महावीर हनुमान मन्दिर पटना, बिहार भाग:३२१,पँ० ज्ञानेश्वर हँस “देव” की क़लम से

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महावीर हनुमान मन्दिर, पटना, बिहार भाग:३२१

आपने पिछले भाग में पढ़ा होगा भारत के धार्मिक स्थल : माँ जगदम्बा मन्दिर, नरौली, करौटा, बख्तियारपुर, पटना, बिहार! यदि आपसे उक्त लेख छूट गया या रह गया हो तो आप कृपया करके प्रजा टूडे की वेब साईट पर जाकर www.prajatoday.com धर्मसाहित्य पृष्ठ पढ़ सकते हैं! आज हम प्रजाटूडे समाचारपत्र के अति-विशिष्ट पाठकों के लिए लाए हैं:

भारत के धार्मिक स्थल : महावीर हनुमान मन्दिर, पटना, बिहार भाग:३२१

पाठकों को शारदीय नवरात्रि पर माँ नवदुर्गा देवी के पावन समापन दिवस की और दशहरे के पावन पर्व की हार्दिक बधाइयाँ, प्रभु राम जी आपके सकल मनोरथ पूर्ण करे! जय श्री राम!!

बिहार की राजधानी पटना शहर में स्थित महावीर हनुमान मंदिर बेहद प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है। ऐसी मान्यता है, कि यहां महावीर हनुमान साक्षात मौजूद है। मान्यता के अनुसार भगवान की मूर्ति के ठीक पीछे वाले हिस्से में कोई भी मन्नत मांगने से पूर्ण होती है। यह मन्दिर पटना रेलवे स्टेशन के ठीक बगल में मौजूद है। भारत में इस मन्दिर में काफी चढ़ावा चढ़ता है। यहां प्रसाद के रूप में लड्डू चढ़ाया जाता है। सन् 1948 ईस्वी को पटना उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार मन्दिर अनादि काल से मौजूद है।

महावीर मन्दिर का इतिहास:

महावीर मन्दिर, पटना देश में अग्रणी हनुमान मन्दिरों में से एक है। हज़ारों भक्तों ने श्री हनुमानजी की आराधना और मन्दिर की यात्रा की। यह एक मनोकामना मन्दिर है, जहां भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है, और यह मन्दिर में भक्तों की बढ़ती संख्या का कारण है। सन् १९४८ ईस्वी को पटना उच्च न्यायालय ने इसे सार्वजनिक मन्दिर घोषित कर दिया। नए भव्य मन्दिर का विनिर्माण सन् १९८३ ईस्वी से सन् १९८५ ईस्वी के बीच माननीय आचार्य किशोर कुणाल और उनके भक्तो के योगदान से किया गया था, और वर्तमान में ये देश के विश्व प्रसिद्ध मन्दिरों में से एक है।

मन्दिर में श्री हनुमान जी की दो युग्म प्रतिमाएं एक साथ हैं, पहली परित्राणाय साधूनाम् जिसका अर्थ है अच्छे व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए और दूसरी विनाशाय च दुष्कृताम् जिसका अर्थ है दुष्ट व्यक्तियों की बुराई दूर करने के लिए। अनूठा है पटना का महावीर मन्दिर, युग्म प्रतिमाओं के दर्शन से पूरी होती है मनोकामना अनूठा है पटना का महावीर मन्दिर, युग्म प्रतिमाओं के दर्शन से पूरी होती है मनोकामना देश के अग्रणी हनुमान मन्दिरों में से एक पटना के महावीर मन्दिर को मनोकामना मन्दिर माना जाता है, जहां हनुमान जी की युग्म प्रतिमाएं हैं। पटना रेलवे स्टेशन के निकट स्थित महावीर मन्दिर देश में अग्रणी अनूठा है पटना का महावीर मन्दिर, युग्म प्रतिमाओं के दर्शन से पूरी होती है मनोकामना।

मनोकामना सिद्ध मन्दिर :

देश के अग्रणी हनुमान मन्दिरों में से एक पटना के महावीर मंदिर को मनोकामना मंदिर माना जाता है, जहां हनुमान जी की युग्म प्रतिमाएं हैं। पटना रेलवे स्टेशन के निकट स्थित महावीर मन्दिर देश में अग्रणी हनुमान मन्दिरों में से एक है। इस मंदिर की ख्याति देश-विदेश में मनोकामना पूरी करने वाले मन्दिर के रूप में है, जहां भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। नए भव्य मन्दिर का जीणोर्द्धार साल १९८३ से १९८५ के बीच किया गया।

इस मन्दिर में रामभक्त हनुमान जी की युग्म प्रतिमाएं एक साथ हैं। पहली ‘परित्राणाय साधूनाम्’ जिसका अर्थ है अच्छे व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए और दूसरी ‘विनाशाय च दुष्कृताम्’ जिसका अर्थ है दुष्ट व्यक्तियों की बुराई दूर करना है। यह हिन्दुओं की आस्था का सबसे बडा केंद्र माना जाता है। इस मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु हुमानजी की पूजा-अर्चना करने आते है। यह उत्तर भारत का सबसे प्रसिद्ध मंदिर भी माना जाता है। महावीर मन्दिर का क्षेत्रफल करीब १० हजार वर्ग फुट है। मन्दिर परिसर में आगंतुकों और भक्तों की सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद है।मन्दिर परिसर में प्रवेश करने के पश्चात बायीं तरफ एक चबूतरे पर सीढ़ियों की श्रृंखला है, जो गर्भगृह की ओर जाती है।

महावीर मन्दिर की कथा-

मन्दिर की पहली मन्ज़िल पर देवताओं के चार गर्भगृह हैं। इनमें से एक भगवन राम का मन्दिर है, जहां से इसका प्रारंभ होता है। राम मन्दिर के पास भगवान कृष्ण का चित्रण किया गया है, जिसमें वे अजुर्न को धमोर्पदेश दे रहे है। इससे अगला देवी दुर्गा का मन्दिर है। इसके बाद भगवान शिव, ध्यान करती माँ पार्वती और नंदी-पवित्र बैल की मूर्तियां हैं जो लकड़ी के कटघरे में रखी गयी हैं। लकड़ी के कटघरे में शिव जी के ज्योतिर्लिंग को स्थापित किया गया है। इस मन्ज़िल पर एक अस्थायी राम सेतु भी मौजूद है। इस सेतु को कांच के एक पात्र में रख गया है जिसका वजन करीब १५ किलोग्राम है। जिस तरह रामसेतु के पत्थर समुद्र की लहरों पर तैर रहे थे उसी तरह रामसेतु का टुकड़ा भी यहां पानी में तैर रहा है।

अनुष्ठान हेतु प्रतिबद्ध दूसरा तल:

मन्दिर की दूसरी मन्ज़िल का प्रयोग अनुष्ठान प्रयोजन के लिए किया जाता है। इस मन्ज़िल पर रामायण की विभिन्न दृश्यों का चित्र प्रदर्शित किया गया है। महावीर मंदिर एक और विशेषता इसका प्रसाद “नैवेद्यम” है, जिसे तिरुपति और आंध्र प्रदेश के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया जाता है। इस प्रसाद में बेसन, चीनी, काजू, किशमिश, हरी इलायची, कश्मीरी केसर समेत अन्य सामग्री डालकर घी में पकाया जाता है और गेंद के आकार में बनाया जाता है।

श्रीराम नैवेद्यम :

महावीर मन्दिर का नैवेद्यम लड्डुओं का पर्याय है, जिसे हनुमान जी को अर्पित किया जाता है। संस्कृत भाषा में नैवेद्यम का अर्थ है देवता के समक्ष खाद्य सामग्री अर्पित करना। मन्दिर में पूरे साल भक्तों की भारी भीड़ रहती है लेकिन रामनवमी के मौके पर बड़ी संख्या में लोग दूर-दूर से आते है और रामनवमी के अवसर पर महावीर मन्दिर में भगवान राम, सीता, लक्ष्मण सहित हनुमान जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है।

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए रामनवमी के मौके पर निकलने वाली शोभा यात्रा को पिछले साल स्थगित कर दी गई है। वहीं, मन्दिर परिसर पुन: खुलने की घोषणा तक नैवेद्यम वितरण एवँ सभी पूजा कोरोना के दायरे में होता है!

वर्तमान में महावीर मन्दिर पटना की व्यवस्था :

महावीर मन्दिर, पटना “सुरक्षा गार्ड” के पद के लिए योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित करता है। आवश्यकता है चिकित्सक (डॉक्टर्स) एवँ अन्य चिकित्सीय स्टाफ़;विशाल नाथ अस्पताल कोन्हारा घाट, हाजीपुर विशाल नाथ अस्पातल, कोनहरा घाट, हाजीपुर के लिए डिजिटल एक्स-रे से संबंधित निम्नलिखित मदों के लिए मुहरबंद निविदाएं आमंत्रित की जाती हैं।

आमंत्रण:-

श्री महावीर स्थान न्यास समिति, पटना की ओर से पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया के निकट कैथवालिया गांव में विराट रामायण मंदिर निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित की जाती हैं. इस काम पर १३२ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

श्रवण कुमार पुरस्कार के लिए अब ३० अप्रैल तक आवेदन दिए जा सकते हैं। पहले ३१मार्च २०२३ तक ही आवेदन लिए जाने थे। धार्मिक स्थलों को खोले जाने के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के निर्णय के आलोक में पटना का प्रसिद्ध महावीर मन्दिर सोमवार फ़रवरी ०७ २०२२ से दर्शन के लिए खुला हुआ है। शनिवार को सुबह पाँच बजे मन्दिर खुलते ही भक्तों का प्रवेश शुरू हुआ। महावीर मन्दिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण चिड़ियाघर, वॉटर-पार्क आदि सार्वजनिक स्थलों पर आम लोगों का प्रवेश प्रतिबन्धित होने के कारण महावीर मन्दिर में भक्तों की भीड़ ज्यादा होने की संभावना हुई ततपश्चात कोविड नियमावली अनुसार मास्क लगाना अब भी चालू है!

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के महावीर संस्थान को पूर्ण या अंशकालिक आधार (वेतन परक्राम्य) पर योग्य समर्पित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (डीएम) की आवश्यकता होती है। कोरोना मरीजों को निःशुल्क परामर्श-महावीर मन्दिर की ओर से डॉक्टरों की सूची मोबाइल नंबर के साथ जारी महावीर आरोग्य संस्थान, पटना में ४० बेड का कोविड अस्पताल शुरू किया गया था! महावीर मन्दिर की ओर से बेगुसराय में कोविड डेडिकेटेड अस्पताल पार्थिव शरीर वाहन की निःशुल्क सुविधा कोरोना मरीजों के लिए महावीर मन्दिर फ्री एंबुलेंस और अंतिम यात्रा सेवा महावीर मंदिर के प्रसाद के पैसे से होता है, कैंसर का ईलाज १ करोड़ रुपए की सहयोग राशि कोरोना वायरस की विभीषिका को समूल नष्ट करने एवं ग़रीबों को भोजन सुलभ कराने की सरकारी योजना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दिया है। महावीर मन्दिर देश के प्रमुख मन्दिरों में क्यों माना जाता हैं?

अस्वीकरण :

“महावीर मन्दिर भक्तों को एक विनम्र सूचना :- यह पाया गया है कि कुछ फर्जी अनधिकृत वेबसाइट और फेसबुक पेज हैं जो महावीर मन्दिर के नाम का उपयोग कर रहे हैं और दान एकत्र कर रहे हैं। श्री महावीर स्थान न्यास समिति का ऐसे धोखाधड़ी वाले स्थलों या संगठनों से कोई संबंध नहीं है। अनूठा है पटना का महावीर मंदिर, युग्म प्रतिमाओं के दर्शन से पूरी होती है मनोकामना अनूठा है पटना का महावीर मंदिर, युग्म प्रतिमाओं के दर्शन से पूरी होती है मनोकामना देश के अग्रणी हनुमान मन्दिरों में से एक पटना के महावीर मंदिर को मनोकामना मंदिर माना जाता है, जहां हनुमान जी की युग्म प्रतिमाएं हैं। पटना रेलवे स्टेशन के निकट स्थित महावीर मन्दिर देश में अग्रणी अनूठा है पटना का महावीर मंदिर, युग्म प्रतिमाओं के दर्शन से पूरी होती है मनोकाम

महावीर मन्दिर का नैवेद्यम लड्डुओं का पर्याय है, जिसे हनुमान जी को अर्पित किया जाता है। संस्कृत भाषा में नैवेद्यम का अर्थ है देवता के समक्ष खाद्य सामग्री अर्पित करना। मन्दिर में पूरे साल भक्तों की भारी भीड़ रहती है लेकिन रामनवमी के मौके पर बड़ी सँख्या में लोग दूर-दूर से आते है और रामनवमी के अवसर पर महावीर मन्दिर में भगवान राम, सीता, लक्ष्मण सहित हनुमान जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए रामनवमी के मौके पर निकलने वाली शोभा यात्रा को इस साल स्थगित कर दी गई है। वहीं, मन्दिर परिसर पुन: खुलने की अगली घोषणा तक नैवेद्यम वितरण एवं सभी पूजा तत्काल रूप से स्थगित कर दी गई है।

पता:

महावीर हनुमान मन्दिर
निकट : पटना जंक्शन रेल्वेस्टेशन, बुद्ध विहार,
फ्रेशर रोड़ एरिया, पटना,
बिहार, पिनकोड: 800001

शहर में ऑटो, बस और निजी वाहन। पटना का सबसे व्यस्त स्थान होने के कारण अक्सर वाहन पार्क करने में समस्या होती है। इस समस्या का एक समाधान है। मन्दिर पार्किंग क्षेत्र का उपयोग उसी के लिए किया जा सकता है।

कहाँ रहा जाए ?

पटना शहर में ठहरने के लिए कई जगह हैं। इस शहर में बहुत सारे निजी संगठन के साथ-साथ होटल भी हैं। यात्री के बजट के अनुसार नाममात्र शुल्क वाले 5-सितारा होटल के साथ-साथ होटल भी हैं। होटलों के शुल्क बहुत मामूली हैं क्योंकि वे ग्राहकों की जरूरतों और मांगों को ध्यान में रखते हैं। होटल चाणक्य, होटल पनाचे आदि जैसे होटल हैं। ये होटल बहुत ही स्वच्छ हैं और इनमें स्वच्छ और स्वादिष्ट भोजन जैसी विभिन्न सुविधाएं हैं। वे अपने ग्राहकों को वाईफाई की सुविधा भी प्रदान करते हैं|

श्री महावीर हनुमान जी स्तुति :

नमो केसरी पूत महावीर वीरं, मंङ्गलागार रणरङ्गधीरं।

कपिवेष महेष वीरेश धीरं, नमो राम दूतं स्वयं रघुवीरं।

नमो अञ्जनानंदनं धीर वेषं, नमो सुखदाता हर्ता क्लेशं।

किए काम भगतों के तुमने सारे, मिटा दुःख दारिद संकट निवारे।

सुग्रीव का काज तुमने संवारा, मिला राम से शोक संताप टारा।

गये पार वारिधि लंका जलाई, हता पुत्र रावण सिया खोज लाई।

सिया का प्रभु को सभी दुःख सुनाया, लखन पर पड़ा कष्ट तुमने मिटाया।

सभी काज रघुवर के तुमने संवारे, सभी कष्ट हरना पड़े तेरे द्वारे।

कहे दास तेरा तुम्हीं मेरे स्वामी, हरो विघ्न सरे नमामी नमामी।

हवाई मार्ग से कैसे पहुँचें :

आप पटना के जयप्रकाश नारायण हवाईअड्डे से कैब द्वारा पहुँच सकते हैं, महावीर हनुमान मन्दिर! वायुमार्ग से महावीर मन्दिर पटना सिर्फ ६ किलोमीटर दूर है हवाई अड्डे से।

लोहपथगामिनी मार्ग से कैसे पहुँचें :

रेल द्वारा महावीर हनुमान मन्दिर, पटना रेलवे स्टेशन के बगल में स्थित है। यही कारण है कि कोई भी व्यक्ति बिना किसी कठिनाई के सीधे मन्दिर पहुंच सकता है।कई श्रद्धालु तो पैदल ही पहुँच जाते हैं महावीर हनुमान मन्दिर।

रेलवे स्टेशन के पास पटना जँक्शन से थोड़ी सी दूर है। यहाँ हर मंगलवार और शनिवार को बहुत सारे लोग हनुमान जी की पूजा करने आते हैं, यह मन्दिर बहुत पुराना है और देश भर में प्रसिद्ध है। लोग मनोकामना को पूरा करने के लिए यहाँ आते हैं! श्री राम दूत हनुमान जी को अपनी सभी अपनी इच्छा साझा करते हैं हनुमान जी सबकी मनोकामनाएँ अवश्य पूर्ण करते हैं!

सड़क मार्ग से कैसे पहुँचें :

दिल्ली के ISBT से आप अपनी कार बाइक या बस से आते हैं तो NH : आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे तथा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे द्वारा आप १०५०.३ किलोमीटर की यात्रा करके १७ घण्टे १६ मिनट्स में पहुँच सकते हैं महावीर हनुमसन जी मन्दिर।

महावीर हनुमान जी की जय हो। जयघोष हो।।

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