शहरी स्वच्छता के लिए बड़ी संख्या में युवा हुए एकजुट

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@ नई दिल्ली

शहरों को कचरा मुक्त बनाने की दिशा में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के प्रयासों को नई गति मिली है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा शुरू किए गए एसबीएम-अर्बन 2.0 के तहत ‘भारतीय स्वच्छता लीग’ के पहले संस्करण में देशभर से 5 लाख युवा छात्र, स्वयंसेवक, युवा नेता और हस्तियां साथ आईं। मिशन का उद्देश्य शहरों को स्वच्छ, हरा-भरा बनाने के साथ कचरा मुक्त करना है। 17 सितंबर 2022 से 2 अक्टूबर 2022 गांधी जयंती तक चलने वाले स्वच्छ अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में इस इंटर-सिटी लीग-आधारित स्वच्छता चैलेंज ने कचरा मुक्त समुद्र तटों, पहाड़ों और पर्यटन स्थलों के लिए रैली करने को 1800 से ज्यादा शहरों के युवाओं की ऊर्जा का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया।

शहर की टीमों ने विभिन्न रचनात्मक और अनूठी पहलों के जरिए स्वच्छता के प्रति अपने जुनून का प्रदर्शन किया। पंजाब में लुधियाना, महाराष्ट्र में पनवेल और पुणे, असम में पाठशाला, छत्तीसगढ़ में बिलासपुर की सिटी टीमों ने युवाओं के साथ साइकिल रैली आयोजित कर स्वच्छता और स्वास्थ्य दोनों के महत्व को समझाया।

भोपाल, मध्य प्रदेश और चंडीगढ़ की युवा टीमों ने सबसे अलग अंदाज में कचरे को अलग-अलग रखने का संदेश दिया। करीब 5,000 युवा छात्रों की टीम बेमिसाल भोपाल ने मानव श्रृंखला बनाकर बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन के लिए छह बिन-सिस्टम को प्रदर्शित किया, जबकि टीम चंडीगढ़ चैलेंजर्स के 2,000 से अधिक छात्रों ने मानव श्रृंखला से चार डिब्बे प्रदर्शित किए।

समुद्र तट की सफाई के लिए भी युवाओं की टीम साथ आई। महाराष्ट्र के ग्रेटर मुंबई में करीब 4,000 स्वयंसेवकों ने 8 प्रमुख स्थानों के 49 समुद्र तटों से तीस टन कचरा साफ करने के लिए 50 किमी से अधिक दूरी तय की। पुरी और केरल की टीमों ने स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त समुद्र तटों का संदेश देने के लिए सैंड आर्ट (रेत कला) बनाया। जबकि टीम मंगलुरु स्वच्छता सोल्जर्स ने 11 अलग-अलग समुद्र तटों को साफ करने के लिए 5,000 युवाओं को तैनात किया। रामेश्वरम, तमिलनाडु के युवाओं और पोर्ट ब्लेयर की टीम प्रिस्टिन पोर्ट ब्लेयर ने भी भारतीय स्वच्छता लीग के पहले संस्करण में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।

युवाओं की अगुआई वाली इस प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ टीमों का चयन एक स्वतंत्र प्रक्रिया द्वारा होगा, जिसमें राष्ट्रीय ख्याति के जूरी सदस्य शामिल होंगे। भागीदारी के स्तर, गतिविधि की विशिष्टता और स्वच्छता पहल के प्रभाव के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि मिशन में और ज्यादा संख्या में युवा जुड़ेंगे। इसकी मदद से स्वच्छता अभियान के प्रभाव को देखते हुए स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन के लिए जमीनी कार्रवाई पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

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