महाराष्ट्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और कई नई सड़क परियोजनाएं : नितिन गडकरी

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@ नई दिल्ली

केन्‍द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि निर्माणाधीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग और कई नई सड़क परियोजनाएं महाराष्ट्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी। मुंबई में संकल्‍प से सिद्धि – नया भारत नया संकल्‍प विषय पर सीआईआई द्वारा आज आयोजित सम्‍मेलन में गडकरी ने कहा कि मुंबई को दिल्ली पुणे और बैंगलुरू से जोड़ने के लिए विशाल बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।

1 लाख करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और यह राष्ट्रीय राजधानी और व्‍यावसायिक राजधानी के बीच यात्रा के समय को घटाकर 12 घंटे कर देगा। उन्‍होंने कहा“यह मेरा सपना है कि 50000 करोड़ रुपये के परियोजना परिव्यय से तटीय सड़क और समुद्र-लिंक वसई-विरार और उससे आगे के नेटवर्क के माध्यम से मुंबई में नरीमन पॉइंट से दिल्ली तक निर्बाध सम्‍पर्क स्‍थापित हो। केन्‍द्रीय राजमार्ग मंत्री ने महाराष्ट्र सरकार से परियोजना के लिए आवश्यक स्टील और सीमेंट पर राज्य जीएसटी को माफ करने का अनुरोध किया गया है।

गडकरी ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुणे रिंग रोड के वेस्टरली बाइ पास के माध्यम से मुंबई से बैंगलोर तक सीधा सड़क सम्‍पर्क बनाने की योजना के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि सड़क जोड़ने की योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है और काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। उन्‍होंने यह भी बताया कि नई पुणे-औरंगाबाद सड़क को जोड़ने की योजना बनाई गई है जो दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को घटाकर केवल 2 घंटे कर देगी।

गडकरी ने सम्‍मेलन में भी मौजूद महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे से भूमि अधिग्रहण के कार्य को सक्रियता से हाथ में लेने के लिए कहा। उन्‍होंने सुझाव दिया कि नवी मुंबई की तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार को पुणे और औरंगाबाद के पास नई सड़कों के साथ नए टाउन शिप बनाने की योजना बनानी चाहिए। केन्‍द्रीय राजमार्ग मंत्री ने यह भी बताया कि सूरत-नासिक-अहमदनगर-सोलापुर को जोड़ने वाली नई सड़क उत्तर भारत से दक्षिण की ओर जाने वाले 50 प्रतिशत यातायात को डायवर्ट करेगी जिसके परिणामस्वरूप ठाणे मुंबई और पुणे में वायु प्रदूषण में पर्याप्त कमी आएगी।

आर्थिक विकास में बुनियादी ढांचे के महत्व पर जोर देते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि भारत का 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का सपना महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण योगदान के बिना साकार नहीं हो सकता है। उन्‍होंने कहा “महाराष्‍ट्र भारत की अर्थव्‍यवस्‍था का विकास इंजन है और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के सपने को हकीकत में बदलने के लिए राज्य को सभी क्षेत्रों- कृषि उद्योग और सेवाओं में प्रमुख योगदान देना होगा।

गडकरी ने कहा चीनी उद्योग ने महाराष्ट्र की समृद्धि में योगदान दिया है। अतिरिक्‍त चीनी के मुद्दे को हल करने के लिए अब हम पेट्रोल के समान कैलोरी मान के साथ इथेनॉल को ईंधन के रूप में बढ़ावा दे रहे हैं। राजमार्ग मंत्री ने कहा कि इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के फरीदाबाद स्थित अनुसंधान और विकास केन्‍द्र ने यह प्रमाणित किया है कि इथेनॉल से पेट्रोल के समान औसत प्राप्त करना संभव है। 

गडकरी ने लोगों से भविष्य में इथेनॉल को पसंदीदा ईंधन के रूप में उपयोग करने का आग्रह किया विशेष रूप से इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि अगले महीने से फ्लेक्स इंजन वाहन उपलब्ध होने लगेंगे। उन्होंने कहा कि पेट्रोल के लिए 115 रुपये प्रति लीटर की तुलना में 64 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्‍ध होने वाला इथेनॉल आम आदमी के लिए बेहद किफायती ईंधन साबित होगा।

राजमार्ग मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र वैकल्पिक ईंधन जैसे इथेनॉल मेथनॉल बायो-डीजल बायो सीएनजी बायो एलएनजी और ग्रीन हाइड्रोजन आदि को बढ़ावा देकर पेट्रोल की खपत को कम करने में अग्रणी राज्य बन सकता है। गडकरी ने मुंबई और पुणे में सार्वजनिक परिवहन के लिए इलैक्‍ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की सराहना की और ट्रॉली बसों को शुरू करने की संभावना तलाशने का सुझाव दिया जो इंट्रा-सिटी परिवहन के लिए किफायती हैं।

गडकरी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्‍पना को साकार करने के लिए एक एकीकृत सोच की आवश्यकता है। उन्‍होंने कहा कि रोजगार की संभावना बढ़ाने के लिए औद्योगिक निवेश आवश्यक है जबकि गरीबी उन्मूलन के लिए कृषि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की जरूरत है।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में 15 औद्योगिक कॉरिडोर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और उसने उद्योग समर्थक इको-सिस्टम बनाने के लिए केन्‍द्र के साथ काम करने का वादा किया है।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के बारे में उप मुख्यमंत्री देवेन्‍द्र फडणवीस ने कहा यह प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का सपना है। कुछ कारणों से महाराष्ट्र पीछे रह गया जबकि गुजरात ने बुलेट ट्रेन के लिए तेजी से काम किया। लेकिन हमने मुकाबला करने का फैसला किया है क्योंकि यह सिर्फ एक बुलेट ट्रेन नहीं है बल्कि परिवहन के एक नए चरण की शुरुआत है।

विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने आजादी के बाद से सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में अच्छी प्रगति की है और कहा सभी की भलाई के लिए आर्थिक विकास आधार बन जाता है। लेकिन समान रूप से या अधिक महत्वपूर्ण है मानसिकता में बदलाव। संकल्प से सिद्धि सम्मेलन का आयोजन केन्‍द्रीय संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से सीआईआई और इंडिया @75 फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

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