श्री बाणेश्वरी माता मन्दि, चितौड़ गढ़ ,राजस्थान भाग :१६०,पँ० ज्ञानेश्वर हँस “देव” की क़लम से

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भारत के धार्मिक स्थल : श्री बाणेश्वरी माता मन्दिर चितौड़ गढ़, राजस्थान भाग :१६०

आपने पिछले भाग में पढ़ा भारत के धार्मिक स्थल : जगन्नाथपुरी मन्दिर, ओडिशा! यदि आपसे उक्त लेख छूट गया अथवा रह गया हो तो आप प्रजा टुडे की वेब साईट पर जाकर धर्म साहित्य पृष्ठ पर जाकर पढ़ सकते हैं! आज हम आपके लिए लाएँ हैं:

भारत के धार्मिक स्थल : श्री बाणेश्वरी माता मन्दिर चितौड़ गढ़, राजस्थान भाग :१६०

श्री बाण माता जी” “श्री ब्रह्माणी माता जी” “श्री बायण माता जी” “श्री बाणेश्वरी माता जी” मेवाड के सूर्यवंशी गहलोत और सिसोदिया राजवंश की कुलदेवी है! बाण माता जी को मण्डोरवा राजपूत समाज के गहलोत गौत्र भी अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते हैं! राव काजल सेन गहलोत द्वारा बाण माता कि जोत और मूर्ति को अपनो साथ चित्तौड़गढ़ से कुचेरा,नागौर ले आए! उसके बाद राव हेमा गहलोत द्वारा बाण माता की मूर्ति को कूचेरा से मण्डोर तहसील ले आए! बाण माता जी का मन्दिर चितौड़गढ़ दुर्ग मेंं स्थित है बाण माता जी को गुजरात से लाये थे वहाँ उनको श्री ब्रह्माणी माता के नाम से पूजा जाता है चित्तौड़गढ़ मन्दिर मैं आरती व देखभाल का कार्य पालीवाल ब्राह्मण परिवार द्वारा किया जाता है!

जिस मेवाड़ की धन्य धरा पर भगवान श्री कृष्ण द्वारिका छोड़ कर नाथद्वारा पधार, जहां मेवाड़ अधिपति श्री एकलिंग नाथ जी विराजमान है! त्याग, बलिदा, शौर्य और तपस्या की भूमि मेवाड़ का सिसोदिया गुहिलोत वंश जग विख्यात है! इसी वंश की कुलदेवी श्री बाण माताजी है, जिन्हें बायण, ब्रह्माणी और बाणेश्वरी माताजी कहते है!

बाण तू ही ब्रह्माणी, बायण सु विख्यात!
सुरसंत सुमरेसदा, सिसोदिया कुलमात!!

श्री बायण माताजी का मुख्य मंदिर चित्तौड़गढ़ दुर्ग में विजय स्तम्भ से थोड़ी दुरी पर कालिका माता के मन्दिर के पास है श्री बाण माताजी के मन्दिर के ठीक पास अन्नपूर्णा माताजी का मन्दिर महाराणा हमीर सिंह जी द्वारा बनाया हुआ है! बाण माताजी के मंदिर राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तरांचल, गुजरात में कई जगह पर है!

आरती के समय इस मन्दिर में लगे त्रिशूल अपने आप हिलने लगते हैं! ईश्वरीय ऊर्जा समय समय पर अपना एहसास कराती है! इस तरह के कई देवस्थान आज भी देखे जाते हैं! इसी प्रकार का एक मन्दिर है बाण माता का मन्दिर जो अजमेर से खंडवा जाने वाली ट्रेन के रास्ते के बीच स्थित चित्तौडग़ढ़ जंक्शन से करीब २ मील उत्तर-पूर्व की ओर सुप्रसिद्ध चित्तौडग़ढ़ किले में बना हुआ है। समुद्र तल से १३३८ फुट ऊंची भूमि पर स्थित ५०० फुट ऊँची एक विशाल पहाड़ी पर यह दुर्ग है! इस पहाड़ी का घेरा करीब ८ मील का है तथा यह कुल ६०९ एकड़ भूमि में है! श्रद्धालु इस किले में स्थित श्री बाण माता जी के दर्शन करने जाते हैं और मनवान्छित फल पाते हैं!

आरती के समय इस मंदिर में लगे त्रिशूल अपने आप हिलने लगते हैं! आज से १३०० वर्ष पूर्व बाप्पा रावल के बाण पर बैठ कर माता जी ने वर देकर बाप्पा रावल को चित्तौड़ का राज दिया था। बाण माता जी के आदेशानुसार बाण फैंका गया! बाण जहां गिरा वहीं आज मंदिर बना हुआ है! बाण फैंकने से यह बाण माता जी बाणेश्वरी माँ कहलाईं!

बाणेश्वरी माता जी की आरती:

ॐ जय बाणेश्वरी माता हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े
धूप दीप भोग लेकर हम माँ बाणेश्वरी की भेंट धरे
कुलदेवीगुहिलक्षत्रिनकी हो खुश हम पर कृपा करें
माँ बाणेश्वरी नमन हमारा कष्ट हमारे मात दूर करें ||१||

तज पाटण, मेवाड़ पधारी धन्य हुए हम सब सूत तेरे
कुल कल्याणs करने को माँ तुमने विविध रूप धरे
कृपावृष्टि करो हमपर माँ तव कृपा से वँशबेल फरे
दोष न देख अपना लेना अच्छे-बुरे पूत हम तव रे ||२||

बुद्धि -विधाता कुल-माता हम सबका माँ उद्धार करे
तेरेचरण का लिया आसरा तेरी कृपा से सब काज सरे
बाँहपकड़कर आपउठाओं हम तेरी ही शरणआन पड़े
जब भीड़ पड़ेs भक्तन पर तबमात निजहाथ माथ धरे ||३||

बाणेश्वरी की आर्ति जो गावे माता उसके घर भण्डार भरे
दर्शनोँ ताँहि, जो कोई आवे माता उसकी मन्शा पूर्ण करे
कुलदेवी को जो कोई ध्यावे माँ उस के कुल में वृद्धि करे
कलियुग में कष्ट मिटेंगे सारे माँ की जो जयजयकार करे ||४||

ॐ जय बाणेश्वरी माता हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े धूप दीप भोग लेकर हम,
माँ बाणेश्वरी की भेंट धरैं |

हवाई जहाज़ मार्ग से दिल्ली से कैसे पहुंचे :

नई दिल्ली से चित्तौड़गढ़ पहुँचने का सबसे तेज़ तरीका महाराणा प्रताप हवाई अड्डे के लिए उड़ान है, फिर चित्तौड़गढ़ में बाण माता मन्दिर के लिए कैब से ४ घंटे ४० मिन्ट्स का समय लगता है!

रेल मार्ग से दिल्ली से कैसे पहुंचे :

नई दिल्ली से चित्तौड़गढ़ के लिए एक सीधी ट्रेन है! यह रेल २९६३ आदि हैं! नई दिल्ली से एक ट्रेन द्वारा लिया गया न्यूनतम समय ९घण्टे ४८ मिन्ट्स है! नई दिल्ली से चित्तौड़गढ़ तक पहुँचने का सबसे सस्ता तरीका चित्तौड़गढ़ के लिए ट्रेन है और इसमें 9h 48m लगते हैं!नई दिल्ली से चित्तौड़गढ़ पहुंचने का अनुशंसित तरीका चित्तौड़गढ़ के लिए ट्रेन है!

सड़क मार्ग से कैसे पहुँचें मन्दिर :

दिल्ली से बाण माता मन्दिर आने के लिए यदि आप बस अथवा अपनी कार से आना चाहते हो तो आप राष्ट्रीय राजमार्ग NH-४८ से आपको १० घण्टे ३० मिन्ट्स लगेंगे! ५८१.१किलोमीटर की यात्रा करके पहुँच जाओगे श्री बाणेश्वरी माता मन्दिर!

बाण माता जी की जय हो! जयघोष हो!

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