प्राचीन सूर्य देव मन्दिर बेलाउर गाँव, ज़िला भोजपुर, बिहार भाग : ३११,पँ० ज्ञानेश्वर हँस “देव” की क़लम से

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भारत के धार्मिक स्थल : प्राचीन सूर्य देव मन्दिर बेलाउर गाँव, ज़िला भोजपुर, बिहार भाग : ३११

आपने पिछले भाग में पढ़ा होगा भारत के धार्मिक स्थल : कालकाजी मन्दिर, कालकाजी, नई दिल्ली! यदि आपसे उक्त लेख छूट गया या रह गया हो तो आप कृपया करके प्रजा टूडे की वेब साईट पर जाकर www.prajatoday.com धर्मसाहित्य पृष्ठ पढ़ सकते हैं! आज हम प्रजाटूडे समाचारपत्र के अति-विशिष्ट पाठकों के लिए लाए हैं।

भारत के धार्मिक स्थल : प्राचीन सूर्य देव मन्दिर बेलाउर गाँव, ज़िला भोजपुर, बिहार भाग : ३११

बेलार्क मन्दिर या बेलाउर सूर्य मन्दिर बिहार के भोजपुर ज़िले के बेलाउर गाँव के पश्चिमी एवँ दक्षिणी छोर पर अवस्थित एक प्राचीन सूर्य मन्दिर है। इस मन्दिर का निर्माण राजा सूबा ने करवाया था। बाद मे बेलाउर गाँव में कुल ५२ पोखरा (तालाब) का निर्माण कराने वाले राजा सूबा को ‘राजा बावन सूब’ के नाम से पुकारा जाने लगा। राजा द्वारा बनवाए ५२ पोखरों मे एक पोखर के मध्य में यह सूर्य मन्दिर स्थित है।

यहाँ छठ महापर्व के दौरान प्रति वर्ष एक लाख से अधिक श्रद्धालु जन आते हैं जिनमें उत्तर प्रदेश एवँ मध्य प्रदेश के श्रद्धालुगण भी होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि सच्चे मन से इस स्थान पर छठ व्रत करने वालों की सभी मनोकामनाएँ पूरी होती है तथा कई रोग-व्याधियाँ से भी मुक्ति मिलती है। धन धान्य आस औलाद आरोग्यता विद्या में निपुणता कारोबार में असीम लाभ एवँ अनगिनत दुष्ट समस्याओं का समापन सूर्यार्घ्य करके स्वतः ही प्राप्त हो जाया करते हैं!

सूर्य स्तुति चमत्कारी है :

चमत्कारी सूर्य स्तुति पहली पाठ करते ही होने लगते हैं चमत्कार सिद्ध सूर्य आदि देव सृष्टि के प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्यदेव ही इस सृष्टि के जीवन के प्राण आधार माने जाते हैं। अगर जीवन में आने वाले आपदाओं, संकटों, शत्रु भय, धन का अभाव आदि कई समस्याओं से मुक्ति चाहते हो तो हर इस सूर्य स्तुति का पाठ सूर्योदय के समय जरूर करें। ऐसा करने से साधके जीवन में बार-बार सूर्य कृपा के चमत्कार दिखाई देने लगते हैं। सूर्य स्तुति के पाठ से होती है कामनाएं पूरी।

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।। अथ सूर्य स्तुति पाठ शब्दार्थ सहित ।।

जो भी साधक हर रोज उगते सूर्य के सामने बैठकर भगवान सूर्य की इस स्तुति का पाठ अर्थ सहित करता है, सूर्य नारायण की कृपा से उसकी सभी इच्छाएं पूरी हो जाती है।

१- श्रणुष्व मुनिशार्दूल सूर्यस्य कवचं शुभम्।
शरीरारोग्दं दिव्यं सव सौभाग्य दायकम्।।

अर्थात- यह सूर्य कवच शरीर को आरोग्य देने वाला है तथा संपूर्ण दिव्य सौभाग्य को देने वाला है।

२- देदीप्यमान मुकुटं स्फुरन्मकर कुण्डलम।
ध्यात्वा सहस्त्रं किरणं स्तोत्र मेततु दीरयेत्।।

अर्थात- चमकते हुए मुकुट वाले डोलते हुए मकराकृत कुंडल वाले हजार किरण (सूर्य) को ध्यान करके यह स्तोत्र प्रारंभ करें।

३- शिरों में भास्कर: पातु ललाट मेडमित दुति:।
नेत्रे दिनमणि: पातु श्रवणे वासरेश्वर:।।

अर्थात- मेरे सिर की रक्षा भास्कर करें, अपरिमित कांति वाले ललाट की रक्षा करें। नेत्र (आंखों) की रक्षा दिनमणि करें तथा कान की रक्षा दिन के ईश्वर करें।

४- ध्राणं धर्मं धृणि: पातु वदनं वेद वाहन:।
जिव्हां में मानद: पातु कण्ठं में सुर वन्दित:।।

अर्थात- मेरी नाक की रक्षा धर्मघृणि, मुख की रक्षा देववंदित, जिव्हा की रक्षा मानद् तथा कंठ की रक्षा देव वंदित करें।

५- सूर्य रक्षात्मकं स्तोत्रं लिखित्वा भूर्ज पत्रके।
दधाति य: करे तस्य वशगा: सर्व सिद्धय:।।

अर्थात- सूर्य रक्षात्मक इस स्तोत्र को भोजपत्र में लिखकर जो हाथ में धारण करता है तो संपूर्ण सिद्धियां उसके वश में होती है।

६- सुस्नातो यो जपेत् सम्यग्योधिते स्वस्थ: मानस:।
सरोग मुक्तो दीर्घायु सुखं पुष्टिं च विदंति।।

अर्थात- स्नान करके जो कोई स्वच्छ चित्त से कवच पाठ करता है वह रोग से मुक्त हो जाता है, दीर्घायु होता है, सुख तथा यश प्राप्त होता है।

इस स्तुति का पाठ यदि कोई साधक लगातार ४० दिन तक करता है उसके जीवन में कभी समस्या रूपी अँधकार नहीं आ सकता। यह अक्षरशः सत्य है!जिसके हृदय में हो सूर्य नारायण का बसेरा,उसके जीवन में कभी छा सकता नहीँ अँधेरा

सूर्य देव मन्दिर का पता:

स्थान: बेलार्क मन्दिर, पश्चिमी बेलाउर गाँव, ज़िला भोजपुर, उदवंतनगर, बिहार!

हवाई मार्ग से कैसे पहुँचें :

श्री सूर्य देव मन्दिर तक पहुंचने के लिए जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे तक पहुँचें! वहाँ से टैक्सी किराए पर ले सकते हैं। हवाई अड्डे के अन्दर से प्रीपेड टैक्सी या बाहर से कैब द्वारा यात्रा करके आप दो घण्टे तीस मिनट्स में, ६२.९ किलोमीटर की यात्रा करके NH: १३९ मार्ग से आसानी से पहुँच सकते हैं।

लोहपथगामिनी मार्ग से कैसे पहुँचें :

ट्रेन से: श्री सूर्य देव मन्दिर तक पहुंचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन उदवंतनगर हाल्ट है! वहाँ से आप लगभग २८ मिनट्स में वाया इकौना-खैरा-सहार मार्ग से १०.९ किलोमीटर की यात्रा करके पहुँच जाएँगे मन्दिर ।

सड़क मार्ग से कैसे पहुँचें :

आप ISBT से बस द्वारा अथवा अपनी कार से NH : लखनऊ एक्सप्रेस और पूर्वांचल एक्सप्रेस मार्ग से १६ घण्टे ४३ मिनट्स में पँहुँच सकते है श्री सूर्य देव मन्दिर। निकटवर्ती सड़कें बेहतरीन है! 

श्री सूर्य नारायण देव की जय हो। जयघोष होII

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