श्री मुरुगन मलाई मन्दिर, नई दिल्ली भाग: १२६ ,पँ० ज्ञानेश्वर हँस “देव” की कलम से

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भारत के धार्मिक स्थल: श्री मुरुगन मलाई मन्दिर, नई दिल्ली भाग: १२६

आपने पिछले भाग में पढ़ा : भारत के प्रसिद्ध धार्मिकस्थल: दादा देव मन्दिर, पालम, नई दिल्ली! यदि आपसे यह लेख छूट गया हो और आपमें पढ़ने की जिज्ञासा हो तो आप प्रजा टुडे की वेबसाइट की धर्म-सहित्य पृष्ठ पर जा कर उक्त लेख पढ़ सकते हैं!

आज हम भारत के धार्मिक स्थल: श्री मुरुगन मलाई मन्दिर, नई दिल्ली भाग: १२६

यह मन्दिर बहुत ही प्राचीन मन्दिर है! महाभारत काल से अधिक से बना हुआ है श्री मुरुगन महाराज का प्रामाणिक मलाई मन्दिर! मान्यतानुसार श्री मुरुगन जी महाराज तमिल-सँस्कृति को सँजोए राम कृष्ण पुरम की पहाड़ी पर स्थित भगवान मुरुगन का यह उत्तरा स्वामी मलाई मन्दिर दिल्ली में मलाई मन्दिर के नाम से ही प्रसिद्ध है! मन्दिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला चोल, पँड्या की भव्यता को दर्शाता है!

मन्दिर के निकट बंगाली सभ्यता सँस्कृति से बना दक्षिण दिल्ली काली बाड़ी के निकट ही स्थित है! जिन लोगों को तमिल भाषा का ज्ञान नहीं है, उनको मलाई मन्दिर सुनकर ऐसा लगता होगा, जैसे कि मन्दिर में भगवान को मलाई का भोग लगाया जाता होगा या फिर मन्दिर में मलाई का प्रसाद वितरित किया जाता होगा परँतु इन सभी से हटकर तथ्य यह है कि, तमिल भाषा में पहाड़ी को मलाई कहा जाता है, अतः पहाड़ी पर स्थित होने की वजह से उत्तरा स्वामी मलाई मन्दिर को मलाई मन्दिर कहा जाने लगा!

दिल्ली का प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय कार्तिकेय महाराज का मन्दिर! जिसमें आदि शँकराचार्य जी का कक्ष भी स्थापित है! महाभारत के समय से दिल्ली के प्रसिद्ध मन्दिरों में से उक्त प्राचीन मन्दिर है!

कार्तिकेय (संस्कृत: कार्तिकेय, रोमनकृत: कार्तिकेय), जिसे स्कंद, कुमार, तमिल भाषा में मुरुगन, शण्मुख और सुब्रह्मण्य के नाम से भी जाना जाता है, युद्ध के हिंदू देवता हैं! यह पार्वती और शिवशँकर के पुत्र हैं, जो श्री गणेश जी के छोटे भाई हैं, और एक ऐसे देवता हैं जिनकी जीवन कहानी हिंदू धर्म में कई सँस्करण हैं!

कार्तिक देव जी के अन्य नाम: मुरुगन, सुब्रमण्य, कुमार, स्कंद, सरवण, अरुमुगन, कार्तिकेय और कार्तिक देव हैं!

त्यौहार:

स्कंद षष्ठी या षष्ठी; थाईपुसम; कार्तिकाई दीपम; कार्तिक पूर्णिमा
माता-पिता: शिव (पिता); पार्वती (माँ), भाई-बहन: गणेश (भाई); अयप्पा (सौतेला भाई); अशोकसुंदरी (बहन)

तमिल सँस्कृति रामकृष्ण पुरम की पहाड़ी पर स्थित भगवान मुरुगन का यह उत्तरा स्वामीमलाई मन्दिर दिल्ली में मलाई मन्दिर के नाम से प्रसिद्ध है!

दर्शन समय :

ग्रीष्म १ मार्च – ३१ अक्टूबर: ६:३० पूर्वाह्न – १२:००
अपराह्न ५:०० – ९:००
अपराह्न नवंबर – 28 फरवरी: ७.०० पूर्वाह्न – १२:०० अपराह्न, ५:०० – ९:०० अपराह्न
प्रातः ८:१८: श्री विनायक अभिषेकम् ८:३० पूर्वाह्न: श्री सुन्दरेश्वर अभिषेकम्
प्रातः ८:४५: श्री देवी मीनाक्षी अभिषेकम्
९:०० पूर्वाह्न: श्री स्वामीनाथ स्वामी अभिषेकम्
१०:०० पूर्वाह्न: श्री नवग्रह अभिषेकम्
सायं ५:४५ : श्री विनायक अभिषेकम्
६:०० अपराह्न: श्री सुंदरेश्वर अभिषेकम्
सायं ६:१५: श्री देवी मीनाक्षी अभिषेकम!
६:३० अपराह्न: श्री स्वामीनाथ स्वामी अभिषेकम्
जगचैत्र पूर्णिमा, अक्षय तृतीया, नरसिंह चतुर्दशी, आणि तिरुमंजनम, दक्षिणायन पुण्यकालम, श्री वरलक्ष्मी व्रतम, गोपाष्टमी, वैकुंठ एकादशी, मकर संक्रांति, पोंगल पांडिगई, वसंत पंचमी, पूजा, गणेश, रामायण पूजा, सरस्वती पूजा, शिवरात्रि, विजय दशमी, कृतिहाई, काल भैरव अष्टमी!

श्री सुब्रमण्यम कार्तिक देव मुरुगन आरती :

जय जय आरती वेणु गोपाला
जय जय आरती वेणु गोपाला
जय जय आरती वेणु गोपाला
वेणु गोपाला जय वेणु लोला
पाप विदुरा नवनीत चोरा
जय जय आरती वेंकटरमणा
वेंकट रमणा संकट हरणा
जय सीताराम जय राधेश्याम
जय जय आरती गौरीमनोहर


गौरीमनोहर जयभवानीशँकर
साम्ब सदा शिव उमा महेश्वर
जयजय आरती राज राजेश्वर
राज राजेश्वरि त्रिपुर सुन्दरि
महा सरस्वती महा लक्ष्मी
महा काली महा लक्ष्मी
जय जय आरती आन्जनेय
आन्जनेय जी श्री हनुमन्ता
जय जय आरति दत्तात्रेय
दत्तात्रेय त्रिमुर्ति अवतार
जय आरती सिद्धि विनायक
सिद्धि विनायक श्री गणेशा
जय जय आरती सुब्रह्मण्य
सुब्रह्मण्य श्री कार्तिकेयदेवा

!!अथ श्री सुब्रमण्यम कार्तिक देव मुरुगन आरती समाप्त!!

श्री मुरुगन मलाई मन्दिर में दर्शन का समय:

प्रातः ५:३० – १:०० सायँ ४:०० – ९:००!

हवाई मार्ग से कैसे पहुँचें श्री मुरुगन मलाई मन्दिर :

इन्दिरा गाँधी अन्तरराष्ट्रीय हवाईअड्डे टर्मिनल-१ से मात्र ८ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है! कैब से मात्र २० मिन्ट्स में पहुँच जाओगे!

रेल मार्ग से कैसे पहुँचें श्री मुरुगन मलाई मन्दिर :

सेक्टर- ८ रामा कृषणा पुरम मेट्रो स्टेशन उतरकर राव तुलाराम मार्ग पर पाँच मिनट पैदल ही पहुँच जाओगे!

सड़क मार्ग से कैसे पहुँचें श्री मुरुगन मलाई मन्दिर :

कार बस अथवा बाईक से आप बहुत आसानी से पहुँच सकते हो! बस द्वारा रामा कृष्णा पुरम पहुँच कर आप पैदल जा सकतेहो! रिक्शा, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा अथवा कैब से बाहरी रिंग रोड़ सेक्टर -७ से ५ मिन्ट्स में पहुँच जाओगे!

श्री मुरुगन महाराज की जय हो! जयघोष हो!!

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