हैदराबाद तेलंगाना : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 फरवरी,2025 को तेलंगाना के हैदराबाद में स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों की डिजाइन और विकास के केंद्र, DRDO के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। उन्हें रिसर्च सेंटर इमारत की ओर से चलाए जा रहे मिसाइल प्रौद्योगिकियों और इससे जुड़े कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत और आरसीआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अधिकारी उपस्थित थे।

राजनाथ सिंह ने लंबी दूरी वाली हाइपरसोनिक एंटीशिप मिसाइल परियोजना की टीम को भी सम्मानित किया, जिसकी उड़ान का सफल परीक्षण नवंबर 2024 में हुआ। सफल परीक्षण ने भारत को हाइपरसोनिक मिसाइल क्षमताओं वाले चुनिंदा देशों के समूह में शामिल कर दिया है।
वैज्ञानिकों के साथ बातचीत करते हुए रक्षा मंत्री ने भारत की रक्षा क्षमताओं में उनके अद्वितीय योगदान के लिए उनकी सराहना की और भरोसा जताया कि ठोस प्रयासों से भारत 2027 तक स्वयं को शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में पाएगा। उन्होंने उनसे समर्पण और ईमानदारी के साथ काम करते हुए अपनी परियोजनाओं में तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी परिवर्तन को ध्यान में लगाए रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, विशेषकर मिसाइल विकास में पूर्व राष्ट्रपति के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता।
अपने संबोधन में DRDO के अध्यक्ष ने महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के विकास और यह सुनिश्चित करने के लिए संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई कि भारत ‘आत्मनिर्भर’ बनने के साथ-साथ प्रौद्योगिकी में अग्रणी भी बने। उन्होंने कहा, DRDO प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस दृष्टिकोण को साकार करने का प्रयास करेगा कि रक्षा प्रणालियां भारत में बनाई जाएं और दुनिया के लिए बनाई जाएं।

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