इंडियन ऑयल अनुसंधान ने कार्यक्रम आयोजित किया

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@ नई दिल्ली

इंडियन ऑयल अनुसंधान एवं विकास के ऐतिहासिक स्वर्ण जयंती समारोह के समापन के अवसर पर आज नई दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर केन्‍द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और आवासन और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप एस पुरी मुख्य अतिथि थे।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और श्रम और रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली, पद्म विभूषण डॉ. आर. ए. माशेलकर, पद्म विभूषण डॉ. अनिल काकोदकर, मंत्रालय में सचिव पंकज जैन, इंडियन ऑयल के अध्यक्ष एसएम वैद्य, इंडियन ऑयल के निदेशक  डॉ. एसएसवी रामकुमार, सीपीएमजी सु मंजू कुमार और अनेक उद्योगपतियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

 

इस अवसर पर एक विशेष स्मारक डाक माईस्टैम्प जारी किया गया। एक नवीन सौर कुकटॉप – सूर्य नूतन – को भी चालू किया गया। आईओसी अनुसंधान एवं विकास के 1501 पेटेंटों के प्रशस्ति पत्र का अनावरण किया गया। मंत्री ने सोलर कुकटॉप के लाभार्थियों से नए उत्पाद के उनके अनुभवों के बारे में बात भी की। पेट्रोलियम मंत्री ने इंडियन ऑयल अनुसंधान एवं विकास स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जिसके लिए 1500 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं।

 

 

इस अवसर पर   तेली ने कहा कि इंडियन ऑयल के अनुसंधान एवं विकास ने अपने कठिन प्रयासों और उपलब्धियों से अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि वे कम लागत, पर्यावरण-अनुकूल और ग्राहक- अनुकूल समाधान और उत्पादों के जरिये भारत को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कम से कम समय में भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की प्रधानमंत्री की संकल्‍पना को प्राप्त करने में एक सार्थक भूमिका निभाने के लिए कहा।

देश की रक्षा आवश्यकता को पूरा करने के लिए 1972 में स्थापित, इंडियन ऑयल अनुसंधान एवं विकास अब एक विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी समाधान प्रदाता के रूप में उभरा है और एक ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्‍पना में योगदान दिया है। इंडियन ऑयल का आधुनिक अनुसंधान एवं विकास केन्‍द्र एशिया के सर्वश्रेष्‍ठ डाउनस्‍ट्रीम पेट्रोलियम अनुसंधान, विकास और व्‍यावसायिक परिनियोजन में से एक है। इ

डियन ऑयल आर एंड डी विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकियों, रिफाइनिंग प्रोसेस सॉल्यूशंस और अभिनव उत्पादों का विकास कर रहा है। ल्‍यूब्रीकेंट्स, रिफाइनिंग प्रक्रियाओं, पाइपलाइन परिवहन और उत्प्रेरक में पांच दशकों के अग्रणी शोध कार्य के साथ, इंडियन ऑयल की प्रौद्योगिकियों की टोकरी में पेट्रोकेमिकल्स, नैनो टेक्नोलॉजी, हरित ईंधन जैसे जैव ईंधन, हाइड्रोजन और हाइड्रोजन-सीएनजी, सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण उपकरण, बैटरी और कार्बन कैप्चर और उपयोग के डोमेन शामिल हैं।  

अपने अनुसंधान और नवाचार पदचिह्न को और विस्तारित करने के लिए, इंडियन ऑयल एक नए प्रौद्योगिकी विकास और परिनियोजन केंद्र के साथ आ रहा है, जो देश के ऊर्जा परिदृश्य को बदल देगा। यह विश्व स्तर पर सबसे बड़ा और सबसे टिकाऊ नेट जीरो आर एंड डी परिसर होगा। इसमें प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और व्यावसायीकरण पर ध्यान केन्‍द्रित करते हुए, यह वैकल्पिक और अक्षय ऊर्जा, संक्षारण अनुसंधान, नैनो प्रौद्योगिकी और सिंथेटिक जीवविज्ञान में उत्कृष्टता के चार केन्‍द्र होंगे।

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