शीतला माता मन्दिर गुरुग्राम, हरियाणा! भाग :१६६ , पँ० ज्ञानेश्वर हँस “देव” की क़लम से

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भारत के धार्मिक स्थल : शीतला माता मन्दिर गुरुग्राम, हरियाणा! भाग :१६६

आपने पिछले भाग में पढ़ा भारत के धार्मिक स्थल : श्री पद्मनाभ स्वामी मन्दिर, तिरुअनन्तपुरम, केरल! यदि आपसे उक्त लेख छूट गया अथवा रह गया हो और आपमें पढ़ने की जिज्ञासा हो तो आप प्रजा टूडे की वेब साईट पर जाकर, धर्म- साहित्य पृष्ठ पर जाकर पढ़ सकते हैं!

आज हम आपके लिए लाए हैं : भारत के धार्मिक स्थल : शीतला माता मन्दिर गुरुग्राम, हरियाणा! भाग :१६६

हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित माता शीतला देवी का मन्दिर सैकड़ों वर्ष पुराना है! मान्यता है कि सिंघाजाट नाम के व्यक्ति को माँ ने स्वप्न में दर्शन दिए और यहाँ मन्दिर बनाने के लिए कहा, शीतला देवीमाता का यह मन्दिर करीब चार सौ वर्ष पुराना है! मान्यतानुसार माता यहाँ साक्षात वास करती हैं! शीतला अष्टमी के दिन माता के इस मन्दिर में भक्तों की लम्बी कतार लगती है! भारत वर्ष के चमत्कार और इतिहास की सरज़मीन माना जाता है! यहाँ ना जाने कितनी बार भक्त और भगवान के बीच आस्था और विश्वास का अनूठा संबंध देखने को मिला है! माता शीतला का एक ऐसा ही मन्दिर हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित है, माता का यह मन्दिर करीब चार सौ साल पुराना है! यहां के स्थानीय लोगों का मानना है कि करीब ढ़ाई-तीन सौ साल पहले शीतला माता ने गुरुग्राम का पुराना नाम गुणगांव के सिंघा जाट नाम के व्यक्ति को सपने में दर्शन दिया था और यहाँ मन्दिर बनाने के लिए कहा!

मान्यता है कि माता यहाँ साक्षात वास करती हैं! इतना ही नहीं माता के इस मन्दिर में दर्शन मात्र से चेचक, खसरा और नेत्र रोग जड़ से खत्म हो जाते हैं!

बात विश्वास और मेरे ही घर की है! मेरी माँ श्री मति लीला देवी जी हमेँ लेकर गईं माता शीतला देवी के मन्दिर गुरुग्राम में! कारण? मेरे सगे बड़े भाई साहब योगेश्वर जी पिता जी ने हम पाँच भाइयों के नाम पण्डित शिव शँकर शर्मा शास्त्री “बेकल”, पण्डित देवर्षि शर्मा “देव”, पण्डित ब्रह्मर्षि शर्मा शास्त्री “बेसुध”, पण्डित योगेश्वर शर्मा “योगेश” एवँ मेरा नाम पण्डित ज्ञानेश्वर हँस “देव” और हम पाँच भाइयों की इकलौती बहन गीता शर्मा “गायत्री” हमारे जीजाजी श्रीविजय कुमार शर्मा! मेरे भाई योगेश्वर की बोलने की क्षमता टाइफाईड के कारण चली गयीं थी! तब भाई साहब की आयु सात वर्ष थी! हमारी माँ ने सुनार से चाँदी की जीभ बनवाई और मेरे भाई के स्वस्थ होते ही गये, माँ शीतला देवी ने कृपा की और माँ की महिमा देखिए मेरे आदरणीय भाई साहब जिन्हें लोग वाई० के० शर्मा के नाम से जानते हैं जो अपनी सर्विस के अन्तिम पड़ाव में बतौर बैँक मैनेजर गुरुग्राम से ही सेवानिवृत्त हुए! १३ वर्ष की भाई साहब की आयु में, मरी माँ ने वैष्णो देवी जाकर चाँदी की जीभ अर्पित करके आयीं थी वो भी भाईसाहब ने स्मरण कराया! माँ की कृपा से बिल्कुल स्वस्थ हैं!

विश्वभर में प्रसिद्ध माता शीतला देवी के इस मन्दिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है! कहा जाता है कि यहीं आचार्य द्रोणाचार्य ने कौरवों और पाण्डवों को प्रशिक्षण दिया था! यहाँ सालभर भक्तों का तांता लगता है। स्कंदपुराण में वर्णित एक कथा के अनुसार सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने शीतला माता को सृष्टि को आरोग्य रखने की जिम्मेदारी दी थी! मान्यता है कि विधिवत शीतला माता की पूजा अर्चना करने से खसरा, चेचक व नेत्र विकार से मुक्ति मिलती है! ऐसे में यदि संभव हो तो शीतला माता के इस मन्दिर का दर्शन अवश्य करें!

माँ के प्रताप से मन्नतें होती है पूरी:

माता शीतला के इस मन्दिर में हर साल शीतला अष्टमी के दिन भक्तों का तांता लगता है! हजारों की संख्या में भक्त दूर दराज़ के स्थान से माता के दर्शन के लिए आते हैं! मन्दिर के प्रांगड़ में कई साल पुराना एक बरगद का पेड़ है! मान्यता है कि यहाँ अपने मन्नत का धागा बांधने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं! माता बच्चों की संरक्षिका है, यहां स्त्रियां संतान प्राप्ति के लिए शीतला माता की पूजा करती हैं!

हिंदू पँचाँग के अनुसार चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी को महाशक्ति के अनँतरूपों में से प्रमुख देवी शीतला की पूजा का विधान है! कहा जाता है कि शीतला माता की पूजा से दैहिक तापों ज्वर, राज्यक्ष्मा, संक्रमण और अन्य विषाणुओं के दुष्प्रभावों से मुक्ति दिलाती हैं! इसके अतिरिक्त इनकी साधना से शीतला ज्वर, चेचक, कुष्ठ, रोग, दाहज्वर, पीतज्वर, फोड़े और कई तरह के चर्मरोगों से छुटकारा मिलता है!

ज्योतिषशास्त्रानुसार इनके कुछ खास मन्त्रों का जाप करने से शीतला माता प्रसन्न होकर जातक की हर तरग की मनोकामना को पूरी करती हैं! माना जाता है कि साधक ही नहीं बल्कि उसके कुल में अगर कोई असाध्य रोगों से पीड़ित हो, तो शीतला देवी माता के आशीर्वाद से वह सभी रोग दूर हो जाते हैं! ऋषि-मुनि-योगी भी इनका स्तवन करते हुए कहते हैं

इस मन्त्र से मिलेगा निरोगी होने का वरदान :

”शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता
शीतले त्वं जगद्धात्री शीतलायै नमो नमः!!

अर्थात – हे देवी शीतला! आप ही इस सँसार की आदि माता हैं, आप ही पिता हैं और आप ही इस चराचर जगत को धारण करतीं हैं, अतः आप को बारंबार नमस्कार है!

ये मंत्र दिलाएगा हर बीमारी से निज़ात :

”ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः”

देवी शीतला माता के इस पौराणिक मन्त्र के जाप से सभी सँकटों से मुक्ति तो मिलती ही है साथ ही समाज में मान-सम्मान, पद और गरिमा की भी वृद्धि होती है! मान्यता है कि जो भी भक्त भक्ति-भाव से देवी शीतला माता की प्रतिदिन आराधना करते हैं, माँ उन पर कृपा करती हुई, उनके घर-परिवार की सभी विपत्तियों का नाश करती हैं! स्कन्द पुराण में इनकी अर्चना का स्तोत्र है ”शीतलाष्टक”। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार जनकल्याण हेतु इस स्तोत्र की रचना स्वयँ भगवान शिवशँकर ने की थी! देवी शीतला माता की आराधना मध्य भारत और उत्तर-पूर्व के राज्यों में बहुत धूम-धाम से मनाई जाती है!

शीतला माता की आरती :

जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता
आदि ज्योति महारानी, सब फल की दाता
ॐ जय शीतला माता जय शीतला माता
रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भाता
ऋद्धिसिद्धि चँवरढुलावें,जगमगछवि छाता
ॐजयशीतलामाता जयशीतलामाता
विष्णु सेवत ठाढ़े,सेवें शिव धाता
वेद पुराण वरणत,पार नहीं पाता
ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता
इन्द्र मृदङ्ग बजावत,चन्द्र वीणा हाथा
सूरज ताल बजावै,नारद मुनि गाता
ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता
घण्टा शङ्ख शहनाई,बाजै मन भाता
करै भक्तजन आरती,लखि लखि हर्षाता


ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता
ब्रह्म रूप वरदानी,तुही तीन काल ज्ञाता
भक्तन को सुख देती,मातु पिता भ्राता
ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता
जो जन ध्यान लगावे,प्रेम शक्ति पाता
सकल मनोरथ पावे,भवनिधि तर जाता
ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता
रोगों से जो पीड़ित कोई,शरण तेरी आता
कोढ़ी पावे निर्मल काया,अन्ध नेत्र पाता
ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता
बांझ पुत्र को पावे,दारिद्र कट जाता
ताको भजै जो नाहीं,सिर धुनि पछताता
ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता
शीतल करती जननी,तू ही है जग त्राता
उत्पत्ति व्याधि बिनाशन,तू सब की घाता
ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता
दास विचित्र कर जोड़े,सुन मेरी माता
भक्ति आपनी दीजै,और न कुछ भाता
जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता
आदि ज्योति महारानी,सब फल की दाता
ॐ जय शीतला माता जय शीतला माता

वायु मार्ग से कैसे पहुँचें मन्दिर:

दिल्ली के एयरपोर्ट इन्दिरगाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे उतर कर आपको बता दें इंदिरा गांधी नेशनल एयरपोर्ट, नई दिल्ली एयरपोर्ट से शीतला माता के मंदिर की दूरी करीब १६.८ किलोमीटर है, मन्दिर पहुंचने के लिए आपको सीधे कैब मिल जाएगी!

रेल मार्ग से कैसे पहुँचें मन्दिर :

दिल्ली से शीतला माता मन्दिर गुड़गाँव रेल्वे स्टेशन से लगभग १.६ किलोमीटर की दूरी पर है यह रेलवे स्टेशन! वहाँ से शेयर ऑटो, ई-रिक्शा या कैब से आसानी से पहुँच जाओगे!

सड़क मार्ग से कैसे पहुँचें मन्दिर :

दिल्ली से आप बस या अपनी कार से राष्ट्रीय राजमार्ग NH४८ से एक घण्टा १४ मिन्ट्स में ४०.६ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है!

शीतला माता की जय हो! जयघोष हो!

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