मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक

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@ जयपुर राजस्थान

मुख्य सचिव मती उषा शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को यहां शासन सचिवालय में राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना-2019 के अन्तर्गत गठित राज्य स्तरीय अनुप्रवर्तन समिति की बैठक आयोजित हुर्र्ई।बैठक में मुख्य सचिव ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए, ऋण माफी पोर्टल की सेवाएं और बेहतर बनायी जाये। उन्होंने राज्य के कृषकों हित में ऋण माफी पोर्टल की सेवाओं को और अधिक सुचारु बनाया जाए।
 
सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के आदेशानुसार सहकारी बैंकों के लिए निर्धारित पात्रता के तहत पात्र पाए गए ऋणी कृषकों का 30 नवम्बर 2018 की स्थिति में समस्त अल्पकालीन फसली ऋण माफ किया गया है।उन्होंने बताया कि 22 मार्च 2022 तक सहकारी बैंकों द्वारा 20.72 लाख कृषकों को 7828.52 करोड़ रुपये का अल्पकालीन फसली ऋण माफी की गई है।
 
बैठक में प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि इस योजना के तहत ऋण माफी हेतु पात्र कृषकों की सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड की जाती है। पात्र कृषकों को पोर्टल पर आधार अभिप्रमाणन पश्चात सहकारी बैंकों द्वारा ऋण माफी प्रमाण पत्र जारी कर ऋण माफी का लाभ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस योजना में के तहत बैंकों द्वारा पोर्टल पर अल्पकालीन ऋण के अपलोड कुल पात्र 21,54,191 कृषकों में से 20,72,864 कृषकों को आधार आधारित अभिप्रमाणन पश्चात ऋाण माफी प्रदान कर प्रमाण पत्र जारी किये जा चुके हैं।
 
प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणानुसार केन्द्रीय सहकारी बैंकों एवं भूमि विकास बैंकों के लघु एवं सीमान्त कृषकों के 2 लाख रुपये तक के अवधिपार ऋण खाते में बकाया समस्त मध्यकालिन व दीर्घकालिन ऋण राशि माफ करने के लिए राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना, 2019 अनुमोदित की गई थी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 22 मार्च 2022 तक 32,121 कृषकों को 360.34 करोड़ रुपये की ऋण माफी की गई है।
 
कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत 28,548 कृषकों के कुल 223.41 करोड़ रुपये के 2 लाख तक के ऋण एवं 4,004 कृषकों के 138.34 करोड़ रुपये के 2 लाख से अधिक के ऋण माफ किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पात्र 104 प्रकरणों में  3.40 करोड़ रुपये की ऋण माफी किया जाना लम्बित है।
 
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि प्रशासनिक सुधार विभाग के आदेशानुसार रजिस्ट्रार, सहकारी समितियाँ की अध्यक्षता में राज्य में ऋण माफी योजना के कोर्डिनेशन हेतु एक कमेटी गठित की गई, जिसकी तक 3 बैठकें आयोजित हो चुकी हैं। इस कार्य को सचिव, आयोजना विभाग द्वारा किया जा रहा है। बैठक में इस कमेटी का अध्यक्ष सचिव, आयोजना को बनाए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
 
बैठक में वर्चुअल माध्यम से राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव आनंद कुमार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव आलोक गुप्ता, आयोजना विभाग के सचिव नवीन जैन सहित अन्य अधिकारी भी जुडे़। 
 

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