शक्तिपीठ अम्बा जी माता मन्दिर बनासकांठा, गुजरात भाग : १४१,पँ० ज्ञानेश्वर हँस देव की क़लम से

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भारत के धार्मिक स्थल: शक्तिपीठ अम्बा जी माता मन्दिर बनासकांठा, गुजरात! भाग :१४१

आपने पिछले भाग में पढ़ा भारत के प्रसिद्ध धार्मिकस्थल : श्री सनातन धर्म माता वैष्णोंदेवी मन्दिर, राजनगर-2, नई दिल्ली!यदि आपसे यह लेख छूट गया अथवा रह गया हो तो आप प्रज्ञा टुडे की वेबसाईट पर जाकर धर्म साहित्य पृष्ठ पर जाकर पढ़ सकते हैं!

 भारत के धार्मिक स्थल: शक्तिपीठ अम्बा जी माता मन्दिर बनासकांठा, गुजरात! भाग :१४१

अरासुरी अम्बाजी मन्दिर में कोई प्रतिमा स्थापित नहीं है, केवल पवित्र श्रीयन्त्र की पूजा मुख्य आराध्य रूप में की जाती है! इस श्रीयन्त्र को कोई भी सीधे आँखों से देख नहीं सकता एवँ इसकी छायाकृति फ़ोटोग्राफी का भी निषेध है! माँ अम्बाजी की मूल पीठस्थल, गब्बर पर्वत के शिखर पर स्थित है! बड़ी सँख्या में श्रद्धालु तीर्थ यात्रा करने वर्ष पर्यन्त तो आते ही रहते हैं, विशेषकर पूर्णिमा के दिन!

भदर्वी पूर्णिमा के दिन एवँ आजकल नवरात्रे के पुण्य दिनों में! यहाँ भव्य मेले का आयोजन होता है! देश से विदेश से श्रद्धालु भक्तगण यहाँ अम्बे माँ की पूजा अर्चना हेतु आते हैं! इस समय पूरे अम्बा जी कस्बे को दीपावली की तरह प्रकाश से सजाया जाता है! माना जाता है कि ये मन्दिर लगभग बारह सौ वर्ष से अधिक प्राचीन है! इस मन्दिर का शिखर १०३ फ़ीट ऊँचा है और इस पर ३५८ स्वर्ण कलश स्थापित हैं! इस मेले में एक अनुमान के अनुसार २०२२ में कम से कम २५ लाख भक्तों के पहुंचने की संभावना है!

अम्बाजी मन्दिर का रात्रि दृश्य अम्बाजी मन्दिर हिन्दुओं की ५१ शक्ति-पीठों में से एक है! देवी की ५१ शक्तिपीठों में से कुछ प्रमुख शक्ति पीठ इस प्रकार से हैं:- माँ भगवती महाकाली माँ शक्ति- उज्जैन, माँ कामाक्षी- काँचीपुरम, माता ब्रह्मरंध्र- श्रीशैलम में, श्री कुमारिका -कन्याकुमारी, माँ शाकम्भरी शक्तिपीठ- सहारनपुर, महालक्ष्मी मंदिर-कोल्हापुर, ललिता शक्तिपीठ! देवी ललिता -प्रयाग, विन्ध्यवासिनी देवी -विन्ध्याचल, विशालाक्षी मंदिर बनारस|विशालाक्षी -वाराणसी, मंगलावती- गया, एवँ माँ सुन्दरी – बङ्गाल में तथा गुह्येश्वरी – नेपाल में! गब्बर पर्वत गुजरात एवं राजस्थान की सीमा पर स्थित है!

यहाँ पर पवित्र गुप्त नदी सरस्वती का उद्गम अरासुर पहाड़ी पर प्राचीन पर्वतमाला अरावली के दक्षिण-पश्चिम में समुद्र सतह से १,६००फ़ुट (४९० मीटर) की ऊँचाई पर ८.३३ किलोमीटर २ (३.२२ वर्ग मील) क्षेत्रफ़ल में श्री अम्बा जी शक्ति पीठ स्थित है! यह ५१ शक्तिपीठों में से एक है जहां मां सती का हृदय गिरा था! इसका उल्लेख “तंत्र चूड़ामणि” में भी मिलता है! इस गब्बर पर्वत के शिखर पर देवी का एक छोटा मंदिर स्थित है जिसकी पश्चिमी छोर पर दीवार बनी है! यहां नीचे से ९९९ सीढ़ियों के जीने से पहाड़ी पर चढ़कर पहुंचा जा सकता है! माता श्री अरासुरी अम्बिका के निज मंदिर में श्री बीजयंत्र के सामने एक पवित्र ज्योति अटूट प्रज्ज्वलित रहती है!

भारत में माँ शक्ति के ५१ शक्तिपीठों में से एक प्रमुख पीठ है! यह पालनपुर से लगभग ६५ किलोमीटर, आबू पर्वत से ४५ किलोमीटर, आबू रोड से २० किलोमीटर, श्री अमीरगढ़ से ४२ किलोमीटर, कडियाद्रा से ५० किलोमीटर दूरी पर गुजरात-राजस्थान सीमा पर अरासुर पर्वत पर स्थित है!

अम्बेजी की आरती :

जय अम्बे – गौरी, मैया जय श्यामा – गौरी।
तुमको निशिदिन ध्यावत हरिब्रह्माशिवरी॥
ॐ जय अँबे गौरी…….ॐ जय अँबे गौरी
मांग सिन्दूर विराजत, टीको मृगमद को।
उज्जवल से दो‌उ नैना, चन्द्रवदन नीको॥
ॐ जय अँबे गौरी…..ॐ जय अँबे गौरी
कनक – समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।
रक्त – पुष्प गल माला कण्ठन पर साजै॥
ॐ जय अँबे गौरी…..ॐ जय अँबे गौरी
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी।
सुरनर-मुनिजन सेवत तिनके दुखहारी॥
ॐ जय अँबे गौरी…..ॐ जय अँबे गौरी
कानन – कुण्डल – शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चन्द्र दिवाकर सम राजत ज्योति॥


ॐ जय अँबे गौरी…..ॐ जय अँबे गौरी
शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना निशिदिन मदमाती॥
ॐ जय अँबे गौरी…..ॐ जय अँबे गौरी
चण्ड – मुण्ड सँहारे, शोणित बीज हरे।
मधु कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे॥
ॐ जय अँबे गौरी…..ॐ जय अँबे गौरी
ब्रहमाणी – रुद्राणी, तुम कमला रानी।
आगमनिगमबखानी तुमशिवपटरानी॥
ॐ जय अँबे गौरी…..ॐ जय अँबे गौरी
चौंसठयोगिनीमंगलगावत नृत्यकरतभैरू।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरु॥
ॐ जय अँबे गौरी…..ॐ जय अँबे गौरी
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।
भक्‍तनकी दु:खहर्ता सुखसँपत्ति करता॥


ॐ जय अँबे गौरी…..ॐ जय अँबे गौरी
भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी।
मनवान्छित फल पावत सेवत नर-नारी॥
ॐ जय अँबे गौरी…..ॐ जय अँबे गौरी
कँचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
श्रीमालकेतु में राजत, कोटिरतनज्योति॥
ॐ जय अँबे गौरी…..ॐ जय अँबे गौरी
श्रीअम्बेजी की आरती, जो को‌ई नर गावै।
कहत शिवानन्दस्वामी सुख सम्पत्ति पावै॥
ॐ जय अँबे गौरी…..ॐ जय अँबे गौरी

हवाई मार्ग से मन्दिर कैसे पहुँचें :

आप गुजरात के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कैब द्वारा पहुँच जाओगे १८० किलोमीटर की दूरी से ३ घण्टे ५० मिन्ट्स में पहुँच जाओगे शक्तिपीठ अम्बे माता के मन्दिर!

रेल मार्ग से मन्दिर कैसे पहुँचें :

निकटतम स्टेशन पालनपुर है! रेलवे स्टेशन से आप ४० मिन्ट्स में कैब से ही आसानी से पहुँच जाओगे शक्तिपीठ अम्बे माता के मन्दिर!!

सड़क मार्ग से माता रानी के मन्दिर कैसे पहुँचें :

दिल्ली से आप अपनी कार से अथवा बस से १३ घण्टे ३० मिन्ट्स की यात्रा करके ७६९.३ किलोमीटर की दूरी तय करके राष्ट्रीय राजमार्ग NH-४८ से पहुँच जाओगे शक्तिपीठ अम्बे माता के मन्दिर!

अम्बा जी माता की जय हो! जयघोष हो!!

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