढ़ा : भारत के प्रसिद्ध धार्मिकस्थल: सँकटमोचन हनुमान मन्दिर वाराणसी, उत्तरप्रदेश! यदि आपसे यह लेख छूट गया हो और आपमें पढ़ने की जिज्ञासा हो तो आप प्रजा टुडे की वेबसाइट धर्म-सहित्य पृष्ठ पर जा कर पढ़ सकते हैं! आज हम आपको बता रहे हैं:

भारत के धार्मिक स्थल: गणेश मन्दिर कनॉट प्लेस, नई दिल्ली भाग: ११९

गणेश मन्दिर जो भगवान श्री गौरीशँकर पुत्र श्री गणेश जी को समर्पित है! ३१ अक्टूबर १९५२ में स्थापित गणेश मन्दिर के साथ-साथ दो मन्दिरों का समूह, शिव एवँ शनि मन्दिर, दोनों मन्दिर एक ही दीवार परस्पर साँझा करते हैं! मन्दिरों की सीमाओं को अच्छी तरह से परिभाषित नहीं किया गया है, क्योंकि दोनों ही भवन बन्द हैं! अधिकांश समय, जब नए भक्त इन मन्दिरों में जाते हैं तो दोनों मन्दिरों को भेद नहीं पाते हैं! ये मन्दिर कनॉट प्लेस में प्रसिद्ध हनुमान मन्दिर के समीप हैं!

मेरे परमादरणीय पिताजी श्री १०८ योगिराज रामजी लाल ४० वर्ष पूर्व मुझे उक्त मन्दिर में ले गए थे! यद्यपि पिताजी शिवशँकर जी के भक्त हुआ करते थे और मैं श्री राम भक्त! आज भी ऐसा लगता है कि पिताजी के साथ मैं पूजा पद्धति में व्याप्त हूँ!

गणेश पुराण के अनुसार, छंद शास्त्र में ८ गण हैं क्रमशः

१.मगन, २.नागन, ३.यगण, ४.जगन, ५.भगन, ६.रागन, ७.सगण और ८.तगण। उनके शासक देवता के कारण, उन्हें श्री गणेश नाम दिया गया है! अक्षर को गण के रूप में भी जाना जाता है! उनके होने के कारण ही उन्हें विद्या बुद्ध का श्री भगवान भी कहा जाता है! भगवान श्री गणेश को यूँ तो अनेक नामों से पुकारा जाता है परन्तु उनके अनगिनत नामों में से चार विशेष नाम हैं, जिनसे उन्हेँ पुकारा जाना प्रिय है!

१.विघ्नहर्ता, २.मंगलमूर्ति, ३.लम्बोदर और ४.वक्रतुंड

भगवान श्री गणेश जी को हिन्दू धर्म में आदिम की उपाधि प्राप्त है! इसलिए गणपति प्रतिमा आमतौर पर हर मन्दिर में प्रथम स्थान प्राप्त है अतः प्रत्येक हिन्दू मन्दिर में श्री गणपति गणेश जी की प्रतिमा सर्वप्रथम स्थापित की जाती है! यहाँ भी गणपति की पूजा की जा सकती है! यद्यपि गणपति को समर्पित मन्दिर सम्पूर्ण विश्व में बड़ी सँख्या में स्थित हैं! आपको इनमें से एक एक करके हम भारत के प्रमुख मन्दिरों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं! हिन्दू धर्म के अनुसार किसी भी शुभकार्य को करने से पहले सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा अर्चना की जाती है! स्मरण रहे शादी विवाह के कार्ड्स बेशक़ से अँग्रेज़ी में छपने लगे हैं परन्तु स्वस्तिक और गणेश जी के श्लोक अवश्य ही छापते हैं!

।।ॐ गणेश महालक्ष्म्यै नमः।।
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

बुधवार का दिन हिंदू धर्म में भगवान श्री गणेश जी को समर्पित है! श्री गणपति महाराज को विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है! मान्यतानुसार बुधवार के दिन ही श्री गणेश जी की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ जाती है! गणपति गणेश जी की आराधना के लिए यह उत्तम बताया गया है! ग्रन्थानुसार किसी भी शुभ कार्य से पूर्व ही भगवान श्री गणेश जी का आह्वान किया जाता है, कोई भी कार्य निर्विघ्न नहीं हो सकता!

मान्यतानुसार श्री गणेश जी की पूजा के बाद करे गए किसी भी कार्य में विघ्न-बाधा नहीं आती है और कार्य में सफलता प्राप्त होती है! हिन्दू धर्म में पूजा, जप, तप और उपवास का अति महत्व माना गया है! श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान श्री गणेश जी की पूजा की जाए तो जीवन की परेशानियों और समस्याओं का समाधान तुरन्त ही हो जाता है! गणपति बप्पा को प्रसन्न करने के कई उपाय बताए गए हैं!

मान्यतानुसार भगवान श्री गणेश को उनके प्रिय लड्डुओं से पूजा के दौरान अर्पित की जाएं, भोग लगाया जाए तो वे बहुत जल्द ही प्रसन्न हो जाते हैं और मनचाहा फल देते हैं! कहा जाता है कि प्रत्येक बुधवार भगवान श्री गणेश की पूजा-अराधना के दौरान उन्हें मोदक व दुर्वा अवश्य भेंट करें!

यदि आप भी गणपति महाराज की कृपा पाना चाहते हैं तो इन आसान उपायों को अपनाकर व इन बातों को ध्यान में रखकर कृपा पा सकते हैं!

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं नमः।।
ॐ ग्लौं गं गणपतये नमः।।
गजाननं भूतगणाधिसेवितं,
कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्।
उमासुतं शोकविनाशकारकम्न,
मामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥
ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरू गणेश।
ग्लौम गणपति, ऋदि्ध पति, सिदि्ध पति। मेरे कर दूर क्लेश।।
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।।
ओम ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा:


ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।
ॐ हुं गं ग्लौं हरिद्रा गणपत्ये वरद वरद सर्वजन हृदये स्तम्भय स्वाहा ।।
ॐ वर वरदाय विजय गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये सर्वविघ्न हराय सर्वाय सर्वगुरवे लम्बोदराय ह्रीं गं नमः
ॐ नमः सिद्धिविनायकाय सर्वकार्यकर्त्रे सर्वविघ्न प्रशमनाय सर्व राज्य वश्य कारनाय सर्वजन सर्व स्त्री पुरुषाकर्षणाय श्री ॐ स्वाहा।।
‘ऊं गणानां त्वा गणपति(गुँ) हवामहे प्रियाणां त्वा प्रियपति(गुँ) हवामहे, निधीनां त्वा निधिपति(गुँ) हवामहे व्वसो मम।’
कृपा करो गणनाथ
प्रभु-शुभता कर दें साथ।
रिद्धि-सिद्धि शुभ लाभ
प्रभु, सब हैं तेरे पास।।

माना जाता है कि बुधवार के दिन इन मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. भगवान गौरी गणेश के इन मंत्रों का जाप १०८ बार किया जाता है. मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से गणपति जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और उनकी कृपा बनी रहती है. अगर ११ दिन तक गणेश गायत्री मन्त्र का जाप किया जाए, तो व्यक्ति का भाग्योदय होता है!

हवाई मार्ग से कैसे पहुँचें:

श्री गणेश मन्दिर कनॉट प्लेस से निकटतम हवाईअड्डा इन्दिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा है! जो लगभग २८ किलोमीटर की दूरी पर है यह हवाई अड्डा!

रेल मार्ग से कैसे पहुँचें:

श्री गणेश मन्दिर कनॉट प्लेस से निकटतम मेट्रो स्टेशन राजीव गाँधी है! यहाँ से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है!

सड़क मार्ग से कैसे पहुँचें:

श्री गणेश मन्दिर कनॉट प्लेस नई दिल्ली में स्थित है! यह मन्दिर हनुमान मन्दिर के समीप है! मन्दिर के समीप ही कार बाईक पार्किंग की समचित व्यवस्था है!

गणेश जी की जय हो! जयघोष हो!!

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