पर्यटन और आतिथ्य भारत में रोजगार पैदा करने वाले सबसे बड़े क्षेत्रों में शुमार है : जी किशन रेड्डी

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@ नई दिल्ली

पर्यटन और आतिथ्य का क्षेत्र भारत में सबसे बड़े रोजगार सृजन के क्षेत्रों में शुमार है और विदेशी मुद्रा आय (एफईई) का एक बड़ा  हिस्सा पैदा करने में योगदान दे रहा है। वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के तीसरे टीएसए (पर्यटन उपग्रह खाता) के अनुसार देश के रोजगार में पर्यटन का योगदान इस प्रकार है:

 

2017-18

2018-19

2019-20

नौकरी उमें हिस्सेदारी (फीसदी में)

14.78

14.87

15.34

प्रत्यक्ष (फीसदी में)

6.44

6.48

6.69

अप्रत्यक्ष (फीसदी में)

8.34

8.39

8.65

पर्यटन के कारण प्रत्यक्ष/ अप्रत्यक्ष रोजगार (मिलियन में)

72.69

75.85

79.86

18 जुलाई 2022 तक अतुल्य भारत पर्यटन सुविधा  मूल प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम के 3 बैचों के लिए परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गई है, जिसके तहत कुल 3795 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया है और उनका पुलिस सत्यापन पूरा होने के बाद उन्हें प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। आईआईटीएफ प्रमाणन कार्यक्रम के लिए संशोधित दिशानिर्देश के तहत, मौजूदा क्षेत्रीय स्तर के गाइड का नाम बदलकर अतुल्य भारत पर्यटक गाइड कर दिया गया है। कुल 1795 आईआईटीजी (पूर्व में जिसे आरएलजी के रूप में जाना जाता है) ने रिफ्रेशर कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया है।

देशभर में सुप्रशिक्षित और पेशेवर पर्यटक सुविधाकर्ताओं का एक पूल बनाने के उद्देश्य से आईआईटीएफसी कार्यक्रम एक जनवरी 2020 को शुरू किया गया था। यह एक डिजिटल पहल है जो  उम्मीदवारों के लिए बुनियादी, उन्नत (विरासत और साहसिक), स्पोकन लेंग्वेज और रिफ्रेशर कोर्स के लिए आईआईटीएफसी कार्यक्रम के तहत एक ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफाॅर्म प्रदान करती है।आईआईटीएफसी के लिए दिशानिर्देश बाजार की मांग, पर्यटन हितधारकों के अनुरोध आदि को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। हाल ही में, हितधारकों से प्राप्त अनुरोध के अनुसार, आईआईटीजी (एडवांस एंड हेरिटेज) पाठ्यक्रम के लिए न्यूनतम शैक्षिक मानदंड स्नातक या समकक्ष डिग्री तक बढ़ा दिया गया है।यह जानकारी पर्यटन मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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