घण्टेश्वर मन्दिर रेवाड़ी, हरियाणा भाग: २३२,पँ० ज्ञानेश्वर हँस “देव” की क़लम से

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भारत के धार्मिक स्थल : घण्टेश्वर मन्दिर रेवाड़ी, हरियाणा भाग: २३२

आपने पिछले भाग में पढ़ा होगा श्री हरि मन्दिर, पोरबंदर, गुजरात यदि आपसे उक्त लेख छूट अथवा रह गया हो तो आप प्रजा टुडे की वेबसाईट http://www.prajatoday.com पर जाकर धर्म साहित्य पृष्ठ पर जाकर पढ़ सकते हैं! आज हम आपके लिए लाएं हैं।

भारत के धार्मिक स्थल : घण्टेश्वर मन्दिर रेवाड़ी, हरियाणा भाग: २३२

घण्टेश्वर मंदिर सनातन धर्म से संबंधित सुंदर और दुर्लभ मन्दिरों में से एक है! यह मन्दिर हरियाणा राज्य में गोकल बजार में रेवाड़ी के मध्य में स्थित है! मन्दिर के अदर सनातन धर्म के सभी देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित हैं! हालाँकि भगवान शिव मुख्य मन्दिर परिसर के अँदर एक महान उत्साह और भक्ति के साथ प्रतिष्ठित हैं! यह प्राचीन प्राचीन तीन मन्ज़िला मन्दिर पूरे साल कई भक्तों का ध्यान खींचता है! और लगभग सभी त्योहार इस मन्दिर में अनुष्ठानों के एक सेट के साथ मनाए जाते हैं!

यद्यपि शिवरात्रि को बड़े पैमाने पर भव्यता और उत्साह के साथ यह त्यौहार मनाया जाता है! मन्दिर का वातावरण भक्तों और पर्यटन स्थलों के लिए दिल और दिमाग को शांति प्रदान करता है! यह शानदार तीर्थस्थल केंद्र हर साल महाशिवरात्रि पर्व के समय पँद्रह दिनों के मेले की भी व्यवस्था करता है! स्थानीय भक्तों और आयोजकों द्वारा इस बड़े त्योहार को सालाना मनाने के लिए एक मेले का आयोजन किया गया है! भक्त इस रात को उपवास करते हैं और रात तक कुछ नहीं खाते हैं और शिव लिंग पर फल, फूल और बेल के पत्ते चढ़ाते हैं! लोगों का मानना ​​है कि इस पवित्र दिन पर भगवान शिव का विवाह पार्वती मां से हुआ था!

शिव उपासना :

मनोवांछित फल पाने के लिए शिवजी के इस मंत्र का जाप करें:

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय| नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥
मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय| मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे म काराय नम: शिवाय:॥
शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय| श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै शि काराय नम: शिवाय:॥
अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्। अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।।

स्वास्थ्य प्राप्ति के लिए शिवजी के मंत्र इस मंत्र का जाप करना चाहिए:
सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्। भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ।।
कावेरिकानर्मदयो: पवित्रे समागमे सज्जनतारणाय। सदैव मान्धातृपुरे वसन्तमोंकारमीशं शिवमेकमीडे।।

शिव जी की पूजा के दौरान इन मंत्रो का जाप करना चाहिए:

पूजा के दौरान इस मंत्र के द्वारा उन्हें स्नान समर्पण करना चाहिए…
ॐ वरुणस्योत्तम्भनमसि वरुणस्य सकम्भ सर्ज्जनीस्थो| वरुणस्य ऋतसदन्यसि वरुणस्य ऋतसदनमसि वरुणस्य ऋतसदनमासीद्||

भगवान शिव की पूजा करते समय इस मंत्र के द्वारा उन्हें यज्ञोपवीत समर्पण करना चाहिए…
ॐ ब्रह्म ज्ज्ञानप्रथमं पुरस्ताद्विसीमतः सुरुचो वेन आवः| स बुध्न्या उपमा अस्य विष्ठाः सतश्च योनिमसतश्च विवः||

इस मंत्र के द्वारा भगवान भोलेनाथ को गंध समर्पण करना चाहिए…
ॐ नमः श्वभ्यः श्वपतिभ्यश्च वो नमो नमो भवाय च रुद्राय च नमः| शर्वाय च पशुपतये च नमो नीलग्रीवाय च शितिकण्ठाय च||

इस मंत्र के द्वारा अर्धनारीश्वर को धूप समर्पण करना चाहिए…
ॐ नमः कपर्दिने च व्युप्त केशाय च नमः सहस्त्राक्षाय च शतधन्वने च| नमो गिरिशयाय च शिपिविष्टाय च नमो मेढुष्टमाय चेषुमते च||

पूजा के दौरान इस मंत्र के द्वारा भगवान शिव को पुष्प समर्पण करना चाहिए…
ॐ नमः पार्याय चावार्याय च नमः प्रतरणाय चोत्तरणाय च| नमस्तीर्थ्याय च कूल्याय च नमः शष्प्याय च फेन्याय च||

इस मंत्र के द्वारा भगवान चन्द्रशेखर को नैवेद्य अर्पण करना चाहिए…
ॐ नमो ज्येष्ठाय च कनिष्ठाय च नमः पूर्वजाय चापरजाय च| नमो मध्यमाय चापगल्भाय च नमो जघन्याय च बुधन्याय च||

पूजन के दौरान इस मंत्र से भगवान शिव को ताम्बूल पूगीफल समर्पण करना चाहिए…
ॐ इमा रुद्राय तवसे कपर्दिने क्षयद्वीराय प्रभरामहे मतीः| यशा शमशद् द्विपदे चतुष्पदे विश्वं पुष्टं ग्रामे अस्तिमन्ननातुराम्||

भोलेनाथ को इस मंत्र से सुगन्धित तेल समर्पण करना चाहिए…
ॐ नमः कपर्दिने च व्युप्त केशाय च नमः सहस्त्राक्षाय च शतधन्वने च| नमो गिरिशयाय च शिपिविष्टाय च नमो मेढुष्टमाय चेषुमते च||

भगवान भोलेनाथ को इस मंत्र के द्वारा दीप दर्शन कराना चाहिए…
ॐ नमः आराधे चात्रिराय च नमः शीघ्रयाय च शीभ्याय च| नमः ऊर्म्याय चावस्वन्याय च नमो नादेयाय च द्वीप्याय च||

इस मंत्र से भगवान शिवजी को बिल्वपत्र समर्पण करना चाहिए…
दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनं पापनाशनम्| अघोरपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्||

हवाई मार्ग से कैसे पहुँचें:

फ्लाइट से दिल्ली के इन्दिरगाँधी अँतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे उतर कर मन्दिर पहुंचेंगे! वहाँ से कैब द्वारा घण्टेश्वर मन्दिर पहुँच जाओगे!

रेल मार्ग से कैसे पहुँचें:

रेल द्वारा रेवाड़ी रेलवे स्टेशन है! रेवाड़ी रेल्वे स्टेशन आप उतर कर, कैब अथवा स्थानीय बस या ऑटो से भी पहुँच सकते हो घण्टेश्वर मन्दिर!

सड़क मार्ग से कैसे पहुँचें:

आप कार अथवा बस से दिल्ली से रवाना होते हो तो मन्दिर पहुँचने के लिए आप २ घण्टे २२ मिनट्स का रास्ता तय करते हुए ९६.१ किलोमीटर यात्रा करके राष्ट्रीय राजमार्ग NH: ३५८ से पहुँच जाओगे घण्टेश्वर मन्दिर!

घण्टेश्वर महादेव की जय हो! जयघोष हो!!

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