प्रौद्योगिकी से भ्रष्टाचार मुक्त और रिसाव मुक्त लोकतंत्र संभव हुआ है : राजीव चंद्रशेखर

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@ नई दिल्ली

हम बड़ी क्षमता वाले देश हैं, लेकिन हमारी क्षमता की तुलना में हमने हमेशा कम प्रदर्शन किया है, ऐसा अक्सर सामान्य तौर पर कहा जाता रहा है। लेकिन यदि हम वर्ष 2020-21 में तेज बदलाव को देखें तो कोई यह देख सकता है कि भारत के बारे में सदियों पुराने आख्यानों को प्रौद्योगिकी ने कैसे बदल दिया है। यह बात बेंगलुरू में आज केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कही।

केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने द एडवोकेट्स एसोसिएशन, बेंगलुरु द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में ‘उच्च न्यायालय, बेंगलुरु में कानूनी पेशेवरों के लिए न्याय के वितरण में नवीनतम तकनीक’ विषय पर मुख्य भाषण देते हुए कहा कि लोकतंत्र का मतलब ही ऐसी छिद्रयुक्त सरकार है जिसमें कई दरारें हैं।

पिछले छह वर्षों में वर्तमान सरकार ने विशुद्ध रूप से प्रौद्योगिकी के आधार पर एक ढांचा तैयार किया है जिससे लाभार्थी के नाम पर जारी किया गया हर पैसा बिना किसी देरी या बिना किसी लीक के सीधे उनके खाते में पहुंच जाता है।

 

केंदीय मंत्री ने कोविड महामारी से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने और कोविड प्रेरित लॉकडाउन के दौरान कर्नाटक उच्च न्यायालय के प्रयासों को मानते हुए संकटों के बीच न्याय सुनिश्चित करने के लिए वर्चुअल सुनवाई में तेजी लाने के उद्देश्य से समय पर प्रौद्योगिकी को अपनाने और उसका उपयोग करने के लिए सराहना की।गणमान्य लोगों में से एक न्यायमूर्ति आलोक अराधे ने विस्तार से बताया कि महामारी के दौरान बदली स्थिति के अनुसार न्यायपालिका कैसे बदली। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका ने प्रौद्योगिकी को अपनाया है और न्याय देने की प्रक्रिया में इसका व्यापक रूप से उपयोग किया है।

इस अवसर पर मौजूद कर्नाटक सरकार में लघु सिंचाई, कानून, संसदीय कार्य और विधान मंत्री जे सी मधुस्वामी ने कहा कि हमें स्थिति के अनुसार बदलना होगा। हमें नवीनतम तकनीकों पर उपलब्ध ज्ञान का उपयोग करना होगा और पुस्तकालयों को, विशेष रूप से न्यायपालिका में, डिजिटल बनाना होगा।उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के विकास और कानून के साथ इसके उपयोग के बारे में नवीनतम जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामलों का शीघ्र निपटान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

द एडवोकेट्स एसोसिएशन, बेंगलुरु के अध्यक्ष विवेक सुब्बारेड्डी ने अपने संबोधन में तकनीकी सुविधा की कमी के कारण अधिवक्ताओं के सामने आने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया और जहां भी संभव हो सभी अदालतों में अधिवक्ताओं के लिए सह-कार्यस्थल के लिए अनुरोध किया। इस कार्यक्रम में एसोसिएशन के महासचिव टी जी रवि ने स्वागत भाषण दिया।

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