लोकायुक्त के फैसले की अनदेखी करने वालों पर भी सीएम विंडो ने की कार्रवाई

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@ चंडीगढ़ हरियाणा 

हरियाणा के लोगों की व्यक्तिगत, सामाजिक व सार्वजनिक हित की शिकायतें सुनने व उनका समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा वर्ष 2016 से आरम्भ की गई सीएम विंडो समाधान का एक सरल

आसान व असरदार तरीका सिद्ध हो रहा है क्योंकि ऐसी शिकायतें हल हुई हैं जिनके बारे सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर लोग थक चुके थे और उनके समाधान के बारे सोचना ही बंद कर दिया था।मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल, जो चण्डीगढ़ मुख्यालय से सीएम विंडो पर शिकायतों की निरंतर समीक्षा व मॉनिटरिंग करते आ रहे हैं, के अनुसार, मुख्यमंत्री की यह व्यवस्था लोगों के लिए ‘सरल पहुंच बनी है क्योंकि शिकायतों का फीडबैक नियमित रूप से मुख्यमंत्री स्वयं लेते हैं।

उन्होंने बताया कि कैथल जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कलायत में कार्यरत लिपिक अशोक कुमार रोहिल्ला के विरुद्ध रामगढ़ पांडवा राजमल निरंतर शिकायत कर रहा था कि उक्त कर्मचारी कई प्रकार के भ्रष्टाचार के कार्यों में संलिप्त है यहां तक की शिशु शिक्षा भत्ता जो सरकारी की हिदायतों के अनुसार सरकारी कर्मचारी को दो बच्चों के लिए ही 12वीं कक्षा तक ही मिलता है।

इसके अलावा 15063 शिकायतें पुरानी जो लम्बित चली आ रही है तथा 5559 शिकायतें फिजिबल नहीं पाई गई है।उन्होंने बताया कि सीएम विंडो द्वारा सालों-साल पुरानी लंबित शिकायतों का निपटान कर हरियाणा की जनता के समक्ष अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। जिनकी समाचार पत्रों के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी चर्चा हुई है तथा लोग मुख्यमंत्री कार्यालय का व्यक्तिगत रूप से या पत्र लिखकर आभार भी व्यक्त कर रहे हैं ।

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