उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी,कहीं भूस्खलन तो कहीं इलाके जलमग्न

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@ देहरादून उत्तराखंड 

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के पूर्वानुमान के अनुसार राजधानी देहरादून सहित गढ़वाल और कुमाऊं के कई जिलों में भारी बारिश जारी है, जिस कारण मैदानी इलाकों में जहां कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है। ऋषिकेश बदरीनाथ हाईवे के साथ कई ग्रामीण सड़कें जगह-जगह पर मलबा आने के कारण बंद पड़ी है।

कोटद्वार में खो नदी, मालन नदी और सुखरौ नदी सुबह से ही उफान पर है। कोटद्वार के दो युवक आज सुबह सुखरौ नदी देखने गए, जिससे अचानक नदी में पानी बढ़ गया और दोनों युवक नदी के टापू में फंस गए। राहगीरों ने कोटद्वार थाने में सूचना दी। तत्काल ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को रेस्क्यू कर सकुशल बचा लिया गया है। 108 की मदद से दोनों युवकों को बेस अस्पताल स्वास्थ्य परीक्षण के लिए ले जाया गया है।

भारी बारिश को देखते हुए शासन और सभी जिलों के प्रशासन अलर्ट पर हैं। बारिश के कारण बंद सडकों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।चमोली जनपद में ऋषिकेश बदरीनाथ हाईवे बंद है। उत्तरकाशी में 8 ग्रामीण सड़कें, देहरादून जिले में एक हाइवे, दो राज्य मार्ग और एक मुख्य जिला मार्ग सहित 22 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। पौड़ी में दो राज्य मार्ग, एक जिला मार्ग और 13 ग्रामीण सड़कें बंद हैं।

अल्मोड़ा में 5 ग्रामीण सड़कें, चंपावत में 2 ग्रामीण सड़के, रुद्रप्रयाग में मयाली तिलवाड़ा राज्य मार्ग पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण 8 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। टिहरी में 5 ग्रामीण सड़कें, नैनीताल में 3 ग्रामीण सड़कें, बागेश्वर में 33 ग्रामीण सड़कें, पिथौरागढ़ में एक बॉर्डर सहित 14 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। तो उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जनपद में 11 केवी की लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण 12 गांव की बिजली आपूर्ति बाधित है। राजधानी देहरादून में भी भारी बारिश हुई। भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न रहीं, जिस कारण लोगों को आवाजाही में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शहर में ड्रेनेज सिस्टम की उचित व्यवस्था न होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कतें हो रही हैं।

 

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