अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री का कार्यकाल सफलतापूर्ण एक वर्ष पूरा होने पर बधाई दी

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@ गांधीनगर गुजरात 

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के कार्यकाल का सफलतापूर्ण एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, उनकी मंत्रिपरिषद के सदस्य और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।

इस अवसर पर अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि आज विश्वास से विकास कार्यक्रम के अवसर पर लगभग 1180 करोड़ रुपये के 519 कार्यों का उदघाटन और लोकार्पण हुआ है जो गुजरात के विकास की कभी ना रुकने वाली यात्रा का एक महत्वपूर्ण पडाव है। गृह मंत्री ने कहा कि इसमें उनके संसदीय क्षेत्र में 170 प्रकल्पों में 346 करोड़ रुपये के लोकार्पण और शिलान्यास शामिल है। उन्होने इसके लिए गुजरात सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया। शाह ने कहा कि आज नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विगत 20 वर्षों में गुजरात की जनता के विश्वास और सरकार द्वारा किए गए विकास को गति देने का भी दिन है। गुजरात में पिछले 20 साल में शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, उर्जा, कृषि, उधोग, समाज कल्याण और पर्यटन समेत हर क्षेत्र के अंदर एक आदर्श व्यवस्था बनाने का काम हुआ है। मोदीजी ने जिस परंपरा की स्थापना कि मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने उसे  चरितार्थ कर दोगुनी गति से आगे बढ़ाया है और आज जमीन पर उसके परिणाम दिखाई दे रहे हैं।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में गत एक साल के अंदर गुजरात में कानून व्यवस्था, औधोगिक और कृषि विकास, रोजगार, विदेशी निवेश और खास कर प्राकृतिक खेती में जो काम हुआ है, उसने पटेल के खिलाफ प्रश्न खडे करने वाले लोगो के मुँह बंद कर दिये हैं। अमित शाह ने कहा कि पिछले एक साल में गुजरात ने प्रगति के हर क्षेत्र में एक नई ऊंचाई हासिल की है। गत 10 वर्षों में गुजरात की अर्थव्यवस्था ने 8.2 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है और कोरोना काल के बावजूद भूपेन्द्र पटेल ने उस विकासदर को बनाए रखा है, जो एक बहुत बड़ी सिद्धि है। गत एक वर्ष में गुजरात ने लगभग 18.14 प्रतिशत की उच्चतम उत्पादन ग्रोथ कर भारत के विकास में बहुत बडा योगदान दिया है।

गृह मंत्री ने कहा कि 13 सितंबर का दिन भारत के इतिहास में ऐतिहासिक दिन है। आज ही के दिन गुजरात के सपूत और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने हैदराबाद के भारत में विलय को रोकने के लिए हैदराबाद के निजाम ने जो रुकावटें डाली थीं उसके खिलाफ पुलिस कारवाई कर हैदराबाद के भारत में विलय की प्रक्रिया शुरु की थी। 17 सितंबर को हैदराबाद का भारत में विलय हो गया और इन चार दिनों को देश के दक्षिण भाग को भारत का अभिन्न अंग बनाने के स्वर्णकाल के रूप लिखा गया है। उन्होने कहा कि महान क्रांतिकारी जतीनदास ने अंग्रेजों की अमानवीय यातना के खिलाफ लाहौर जेल में 63 दिन की भूख हडताल के बाद आज ही के दिन अपने प्राण त्याग दिये थे। 63 दिन की इस भूख हडताल ने 1929 में समग्र भारत के युवाओं में एक नई चेतना जगाने का काम किया था और जतीनदास ने अपने प्राणों की आहुति देकर भारत के मुक्ति का आंदोलन को वेग देने का काम किया था।

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