शिवरीनारायण मन्दिर रायपुर,छत्तीसगढ़ पँ० ज्ञानेश्वर हँस “देव” की क़लम से

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भारत के धार्मिक स्थल: शिवरीनारायण मन्दिर रायपुर, छत्तीसगढ़ भाग: २१६

भारत के धार्मिक स्थल: शिवरी-नारायण मन्दिर, रायपुर, छत्तीसगढ़! यदि आपसे उक्त लेख छूट गया अथवा रह गया हो और आपमें पढ़ने की जिज्ञासा हो तो आप प्रजा टूडे की वेब साईट www. prajatoday.com पर जाकर, धर्म- साहित्य पृष्ठ पर जाकर सकते हैं!

आज हम आपके लिए लाए हैं : भारत के धार्मिक स्थल: शिवरीनारायण मन्दिर रायपुर, छत्तीसगढ़ भाग: २१६

भारतवर्ष के छत्तीसगढ़ राज्य के जांजगीर-चाम्पा ज़िले में स्थित एक नगर है! यह महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के त्रिधारा संगम के तट पर स्थित प्राचीन नगर है! शिवरी-नारायण प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण नगर है जो “छत्तीसगढ़ की जगन्नाथपुरी” के नाम से विख्यात है! यह बिलासपुर से ६४ किलोमीटर राजधानी रायपुर से बलौदाबाजार से होकर १२० किलोमीटर, जांजगीर जिला मुख्यालय से ४५ किलोमीटर कोरबा जिला मुख्यालय से ११० किलोमीटर और रायगढ़ जिला मुख्यालय से सारंगढ़ होकर ११० किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित है!

सौंदर्य और चतुर्भुजी विष्णु की मूर्तियों की अधिकता के कारण स्कंद पुराण में इसे श्री पुरूषोत्तम और श्री नारायण क्षेत्र कहा गया है! हर युग में इस नगर का अस्तित्व रहा है और सतयुग में बैकुंठपुर, त्रेतायुग में रामपुर और द्वापरयुग में विष्णुपुरी, नर- नारायण तथा नारायणपुर के नाम से भी विख्यात यह नगर मतंग ऋषि का गुरूकुल आश्रम और शबरी की साधना स्थली भी रहा है! भगवान श्रीराम और लक्ष्मण शबरी के जूठे बेर यहीं खाये थे और उन्हें मोक्ष प्रदान करके इस घनघोर दंडकारण्य वन में आर्य सँस्कृति के बीज प्रस्फुटित किये थे! शबरी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए “शबरी-नारायण” नगर बसा है!

भगवान श्रीराम का नारायणी रूप आज भी यहां गुप्त रूप से विराजमान हैं! कदाचित् इसी कारण इसे “गुप्त तीर्थधाम” कहा गया है! याज्ञवलक्य संहिता और रामावतार चरित्र में इसका उल्लेख है! भगवान जगन्नाथ की विग्रह मूर्तियों को यहीं से पुरी (उड़ीसा) ले जाया गया था! प्रचलित किंवदंती के अनुसार प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा को भगवान जगन्नाथ यहां विराजते हैं!

प्राचीन काल से ही दक्षिण कौशल के नाम से जाने वाला यह क्षेत्र धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृध्द रहा है! यहां शैव, वैष्णव, जैन और बौद्ध धर्मो की मिली जुली संस्कृति रही है! छत्तीसगढ़ का यह क्षेत्र रामायणकालीन घटनाओं से भी जुडा हुआ है! इसे नारायण क्षेत्र या पुरूषोत्तम क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है! यह क्षेत्र शिवरी नारायण के नाम से जाना जाता है!

छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिला मुख्यालय से ४५ किलोमीटर की दूरी पर मैकल पर्वत श्रृंखलाओ के मध्य शिवनाथ, जोंक और महानदी के संगम पर स्थित शिवरी नारायण को तीर्थ नगरी प्रयाग जैसी मान्यता मिली है! यहाँ पर छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध शिवरी नारायण मंदिर है! ऐसी मान्यता है कि वनवास काल में भगवान श्री राम को यहीं पर शबरी ने बेर खिलाये थे अत: शबरी के नाम पर यह शबरीनारायण हो गया और कालांतर मे इसका नाम बिगाडकर शिवरी नारायण पड गया। यहां पर शबरी के नाम से ईटों से बना प्राचिन मंदिर भी है! पर्यटन की दृष्टी से यह स्थल अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां अत्यंत प्राचीन मन्दिर समूह है!

शिवरी नारायण मन्दिर :

इस मंदिर को बडा मंदिर एवं नरनारायण मंदिर भी कहा जाता है! उक्त मंदिर प्राचीन स्थापत्य कला एवं मुर्तिकला का बेजोड नमूना है! ऎसी मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण राजा शबर ने करवाया था! ९वीं शताब्दी से लेकर १२वीं शताब्दी तक की प्राचीन मुर्तियो की स्थापना है। मंदिर की परिधि १३६ फीट तथा ऊंचाई ७२ फीट है जिसके ऊपर १० फीट के स्वर्णीम कलश की स्थापना है शायद इसीलिये इस मंदिर का नाम बडा मंदिर भी पडा। सम्पूर्ण मंदिर अत्यन्त सुंदर तथा अलंकृत है जिसमे चारो ओर पत्थरों पे नक्काशी कर वल्लरियों व पुष्पों से सजाया गया मन्दिर अत्यंत भव्य दिखायी देता है!

कैसे पहुँचे शिवरी-नारायण?

शिवरी-नारायण राज्य के निकटतम और एकमात्र कामकाजी हवाई अड्डे, रायपुर हवाई अड्डे से लगभग १३५ किलोमीटर दूर स्थित है! शिवरी-नारायण का निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन बिलासपुर में है, जो लगभग ६० किलोमीटर है! शिवरी-नारायण रायपुर और बिलासपुर से बस द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है!

हवाई मार्ग से कैसे पहुँचें :

शिवरी-नारायण मन्दिर राज्य के निकटतम और एकमात्र काम काजी हवाई अड्डे, रायपुर हवाई अड्डे से लगभग १३५ किलोमीटर दूर स्थित है! वहाँ से आप छत्तीसगढ़ राज्य परिवहन निगम की बस से कैब से आसानी से पहुँच जकते हो!

रेल मार्ग से कैसे पहुँचें :

शिवरी-नारायण मन्दिर का निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन बिलासपुर रेलवेस्टेशन है, जो लगभग ६० किलोमीटर है! आप बिलासपुर रेलवेस्टेशन से छत्तीसगढ़ राज्य परिवहन निगम की बस से या कैब से आसानी से पहुँच जकते हो!

सड़क मार्ग से कैसे पहुँचें:

दिल्ली से आप मन्दिर आने के लिए बस अथवा अपनी कार से आते हैं तो आप राष्ट्रीय राजमार्ग NH-४४ से २२ घण्टों और ३७ मिन्ट्स में, १२०० किलोमीटर की दूरी तय करके पहुँच जाओगे

शिवरी नारायण मन्दिर:

शिवरी-नारायण मन्दिर रायपुर और बिलासपुर से बस द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है! सड़क व्यवस्था भी ठीक है!

विष्णु-अवतार भगवान श्री नर-नारायण की जय हो! जयघोषहो!!

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