गौशालाओं को नर्सरी से जोड़ा जाएगा

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@ भोपाल मध्यप्रदेश

उद्यानिकी खाद्य प्र-संस्करण एवं नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा है कि प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यानिकी विभाग ने कार्य-योजना तैयार की है। गौशालाओं को नर्सरी से जोड़ा जाएगा। राज्य मंत्री कुशवाह आज मंत्रालय में विभागीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।

राज्य मंत्री कुशवाह ने कहा कि प्रदेश के सब्जी और फलों के उत्पादक किसानों को जैविक उत्पाद पैदा करने की लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए जैविक खेती करने वाले किसानों का सर्वे कर जिला वार संख्या एकत्र की जाएगी। ऐसे किसान जो जैविक सब्जी और फलों के उत्पादन से जुड़े हैं, उनको सहायता भी दी जाएगी। जैविक खाद के लिए गौशालाओं से निकलने वाले गोबर के जैविक खाद को सीधे किसानों तक पहुँचाने की योजना बनाई गई है।

नर्सरियों को गौशालाओं से जोड़ने से जैविक उत्पादन करने वाले किसानों और गौशालाओं को लाभ होगा। गौशालाओं से किसानों को जैविक खाद मिलेगा। राज्य मंत्री कुशवाहा ने बताया कि प्रदेश के ऐसे उद्यानकी किसान जो जैविक खेती से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें उद्यानिकी विभाग हर तरह से सहयोग करेगा।

राज्य मंत्री कुशवाह ने कहा कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान किसानों ने उन्हें बताया है कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों को छोड़कर जैविक खाद और जैविक कीटनाशक अपनाने पर शुरुआती वर्षों में उत्पादन में कमी आती है। किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने के साथ सहयोग की आवश्यकता है। इस को ध्यान में रखते हुए कुशवाह ने विभाग के अधिकारियों को जैविक खेती अपनाने वाले उद्यानिकी कृषकों को सहयोग देने के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए।

उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान राज्य मंत्री कुशवाह ने कहा कि विभिन्न योजनाओं में भुगतान अधिक समय तक लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को खेती के उपकरण, बीज आदि की उपलब्धता कराने वालों को राशि का भुगतान समय पर किया जाए। राज्य मंत्री कुशवाह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य आदेश के बाद उपकरण और अन्य सामग्री की प्रदायगी का भौतिक सत्यापन किया जाए। भौतिक सत्यापन के बाद अधिकतम तीन दिवस में राशि का भुगतान कर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी योजना में भौतिक सत्यापन के बाद 3 दिन से अधिक भुगतान लंबित रहने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। विभाग की किसी भी योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होना चाहिएएसीएस उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण जे.एन. कंसोटिया, उद्यानिकी आयुक्त ई. रमेश कुमार, एमडी एमपीएग्रो राजीव कुमार जैन और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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