श्रीसिद्ध शनीधाम मन्दिरअसोला, महरौली, नई दिल्ली भाग: १२२,पँ० ज्ञानेश्वर हँस “देव” की कलम से

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भारत के धार्मिक स्थल: श्रीसिद्ध शनीधाम मन्दिर असोला, महरौली, नई दिल्ली भाग: १२२

आपने पिछले भाग में पढ़ा : भारत के प्रसिद्ध धार्मिकस्थल: श्रीवैष्णोदेवी मन्दिर, गुलाबी बाग़, नई दिल्ली! यदि आपसे यह लेख छूट गया हो और आपमें पढ़ने की जिज्ञासा हो तो आप प्रजा टुडे की वेबसाइट धर्म-सहित्य पृष्ठ पर जा कर पढ़ सकते हैं!

आज हम भारत के धार्मिक स्थल: श्रीसिद्ध शनीधाम मन्दिर असोला, महरौली, नई दिल्ली भाग: १२२

श्री सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम असोला फतेहपुर बेरी महरौली नई दिल्ली! यहाँ पर श्री शनि देव महाराज की विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति स्थापित है! यह प्रतिमा ८ टन की अष्टधातु से बनी हुई है! यहाँ पर श्री श्री महामण्डलेश्वर परमहँस दाती जी महाराज ने १०० करोड़ २५ लाख जाप करने के बाद ही भगवान श्री शनि देव महाराज की स्थापना करके भव्य मन्दिर बनवाया है! श्रद्धालुओं को अपनी स्थिति परिस्थिति में बदलाव के चलते मन मस्तिषक को बहुत अच्छा लगने लगता है और आपको सत्य बताएँ यहाँ दर्शन अवश्य करें और अपनी मनोकामनाएँ सिद्ध होने पर पुनः आएँ!

मनुष्य पर भगवान का आशीर्वाद बना रहे तो जीवन की सभी दु:ख सभी तकलीफें स्वतः ही दूर हो जाती हैं! प्रत्येक व्यक्ति यही चाहता है कि उसको अपने जीवन में भगवान की कृपा दृष्टि प्राप्त हो, जिससे वह अपना जीवन ठीक प्रकार से कर पाए! यदि हम शनि देव की बात करें तो भगवान शनि देव को ग्रहों में अतिप्रभावशाली ग्रह माना गया है! यह ऐसे दातार हैं जो अपने भक्त को मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार ही फल प्रदान करते हैं! इसी कारणवश भगवान शनि देव की पूजा करते समय श्रद्धालुजन सावधानियाँ का पालन करते हैं ताकि यह नाराज़ ना हों और व्यक्ति हमेशा इनके गुस्से से बच पाए! ऐसे बहुत से व्यक्ति हैं जो शनिवार के दिन शनि देव की पूजा अर्चना तो करते हैं और अपने जीवन को सुखमय बनाने की प्रार्थना करते भी करते हैं!

शनिदेव यदि किसी की भक्ति से प्रसन्न हो जाते हैं तो उस व्यक्ति का जीवन ख़ुशहाल बन जाता है और वह अपने जीवन में लगातार तरक्की की ओर बढ़ता है! वैसे देखा जाए तो भारत में एवँ दिल्ली के कोने-कोने में शनि मन्दिर मौजूद है और इन मन्दिरों में लोग शनिदेव की पूजा अर्चना करते हैं और इनकी कृपा प्राप्त करने की हर सँभव कोशिश में लगे रहते हैं! अगर आप भी शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के इच्छुक हैं और अपने जीवन की परेशानियों से छुटकारा प्राप्त करना चाहते हैं तो आज हम आपको शनिदेव के ऐसे चमत्कारिक मन्दिर के बारे में जानकारी देते हैं, जो दिल्ली भर में प्रसिद्ध है! ऐसा कहा जाता है कि इस मन्दिर में दर्शन करने मात्र से ही व्यक्ति के ऊपर से शनि का बुरा प्रभाव दूर हो जाता है और व्यक्ति का जीवन खुशहाल बनता है!

श्री सिद्ध शक्ति पीठ शनिधाम, श्री शनि तीर्थ क्षेत्र, ३२९, असोला, फतेहपुर बेरी, महरौली, नई दिल्ली – ११००७४ है! मन्दिर में आने का समय : प्रातः ६:०० बजे से १० बजे तक! सम्पूर्ण सप्ताह के अतिरिक्त शनिवार महत्वपूर्ण दिन है!

श्री शनि देव जी का शाबर सिद्ध मन्त्र :

ॐ शँ शनैश्चराय नमः !!

।। श्री शनि स्तुति ।।

॥ दोहा ॥

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल।

दीनन के दुःख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥

जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज।

करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज॥

शनिवार को इस शनि स्तुति का पाठ करता है हर पल रक्षा

॥ चौपाई ॥

जयति जयति शनिदेव दयाला। करत सदा भक्तन प्रतिपाला॥

चारि भुजा, तनु श्याम विराजै। माथे रतन मुकुट छवि छाजै॥

परम विशाल मनोहर भाला। टेढ़ी दृष्टि भृकुटि विकराला॥

कुण्डल श्रवन चमाचम चमके। हिये माल मुक्तन मणि दमकै॥

कर में गदा त्रिशूल कुठारा। पल बिच करैं अरिहिं संहारा॥

पिंगल, कृष्णो, छाया, नन्दन। यम, कोणस्थ, रौद्र, दुःख भंजन॥

सौरी, मन्द शनी दश नामा। भानु पुत्र पूजहिं सब कामा॥

जापर प्रभु प्रसन्न हवैं जाहीं। रंकहुं राव करैं क्षण माहीं॥

पर्वतहू तृण होइ निहारत। तृणहू को पर्वत करि डारत॥

राज मिलत वन रामहिं दीन्हयो। कैकेइहुं की मति हरि लीन्हयो॥

 

वनहुं में मृग कपट दिखाई। मातु जानकी गई चुराई॥

लषणहिं शक्ति विकल करिडारा। मचिगा दल में हाहाकारा॥

रावण की गति-मति बौराई। रामचन्द्र सों बैर बढ़ाई॥

दियो कीट करि कंचन लंका। बजि बजरंग वीर की डंका॥

नृप विक्रम पर तुहि पगु धारा। चित्र मयूर निगलि गै हारा॥

हार नौलखा लाग्यो चोरी। हाथ पैर डरवायो तोरी॥

भारी दशा निकृष्ट दिखायो। तेलहिं घर कोल्हू चलवायो॥

विनय राग दीपक महं कीन्हयों। तब प्रसन्न प्रभु ह्वै सुख दीन्हयों॥


हरिश्चन्द्र नृप नारि बिकानी। आपहुं भरे डोम घर पानी॥

तैसे नल पर दशा सिरानी। भूंजी-मीन कूद गई पानी॥

श्री शंकरहिं गह्यो जब जाई। पारवती को सती कराई॥

तनिक विकलोकत ही करि रीसा। नभ उड़ि गतो गौरिसुत सीसा॥

पाण्डव पर भै दशा तुम्हारी। बची द्रोपदी होति उधारी॥

कौरव के भी गति मति मारयो। युद्ध महाभारत करि डारयो॥

रवि कहं मुख महं धरि तत्काला। लेकर कूदि परयो पाताला॥

शेष देव-लखि विनती लाई। रवि को मुख ते दियो छुड़ाई॥

वाहन प्रभु के सात सुजाना। जग दिग्गज गर्दभ मृग स्वाना॥

जम्बुक सिह आदि नख धारी। सो फल ज्योतिष कहत पुकारी॥

गज वाहन लक्ष्मी गृह आवैं। हय ते सुख सम्पत्ति उपजावै॥

गर्दभ हानि करै बहु काजा। सिह सिद्धकर राज समाजा॥

जम्बुक बुद्धि नष्ट कर डारै। मृग दे कष्ट प्राण संहारै॥

जब आवहिं स्वान सवारी। चोरी आदि होय डर भारी॥

तैसहि चारि चरण यह नामा। स्वर्ण लौह चांदी अरु तामा॥

लौह चरण पर जब प्रभु आवैं। धन जन सम्पत्ति नष्ट करावैं॥

समता ताम्र रजत शुभकारी। स्वर्ण सर्वसुख मंगल भारी॥

जो यह शनि चरित्र नित गावै। कबहुं न दशा निकृष्ट सतावै॥

अद्भुत नाथ दिखावैं लीला। करैं शत्रु के नशि बलि ढीला॥

जो पण्डित सुयोग्य बुलवाई। विधिवत शनि ग्रह शांति कराई॥

पीपल जल शनि दिवस चढ़ावत। दीप दान दै बहु सुख पावत॥

कहत राम सुन्दर प्रभु दासा। शनि सुमिरत सुख होत प्रकाशा॥

॥ दोहा ॥

पाठ शनिश्चर देव को, की हों ‘भक्त’ तैयार।

करत पाठ चालीस दिन, हो भवसागर पार॥

॥ इति श्री शनि चालीसा समाप्त ॥

हवाई मार्ग से कैसे पहुँचें श्री शनि मन्दिर:

इन्दिरा गाँधी अन्तरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से मात्र २३ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है श्री वैष्णोदेवी मन्दिर!

रेल मार्ग से कैसे पहुँचें श्री शनि मन्दिर:

निकटतम मेट्रो स्टेशन छतरपुर है! इस मेट्रो लाईन का रँग पीला यानी पीला रँग है! शनि मन्दिर से मेट्रो की दूरी ८.२ किलोमीटर है!

सड़क मार्ग से कैसे पहुँचें श्री शनि मन्दिर:

बस कार अथवा मोटरसाईकिल से आसानी से पहुँच सकते हैं महरौलीअसोला फतेहपुर बेरी के शनिधाम मन्दिर! क़ुतुब मीनार से मात्र ९ किलोमीटर है आप अब्दुल गफ्फार ख़ान मार्ग से वसन्त कुँज मार्ग से आप पहुँच सकते हो!

सिद्ध पीठ शनि धाम की जय हो! जयघोष हो!!

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