शिव मन्दिर सोलन, हिमाचल प्रदेश भाग : ४६,पं० ज्ञानेश्वर हँस “देव” की कलम से

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भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल: शिव मन्दिर, सोलन, हिमाचल प्रदेश भाग : ४६

आपने पिछले भाग में पढ़ा : भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल: बाबा बालक नाथ शाहतलाई, हिमाचल प्रदेश! यदि आपसे यह लेख छूट गया हो और आपमें पढ़ने की जिज्ञासा हो तो आप प्रजा टुडे की वेबसाइट पर धर्म-सहित्य पृष्ठ पर जा कर पढ़ सकते हैं! आज प्रस्तुत है: भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल: शिव मन्दिर, सोलन, हिमाचल प्रदेश भाग : ४६

भारतवर्ष के राज्य हिमाचल प्रदेश के सोलन ज़िले के जटोली में स्थित है शिव मन्दिर! इसकी स्थापना श्री १००८ स्वामी कृष्णानँद परमहँस महाराज जी ने की थी! स्वामी कृष्णानँद परमहँस १९५० में जटोली आए थे, !९७४ में उनके आदेशानुसार शिव मन्दिर का निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गया था! जटोली की लुभावनी मनभावन वादियों में स्थित है यह भव्य शिव मंदिर!

इसका निर्माण पिछले ३६ वर्ष से चल रहा है! जटोली में शिव मन्दिर की स्थापना स्वामी कृष्णानँद परमहँस ने १९७३ को की थी, ततपश्चात स्वामी कृष्णानँद परमहँस १९८३ में शिवधाम चले गए! जटोली की मनमोहक आबोहवा में स्थित है यह भव्य शिव मन्दिर! स्वामी कृष्णानँद परमहँस-के समाधि लेने के बाद शिव मन्दिर प्रबन्धक कमेटी ने शिव मन्दिर का निर्माण जारी रखा, मन्दिर में हाल ही में ११ फुट लम्बा स्वर्ण कलश भी चढ़ाया गया है!

इससे शिव मन्दिर की ऊँचाई तकरीबन १२२ फुट तक पहुँच गई है! कमेटी का दावा है कि यह उत्तर भारत का सबसे ऊँचा शिव मन्दिर है! जटोली स्थित शिव मन्दिर में जल्द ही १७ लाख रुपए की लागत का स्फटिक शिवलिँग की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी!

यहाँ पर भगवान शिव, माँ पार्वती, श्रीगणेश, कार्तिकेय महाराज और हनुमानजी की मूर्तियाँ स्थापित की जाएँगी! शिवमन्दिर की महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका निर्माण भक्तों द्वारा किए गए दान से ही किया गया है! मन्दिर निर्माण पर अब तक करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं!

शिव मन्दिर के साथ साथ यहाँ पर एक प्राकृतिक आलौकिक शिव गुफा भी के दर्शन के लिए भक्तजन दर्शन के लिए आते हैं! यह आलौकिक गुफ़ा गर्मियों के मौसम में भी कैलाश पर्वत जैसी सर्दी का एहसास कराते हैं!

शिव स्तुति:

पशूनां पतिं पापनाशं परेशं गजेन्द्रस्य कृत्तिं वसानं वरेण्यम!
जटाजूटमध्ये स्फुरद्गाङ्गवारिं महादेवमेकं स्मरामि स्मरारिम!!

महेशं सुरेशं सुरारातिनाशं विभुं विश्वनाथं विभूत्यङ्गभूषम्!
विरूपाक्षमिन्द्वर्कवह्नित्रिनेत्रं सदानन्दमीडे प्रभुं पञ्चवक्त्रम्!!

गिरीशं गणेशं गले नीलवर्णं गवेन्द्राधिरूढं गुणातीतरूपम्!
भवं भास्वरं भस्मना भूषिताङ्गं भवानीकलत्रं भजे पञ्चवक्त्रम्!!

शिवाकान्त शंभो शशाङ्कार्धमौले महेशान शूलिञ्जटाजूटधारिन्!
त्वमेको जगद्व्यापको विश्वरूप: प्रसीद प्रसीद प्रभो पूर्णरूप!!

परात्मानमेकं जगद्बीजमाद्यं निरीहं निराकारमोंकारवेद्यम्!
यतो जायते पाल्यते येन विश्वं तमीशं भजे लीयते यत्र विश्वम्!!

न भूमिर्नं चापो न वह्निर्न वायुर्न चाकाशमास्ते न तन्द्रा न निद्रा!
न गृष्मो न शीतं न देशो न वेषो न यस्यास्ति मूर्तिस्त्रिमूर्तिं तमीड!!

अजं शाश्वतं कारणं कारणानां शिवं केवलं भासकं भासकानाम्!
तुरीयं तम:पारमाद्यन्तहीनं प्रपद्ये परं पावनं द्वैतहीनम!!

नमस्ते नमस्ते विभो विश्वमूर्ते नमस्ते नमस्ते चिदानन्दमूर्ते!
नमस्ते नमस्ते तपोयोगगम्य नमस्ते नमस्ते श्रुतिज्ञानगम्!!

प्रभो शूलपाणे विभो विश्वनाथ महादेव शंभो महेश त्रिनेत्!
शिवाकान्त शान्त स्मरारे पुरारे त्वदन्योवरेण्यो नमान्यो नगण्य:!!

शंभो महेश करुणामय शूलपाणे गौरीपते पशुपते पशुपाशनाशिन्!
काशीपते करुणया जगदेतदेक-स्त्वंहंसि पासि विदधासि महेश्वरोऽसि!!

त्वत्तो जगद्भवति देव भव स्मरारे त्वय्येव तिष्ठति जगन्मृड विश्वनाथ!
त्वय्येव गच्छति लयं जगदेतदीश लिङ्गात्मके हर चराचरविश्वरूपिन!!

अथ अहँ शिव स्तुति पठित्वा!!

वायु मार्ग द्वारा:

सबसे निकटतम हवाईअड्डा शिमला है! यहाँ से आप जटोली गाँव, सोलन ज़िले के हिमाचल प्रदेश में ५५ मिनट में कैब द्वारा पहुँच जाओगे!

रेल मार्ग द्वारा:

सोलन UNESCO वर्ड-हेरिटेज रेलवे ब्रॉड गेज रेल-लाईन से कालका व चण्डीगढ़ से जुड़ा हुआ है!
कैब व बस द्वारा आप जटोली गाँव, सोलन ज़िले के हिमाचल प्रदेश में आसानी से पहुँच सकते हो!

सड़क मार्ग द्वारा:

आप बस द्वारा कार द्वारा अथवा मोटरसाइकिल से भी जटोली गाँव, सोलन ज़िले में हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय राजमार्ग NH-४४ एवँ NH-५ से भी पहुँच सकते हो! दिल्ली से इस शिवमन्दिर की दूरी ३००.५ किलोमीटर है तथा कम से कम ६० की रफ़्तार से ६ घण्टे और ६ मिनट में पहुँच जाओगे!

जटोलीवाले शिवशँकर की जय हो! जयघोष हो!!

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