प्रदेश में 2 अक्टूबर से शुरू होगा ‘कोरोना के विरूद्ध जन आंदोलन’ जीवन बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, सभी मिलकर अभियान को सफल बनाएं : मुख्यमंत्री

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संवाददाता : जयपुर राजस्थान

      मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना संक्रमण से लोगों का जीवन बचाने के लिए सभी को अपना फर्ज निभाते हुए 2 अक्टूबर से शुरू हो रहे ‘कोरोना के विरूद्ध जन आंदोलन’ को सफल बनाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण को नियंत्रण में रखने में अभी तक जो कामयाबी मिली है उसे बरकरार रखने के लिए राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर सभी दलों के नेता, जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक इस जन आंदोलन में पूरी भागीदारी निभाएं।
 
श्री गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री निवास से वीसी के माध्यम से विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों से जन आंदोलन को लेकर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में जन आंदोलन को प्रभावी हथियार बनाने का संकल्प लें और साथ मिलकर इस आंदोलन को कामयाब बनाएं। उन्होंने कहा कि कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ी तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की शुरूआत से ही राज्य सरकार की अप्रोच सभी को साथ लेकर चलने की रही है। शुरूआती दौर में राजनीतिक दलों के नेताओं, धर्मगुरूओं, सामाजिक संगठनों, एनजीओ एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों से वीसी के माध्यम से चर्चा कर राज्य सरकार ने कोरोना से निपटने की रणनीति बनाई और हर व्यक्ति ने संक्रमण रोकने में अपनी भागीदारी निभाई। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर से चलाया जाने वाला जन आंदोलन कोई राजनीतिक अभियान नहीं बल्कि कोरोना के खिलाफ एक गैर-राजनीतिक अभियान है जिसमें सभी का सहयोग जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी के साथ हो रही लगातार चर्चा से जो सकारात्मक माहौल बना है वह इस जंग को जीतने तक बना रहेगा। 
 
 
गहलोत ने कहा कि जीवन बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान लोगों को मास्क बांटे जाएंगे। सभी मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे।
 
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र को मजबूत बनाते हुए राजस्थान में सभी दलों के नेता एवं जनप्रतिनिधि इस जन आंदोलन में भागीदारी निभा रहे हैं इसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के विरूद्ध इस जन आंदोलन की सफलता पूरे देश के समक्ष एक उदाहरण पेश करेगी। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए आमजन को कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक करें।
 
पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने सभी दलों के जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद कायम रखने के लिए मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण अभी सबसे खतरनाक दौर में है। ऎसे में राजनीति एवं पार्टी हितों से ऊपर उठकर सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि ऎसे कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं हों जिनमें ज्यादा लोगों के आने से संक्रमण बढ़ने की आशंका हो। उन्होंने कहा कि समाज में प्रभाव रखने वाले लोगों को कोरोना से बचाव का संदेश देने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने चाहिए जिससे जागरूकता बढ़ेगी।
 
जन आंदोलन के नोडल विभाग नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग के मंत्री श्री शांति धारीवाल ने कहा कि 2 अक्टूबर से शुरू हो रहे कोरोना के विरूद्ध जन आंदोलन में शुरूआती दौर में 11 जिला मुख्यालयों पर जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा जिसे बाद में अन्य जिलों में भी चलाया जाएगा। इसके तहत एक करोड़ मास्क आमजन को बांटे जाएंगे। जरूरत पड़ने पर और भी मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे। शहरी क्षेत्र को दस भागों में बांटकर जागरूकता का काम किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि अभियान को सभी मिलकर सफल बनाएं।
 
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संक्रमण को नियंत्रण में रखने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में रिकवरी रेट 84 प्रतिशत है जबकि मृत्यु दर न्यूनतम है। 6 मेडिकल कॉलेज सहित सात स्थानों पर प्लाज्मा थैरेपी की सुविधा है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत पोस्टर, बैनर, स्टीकर एवं होडिर्ंग लगाकर जन जागरूकता फैलाई जाएगी। चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि अगले एक माह तक कोई भी बिना मास्क घर से बाहर नहीं निकले हम सभी यह संकल्प लें। 
 
नेता प्रतिपक्ष श्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि लक्ष्य तय कर संक्रमण को नियंत्रित करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। जनप्रतिनिधियों, सरकारी कर्मचारियों को भी सारे हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना करने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्रचार-प्रसार में पूरा सहयोग दिया जाएगा। 
 
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं शिक्षा राज्यमंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि इस जन आंदोलन के माध्यम से आमजन को जागरूक करने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। सभी कार्यकर्ता, नेता, सांसद एवं विधायक दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आमजन के प्रति अपना कर्तव्य निभाएंगे।
 
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी आश्वस्त किया कि कोरोना के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान में उनकी पार्टी की ओर से मास्क वितरण सहित अन्य कार्यों में यथोचित सहयोग दिया जाएगा। 
 
प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री अखिल अरोरा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। स्वायत्त शासन विभाग के सचिव श्री भवानी सिंह देथा ने विभाग द्वारा अभियान संचालन के लिए की गई तैयारियों के बारे में बताया। 
 
वीसी के दौरान ऊर्जा एवं जलदाय मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा, परिवहन मंत्री श्री प्रताप सिंह खाचरियावास सहित राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 
 
कोरोना के विरूद्व जन आन्दोलन की रूपरेखा
 
इस अभियान का नोडल विभाग नगरीय विकास विभाग होगा। सरकार के पांच विभाग- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय विकास विभाग, उच्च व तकनीकी शिक्षा, स्कूल शिक्षा तथा युवा एवं खेल मंत्रालय विभाग के समन्वित प्रयासों से अभियान को मूर्त रूप दिया जाएगा। 
 
कोरोना के विरूद्व जन आन्दोलन के नोडल अधिकारी जिला कलक्टर होंगे। नगर निगम आयुक्त, परिषदों, पालिकाओं के अधिशाषी अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी के साथ ही एन.एस.एस, एन.सी.सी. एवं स्काउट गाइड के कार्यक्रम अधिकारी उनका सहयोग करेंगे।
 
जन आन्दोलन के लिए शहर के सभी वार्डों को 10 हिस्सों में बांटा जायेगा। बडे़ शहरों को आवश्यकतानुसार ज्यादा हिस्सों में बांटा जा सकता है। वार्डों में कोरोना के विरूद्व जन आन्दोलन के तहत् माईक के साथ उद्घोषणा करते हुए सब्जी मण्डी, अनाज मण्डी, बाजार, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, बस स्टैण्ड, सार्वजनिक स्थलों, धार्मिक स्थलों, सरकारी व निजी कार्यालयों, निर्माण श्रमिकों की चौखटी एवं बैंक परिसर आदि स्थानों पर जिन लोगों ने मास्क नहीं पहने हाें उन्हें मास्क वितरित किए जाएंगे।
 
चिन्हित शहरों में नगरीय निकायों के सफाई कर्मचारी उनके क्षेत्र में समस्त घरों पर कोरोना के विरूद्व जन आन्दोलन सम्बन्धी स्टीकर लगाएंगे। सार्वजनिक परिवहन के साधनों बसों, टे्रनों, ऑटो, ई-रिक्शा आदि पर भी जागरूकता का संदेश देने वाले स्टीकर चिपकाए जाएंगे। 

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