झूलन गोस्वामी को यादगार विदाई देने उतरेगी भारतीय टीम

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@ नई दिल्ली

महिला क्रिकेट में तेज गेंदबाजी का पर्याय बन चुकी झूलन गोस्वामी शनिवार को जब लॉर्ड्स में अपने करियर का आखिरी मैच खेलने उतरेंगी तो भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय क्रिकेट श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप करके अपनी इस दिग्गज खिलाड़ी को यादगार विदाई देने का प्रयास करेगी।मैच भारतीय समयानुसार दोपहर बाद 3.30 बजे से शुरू होगा।लॉर्ड्स में क्रिकेट खेलना किसी भी खिलाड़ी का सपना होता है तथा इस मैदान पर शतक जड़ना या पांच विकेट लेना बड़ी उपलब्धि मानी जाती है लेकिन बहुत कम खिलाड़ियों को इस ऐतिहासिक मैदान पर अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कहने का मौका मिलता है।

सुनील गावस्कर (हालांकि उन्होंने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच यहां खेला था) को यह मौका नहीं मिला। सचिन तेंदुलकर हो या ब्रायन लारा या फिर ग्लेन मैकग्रा किसी को भी लॉर्ड्स में अपना अंतिम मैच खेलने का मौका नहीं मिला।यहां तक की लगभग 20 वर्षों तक झूलन की साथी रही मिताली राज को भी क्रिकेट मैदान पर अपने करियर को अलविदा कहने का अवसर नहीं मिला लेकिन भाग्य चक्र देखिए कि गोस्वामी अपना आखिरी मैच लॉर्ड्स में खेलने जा रही है।

भारत पहले ही तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुका है, लेकिन हरमनप्रीत कौर और उनके साथी क्लीन स्वीप करके झूलन को यादगार विदाई देने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो मैचों में खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन किया और वह अपनी इस लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगा।

भारत के लिए सबसे बड़ी फायदे की बात यह रही कि कप्तान हरमनप्रीत अपनी पुरानी लय में लौट चुकी हैं। उन्होंने पहले दो मैचों में नाबाद 74 और नाबाद 143 रन की पारियां खेली। भारत के लिए हालांकि शेफाली की फॉर्म चिंता का विषय है जो पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए जूझ रही है।हरलीन देओल ने मध्यक्रम में अपनी जगह पक्की कर ली है लेकिन झूलन के संन्यास लेने के बाद तेज गेंदबाजों मेघना सिंह, रेणुका ठाकुर और पूजा वस्त्राकर को अपने खेल में अधिक निखार लाना होगा।

जहां तक इंग्लैंड का सवाल है तो कप्तान हीथर नाइट (चोट के कारण) और स्टार ऑलराउंडर नट साइवर (मानसिक स्वास्थ्य कारणों से) की उसे बहुत कमी खल रही है तथा इससे टीम का संतुलन भी गड़बड़ा गया है।भारत ने पिछली बार इंग्लैंड में वनडे श्रृंखला 1999 में जीती थी जबकि झूलन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण भी नहीं किया था। अब वह अपना 204 वां और आखिरी मैच खेलने के लिए तैयार हैं। उनके नाम पर रिकॉर्ड 353 अंतरराष्ट्रीय विकेट दर्ज हैं।

पश्चिम बंगाल के एक छोटे से कस्बे चकदा की यह क्रिकेटर पिछले 20 वर्षों से भारतीय आक्रमण की अगुवाई कर रही है। वह आईसीसी की वर्ष की महिला क्रिकेटर बन चुकी हैं।झूलन ने जब भारत के लिए पहला मैच खेला था तब शेफाली वर्मा और रिचा घोष का जन्म भी नहीं हुआ था और जेमिमा रोड्रिग्स संभवत: गोदी में खेलती होंगी। यहां तक कि हरमनप्रीत कौर तब क्रिकेटर बनने का सपना देख रही थी।

और अब वह जब संन्यास ले रही हैं तब हरमनप्रीत उनकी कप्तान तथा शेफाली, जेमिमा, रिचा और यास्तिका भाटिया उनकी टीम साथी हैं।अब महिलाओं के लिए इंडियन प्रीमियर लीग शुरू करने कीयोजना बन रही है, महिलाओं के पास केंद्रीय अनुबंध है और उन्हें पर्याप्त धनराशि मिलती है लेकिन जब झूलन ने अपने करियर की शुरुआत की थी तब उन्हें काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने खेल में लगातार सुधार करके महिला क्रिकेट के शिखर पर पहुंची। इसलिए तय है कि भारतीय टीम ऐसी खिलाड़ी को यादगार विदाई देने के लिए श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप करने में अपनी तरफ से किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी।

टीम इस प्रकार हैं :

भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, सबिनेनी मेघना, दीप्ति शर्मा, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), पूजा वस्त्राकर, स्नेह राणा, रेणुका ठाकुर, मेघना सिंह, राजेश्वरी गायकवाड़, हरलीन देओल, दयालन हेमलता, सिमरन दिल बहादुर, झूलन गोस्वामी, तानिया भाटिया और जेमिमा रोड्रिग्स।

इंग्लैंड: एमी जोन्स (कप्तान और विकेटकीपर), टैमी ब्यूमोंट, लॉरेन बेल, माइया बाउचियर, एलिस कैप्सी, केट क्रॉस, फ्रेया डेविस, एलिस डेविडसन-रिचर्ड्स, चार्ली डीन, सोफिया डंकले, सोफी एक्लेस्टोन, फ्रेया केम्प, इस्सी वोंग और डैनी वाइट।

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