केजरीवाल टैक्स पेयर्स के पैसों को विकास की जगह राजनीतिक पर्यटन में लगा रहे : आदेश गुप्ता

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@ नई दिल्ली

 भारतीय जनता पार्टी के सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने केजरीवाल की नई आबकारी नीति में हुए भ्रष्टाचार में एक और स्टिंग ऑपरेशन के तहत वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि वीडियो को देखने के बाद अब और किसी भी प्रकार के बचाव और बोलने की गुंजाइश नहीं बचती है। त्रिवेदी ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपी नंबर 9 अमित अरोड़ा वीडियों में भ्रष्टाचार के खुद ही पत्ते खोल रहे हैं कि किस कंपनी से किस प्रकार से कितना पैसा लिया गया और यह पूरी नीति किस ढंग से बनाई गई। इस बात का भी जिक्र अमित अरोड़ा ने इस वीडियो में किया है।

राष्ट्रीय कार्यालय में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता और भाजपा के वरिष्ठ नेता सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि केजरीवाल ने चुनिंदा लोगों के हाथों में ही शराब के ठेके दिए ताकि उनसे पैसे वापस लिया जा सके। वीडियो में साफ तौर पर यह बताया गया है कि ब्रैंकों ब्रांच नामक कंपनी के अमन ढल की तरफ से 60 करोड़ रुपये, इंडो स्प्रीट की तरफ से 100 करोड़ रुपये देने की बात है। उन्होंने कहा कि मैन्यूफेक्चरर, होलसेलर और रिटेलर के बीच कमीशन कंपनियां तय करती हैं ताकि कोई मनमुटाव न हो, लेकिन यह पहली बार सरकार द्वारा तय किया गया और उसमें भी कमीशन सिर्फ होलसेलर का तय हुआ है। प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख संजय मयूख और प्रदेश भाजपा मीडिया रिलेशन विभाग के प्रभारी हरीश खुराना भी उपस्थित थे।

सुधांशु त्रिवेदी ने वीडियो दिखाते हुए कहा कि इस शराब नीति से मिले कमीशन का प्रयोग गोवा और पंजाब के चुनावों में केजरीवाल द्वारा खर्च किए गए। इतना ही नहीं इस पॉलिसी में 5-5 करोड़ रुपए तक की न्यूनतम फीस निर्धारित की गई। 5 करोड़ इसलिए रखा गया ताकि छोटा-मोटा प्लेयर इस पूरे मामले में ना आ पाए जबकि किसी अन्य राज्यों में यह पॉलिसी इस आधार पर बनाई जाती है कि छोटे-छोटे व्यापारियों को भी काम करने का मौका मिले। उन्होंने कहा कि वीडियों के आधार पर कार्रवाई की बात करने वाले केजरीवाल अभी भी दो-दो वीडियो आने के बाद भी चुप हैं। इसका साफ मतलब है कि वे खुद इस पूरे प्रकरण में शामिल हैं। मतलब साफ है कि दिल्ली की शराब पॉलिसी अब नशीली के साथ-साथ जहरीली भी बन गई है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल के हर काम में भ्रष्टाचार, अपने लोगों को फायदा और दिल्ली के राजस्व को लूटने की साजिश शामिल होती है। 165 फीसदी राजस्व जो दिल्ली के खजाने में आता था वह आज सिर्फ एक फीसदी ही दिल्ली के राजस्व को मिलता है। उन्होंने कहा कि आज स्टिंग मास्टर का स्टिंग हो रहा है। दो-दो वीडियो सामने आ चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद केजरीवाल आज भी चुप हैं। पहले वीडियो में छह फीसदी कमीशन, ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को टेंडर और जिनसे फायदा लेना था उन्हें पूरा का पूरा टेंडर दिया और इस वीडियो में किससे कितना लिया और उन पैसों का कहां इस्तेमाल किया गया, ये सारी बातें सामने आ चुकी है।

आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को लूटने के बाद जब पंजाब में केजरीवाल की सरकार आई तो वहां भी अपने दो चहेती कंपनियों को एल-1 ठेका दे दिया और उनसे हज़ारों करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार किया। आज केजरीवाल के भ्रष्टाचार की करतूतों का स्टिंग सबके सामने आ चुका है और इसके बावूजद उनकी चुप्पी इस पूरे मामले को और पुख्ता करती है। उन्होंने कहा कि आखिर केजरीवाल की नैतिकता और ईमानदारी आज कहां गई जब वह बड़ी-बड़ी बातें और कसमें खाया करते थे। भ्रष्टाचार को खत्म करने की कसमें खाने वाले केजरीवाल सरकार आज भ्रष्टाचार के रथ पर सवार केजरीवाल सरकार टैक्स पेयर्स के पैसों का इस्तेमाल विकास की जगह राजनीतिक पर्यटन में कर रही है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि आज केजरीवाल के ऊपर 240 करोड़ रुपये का विभिन्न कंपनियों से लेने का आरोप लग चुका है। लेकिन बावजूद उसके कार्रवाई करने की जगह अपने चहेतों से 10 करोड़ रुपये लेकर 150 करोड़ रुपये तक का फायदा पहुंचाने का काम केजरीवाल ने किया। दिल्ली के खजाने को लूटने का काम केजरीवाल और उनके चहेतों ने होटल ओबरॉय में बैठकर किया गया। उन्होंने कहा कि दिनेश अरोड़ा ने छह फीसदी कमीशन कलेक्शन एडवांस में किया ताकि उसका प्रयोग चुनावों में किया जा सके। 500 से अधिक रुपये प्रति बोतल बिकने वाली शराब की बोतल 150 में दिल्ली में बिकी और फिर देश भर के ब्लैक बेचने वाले शराब माफिया दिल्ली से शराब की बोतले खरीदकर अपने राज्यों में बेचा।

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