माता रानी का मन्दिर, द्वारका, नई दिल्ली, भाग :१३९ , पँ० ज्ञानेश्वर हँस देव की क़लम से

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भारत के धार्मिक स्थल: माता रानी का मन्दिर, द्वारका, नई दिल्ली! भाग :१३९

आपने पिछले भाग में पढ़ा भारत के प्रसिद्ध धार्मिकस्थल : शक्तिपीठ शाकम्भरी देवी माता मन्दिर, सहारनपुर, उत्तरप्रदेश!भारत के धार्मिक स्थल: माता रानी का मन्दिर, द्वारका, नई दिल्ली! भाग :१३९

माता रानी का मन्दिर साँस्कृतिक रुचि के स्थान के कई स्थानों में से एक है, जिसने दैनिक जीवन में अपना महत्व अर्जित किया है! ग्राहकों ने इस स्थान को ४.४ से रेट किया है! सँगठन का आधिकारिक पता है:सेक्टर 1 द्वारका, द्वारका, डी 18 नई दिल्ली, दिल्ली 110045, भारत है!माता रानी का मन्दिर खुलने का समय: प्रातः 0५:00 – ९:00 रात्रि

माता रानी का मन्दिर के साथ हम मन्दिर के बारे में भाव व्यक्त करने के लिए मैं अपनी प्रतिक्रिया में क्या लिखें २०१७ में हमने माँ का ऑडियो वीडियो कैसेट्स निकाला! इस मन्दिर की साज सज्जा देखते ही बनती है! इस मन्दिर के सँस्थापक हैं श्री सञ्जय बिहारी जी!

मेरे भाई सम मित्र जो पूना इंस्टिट्यूट से पासआउट हैं, श्री लव चावला “लव” ने भी माता के एक भजन में अभिनय किया! मेरे पुत्र सम शिष्य पीयूष पवन गोयल ने दो माता की भेँटों में अभिनय किया! मेरे सँगीतकार एवँ गायक मोहम्मद नौशाद मलिक सहारपुरी हैं, जिनकी आवाज़ और अन्दाज़ प्रसिद्ध पार्श्वगायक मोहम्मद रफ़ी से मिलता जुलता है! जिनका भतीजा इन्डियन आइडियल में आज कैप्टन है! मेरी पुत्री सँस्कृति शर्मा ने रूप सज्जा की थी! प्रोडक्शन की मेरे सुनील कुशवाहा ने!

मेरे साथ १००० के करीब एपिसोड्स पिक्चराज़्ड करने वाले गुड्डू चौधरी हैं! प्रमुख गीत कितना तरसाया मुझे, अब तो क़रार दे, गोदी में बिठा के मुझे माँ वाला प्यार दे! गीत पँ० ज्ञानेश्वर हँस देव ने लिखा है!मन्दिर के सड़क पार बड़े बड़े शिव जी माता रानी जी की शोभा बढ़ा रहे हैं!

 

माँ की स्तुति:

महर्षि वेदव्यास द्वारा माँ दुर्गा का यह स्तोत्र इस स्तोत्र का पाठ करने से मनुष्य का हर – संकट कट जाता है! दुर्गादेवीमाँ की कृपा सदैव रहती है!

                                                                              जय भगवति देवि नमो वर दे
                                                                                जय पाप नाशिनि बहुफल दे।
जय शुम्भनिशुम्भ कपालधरे
प्रणमामि तु देवि नरार्तिहरे॥१॥

जय चन्द्र – दिवाकर नेत्र धरे
जय पावक भूषित वक्त्र वरे।
जय भैरवदेहनिलीनपरे जय
अन्धक दैत्य विशोष करे॥२॥

जय महिषविमर्दिनिशूलकरे
जय लोकसमस्तक पापहरे।
जय देवि पितामह विष्णुनते
जय भास्कर शक्रशिरोवनते॥३॥

जय षण्मुख सायुध ईशनुते
जय सागरगामिनि शम्भुनुते।
जय दु:ख दरिद्र विनाश करे
जय पुत्र कलत्रवि वृद्धि करे॥४॥

जय देवि समस्त शरीर धरे
जय नाकविदर्शिनिदु:खहरे।
जय व्याधिनाशिनि मोक्ष करे
जय वाँछितदायिनि सिद्धिवरे॥५॥

एत – द्व्या सकृतं स्तोत्रं य:
पठे – न्नियत: शुचि:।
गृहे – वा शुद्ध भावेन
प्रीता – भगवती सदा॥६॥

 

हवाई मार्ग से माता रानी के मन्दिर कैसे पहुँचें :

आप पालम के इन्दिरगाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे टर्मिनल १ से कैब द्वारा पहुँच जाओगे ५ किलोमीटर की दूरी से १० मिन्ट्स में पहुँच जाओगे माता रानी के मन्दिर!

रेल मार्ग से माता रानी के मन्दिर कैसे पहुँचें :

निकटतम मेट्रो स्टेशन द्वारका सेक्टर १० है! सेक्टर १० उतरकर रेलवे स्टेशन से ३ किलोमीटर की दूरी तय करके ई-रिक्शा से आप १० मिन्ट्स में अथवा कैब से ही आसानी से पहुँच जाओगे माता रानी का मन्दिर!

सड़क मार्ग से माता रानी के मन्दिर कैसे पहुँचें :

दिल्ली से आप अपनी कार से अथवा बस से जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर से आप २५ मिन्ट्स की यात्रा करके १८ किलोमीटर की दूरी तय करके पहुँच जाओगे, माता रानी के मन्दिर!

 

माता रानी की जय हो! जयघोष हो!!

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