मुझे गर्व है ,मैं हिंदू कॉलेज दिल्ली से स्नातक हूं : राजीव गुप्ता

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प्रजा दत्त डबराल @ नई दिल्ली

मनुष्य कड़ी मेहनत और अपनी सच्ची लगन से किए गये अपने कार्यो को इतना अधिक ऊंचा कर लेता है कि,समाज में उसे और उसके काम को मान-सम्मान और ख्याति मिलनी निच्चित होती है, साथ ही वो कभी-कभी दूसरे लोगों के लिए मार्ग दर्सक भी बन जाते हैं। ऐसी ही शख्यितों में एक नाम सामने उबर कर आता है, वो है वरिष्ठ लेखक, निर्माता- निर्देशक राजीव गुप्ता का, कहा जाता है की सच्ची लगन और कठोर परिश्रम से ही सफलता मिलती है। सफलता की इबादत की कहानी कुछ लोग अपने मेहनत,अपने बल और अपने दम पर लिखते हैं।

हर इंसान अपने जीवन में सफलता पाना चाहता है लेकिन सही मायने में सफलता कुछ गिने चुने लोगों को ही अपने जीवन में मिलती है। पूर्ण संघर्ष एवं कुछ कर गुजर जाने के हौसले को वक्त-वक्त पर सम्मान भी जरूर मिलना चाहिए।आपको बता दें कि राजीव गुप्ता किसी भी मनुष्य की मदद करने में पीछे नहीं हटते तन मन और सब से विशेषकर धन से उन्होंने बहुत लोगों की मदद की हैं ,उनमें से एक है राजीव गुप्ता।

आपको बता दें कि राजीव गुप्ता ने अभी तक लगभग 10,000 से ऊपर टीवी सीरियल, डॉक्यूमेंट्री,वीडियो-ऑडियो स्पॉट , रेडियो सीरियल और कॉर्पोरेट फिल्म लिख चुके हैं। उनके ऊपर सरस्वती मां का आशीर्वाद है, उनकी पत्नी भी उनका पूरा सहयोग करती है लेखन में।

हिन्दू कॉलेज द्वारा चलाए गए मीडिया लेखन कोर्स का आठवां सत्र शुक्रवार को मुख्य वक्ता राजीव गुप्ता के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।उन्होंने अपना ग्रेजुएशन दिल्ली के हिंदू कॉलेज से ही किया। इस सत्र में मुख्य रूप से लघुकथा और पटकथा लेखन पर चर्चा की गई। राजीव गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि टीवी लेखन करते समय हमे सात महत्त्वपूर्ण बातो को ध्यान में रखना चाहिए जिनमे विजुलाइजेशन, ध्वनि प्रभाव, संवाद, पात्रानुकूल भाषा, सृजनात्मकता आदि शामिल है।

इसके अलावा उन्होंने न्यूज़ लेखन, टीवीसी, डॉक्यूमेंट्री, साक्षात्कार,वॉइस ओवर, विज़ुअल्स, मल्टी-कैमरा सेटअप, एडिटिंग आदि के बारे में भी छात्रों को जानकारी दी। अंतिम पन्द्रह मिनट में छात्रों द्वारा पूछे गए प्रश्नों को जवाब देकर उन्हें सन्तुष्ट किया।

बलराम पटेल ने मंच संचालक की भूमिका निभाई और सत्र के अंत मे मनीष कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया। इस सत्र के दौरान कोर्स के संयोजक प्रो. हरींद्र कुमार, संयोजिका प्रो. अनीता राजपाल और सह संयोजक प्रो. सुनील जोशी भी मौजूद रहे।

मिलनसार ,हेल्पफुल और हंसमुख स्वभाव के राजीव बताते हैं,अपनी मेहनत और अपने परिवार का खास तौर से अपनी पत्नी सीमा गुप्ता का पूरा -पूरा योगदान मानते है। उनकी एक बेटिया भी है ,वह मानते है की किसी भी कार्य में फैमिली के स्पोट के बिना कार्य करना या सफल होना संभव नहीं होता और मेरी फैमिली मुझे पूरा सपोर्ट करती  है ।

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