शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव : सूचना एवं जनसम्पर्क राज्य मंत्री

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@ जयपुर राजस्थान

चांदना मंगलवार को बूंदी जिले के हिण्डोली में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में आमजन को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पहले राज्यमंत्री चांदना ने दमदमा, चतरगंज, टहला, गोवल्या , पाई तथा देवपुरा में आयोजित वैवाहिक कार्यक्रमों के शिरकत कर वर-वधु एवं परिजनों को शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि हिण्डोली-नैनवां क्षेत्र में बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतरीन प्रबंध किए गए हैं। छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए क्षेत्र में एग्रीकल्चर, नर्सिंग, मेेडिकल कॉलेज, राजकीय महाविद्यालय खोलकर उनकी नींव मजबूत करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा पर विशेष जोर दिया जावे, ताकि एक बेहतर समाज का निर्माण हो सके।

उन्होंने कहा कि एक हजार करोड़ लागत की चम्बल पेयजल परियोजना से क्षेत्रवासियों के पेयजल की समस्या का स्थाई समाधान कर दिया है।आने वाले दिनों में क्षेत्र के हर घर मंं नल कनेक्शन से पेयजल की उचित सुविधा मिलेगी।उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज क्षेत्र में ही बेचने के लिए कृषि मण्डी की सुविधा उपलब्ध करवाकर बडी राहत प्रदान की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आमजन के बेहतर आवागमन के लिए सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। आने वाले दिनों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य हाथ में लिया जाएगा।

चांदना ने कहा हिण्डोली-नैनवां में शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, पेयजल, विद्युत के क्षेत्र में व्यापक विकास के कार्य करवाए गए हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने पर क्षेत्र की जनता को इनका लाभ मिलेगा। आने वाले समय में और अधिक गति से क्षेत्र में विकास के कार्य करवाए जाएंगे। भूमिगत जल स्तर में वृद्धि के लिए बड़ी संख्या में एनीकट व मिनी बांधों का निर्माण करवाया जा रहा है।इससे किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे उनका जीवन स्तर उंचा उठेगा।

उन्होंने कहा कि समरसता के लिए सामूहिक विवाह एक अच्छी और सकारात्मक पहल है। इससे समाज में अमीर गरीब का भेद का दूर होता है। साथ ही समाज में एकता की भावना प्रबल होती है। उन्होंने विवाह आयोजन के लिए आयोजकों को साधुवाद और नवयुगलों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए संकल्पबद्ध होकर आगे बढ़े और बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं। 

मृत्यु भोज सामजिक बुराई   

चांदना ने कहा कि मृत्यु भोज एक सामाजिक बुराई है। इस प्रथा में कई गरीब परिवार पीस चुके हैं और वर्तमान में पिस रहे हैं। ऐसी प्रथाओं को बंद करवाने के उद्देश्य से समाज के लोगों को एक होना चाहिए।

गरीब लोगों को मृत्युभोज करने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।  समाज के प्रत्येक बुद्विजीवी आगे आकर इस बुराई को मिटाने के लिए कार्य करें गरीब तबके के लोग दुख की घड़ी में आर्थिक परेशानी नहीं उठानी पडे। उन्होंने कहा कि मृत्यु भोज जैसी सामाजिक बुराई में लगने वाले धन का उपयोग अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए किया जावे, ताकि उनका भविष्य संवर सके। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, आमजन आदि मौजूद थे ।

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