पर्यटन स्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज की स्थापना की जाएगी : जी किशन रेड्डी

Share News

@ नई दिल्ली

केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी की उपस्थिति में धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश में राज्य पर्यटन मंत्रियों का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न हुआ। 12 राज्यों मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, गोवा, हरियाणा, मिजोरम, ओडिशा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के पर्यटन मंत्रियों ने सम्मेलन में भाग लिया।

समापन भाषण के दौरान,  जी किशन रेड्डी ने सभी राज्य प्रतिनिधियों और क्षेत्र के प्रतिनिधियों को उनके बहुमूल्य सुझावों के लिए धन्यवाद दिया। रेड्डी ने आग्रह किया कि सभी राज्य पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करें और उन्हें अपनाएं। पर्यटन स्थलों को बेहतर बनाने और बढ़ावा देने के लिए राज्यों को अपने स्तर पर विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों और हितधारकों के साथ इस तरह के सम्मेलन आयोजित करने चाहिए। रेड्डी ने युवा पर्यटन क्लबों के महत्व पर जोर दिया और कहा कि ये क्लब इस क्षेत्र में बड़े बदलाव ला सकते हैं।

रेड्डी ने यह भी जानकारी दी कि पर्यटन स्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किए जाएंगे।  उन्होंने राज्यों और हितधारकों से सभी होटलों और पर्यटन स्थलों पर झंडा लगाने की भी अपील की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक दूसरे से सीखने के अवसर प्रदान करने के लिए समय-समय पर इस तरह के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे और उम्मीद है कि इससे बहुत जल्द वांछित परिणाम मिलेंगे।

सम्मेलन के परिणाम के बारे में बात करते हुए, पर्यटन सचिव अरविंद सिंह ने कहा कि भारत मुख्य रूप से घरेलू पर्यटन के माध्यम से दुनिया भर के टूरिज्म सेक्टर की रिकवरी में योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सभी प्रमुख पर्यटन सूचकांकों जैसे घरेलू हवाई यात्री ट्रैफिक, होटल में पर्यटकों की मौजूदगी और पर्यटकों की संख्या ने महामारी से पहले के स्तर तक सुधार के संकेत दिखाना शुरू कर दिया है। 

2024 के लिए भारत पर्यटन क्षेत्र के लक्ष्यों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हम 2024 के मध्य तक महामारी के पहले के स्तर तक रिकवर होने का प्रयास करेंगे। देश को 2024 कर 1.5 करोड़ विदेशी यात्रियों के आगमन, सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन से 50 अरब डालर के और विदेशी मुद्रा आय में 30 अरब डालर के योगदान का अनुमान है।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दशक में भारत के 7-9 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ने का अनुमान है और 2030 तक पर्यटन से जीडीपी में 250 अरब डालर, विदेशी मुद्रा आय में 56 अरब डालर के योगदान, पर्यटन क्षेत्र में 13.7 करोड़ नौकरियां और 2.5 करोड़ विदेशी पर्यटकों के आगमन के स्तर को हासिल किया जाना है। हम 2047 तक पर्यटन क्षेत्र में भारत की स्थिति सबसे अग्रणी देशों में सुनिश्चित करने के लिए इन लक्ष्यों और प्रतिबद्धताओं के अनुरूप योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सम्मेलन सत्र के अंतिम दिन पर्यटन स्थलों की मार्केटिंग और प्रचार के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी की भूमिका, भारतीय आतिथ्य क्षेत्र में होमस्टे के उभरते महत्व, आयुर्वेद, कल्याण और चिकित्सा के लिए यात्रा, और अंत में वन और वन्यजीव पर्यटन पर सम्मेलन आयोजित किए गए। सचिव इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, भारत सरकार अल्केश शर्मा, सचिव कौशल विकास और उद्यमशीलता, भारत सरकार राजेश अग्रवाल, जी 20 शेरपा अमिताभ कांत, सदस्य नीति आयोग डॉ विनोद कुमार पॉल, एडिशनल सेक्रेटरी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण लव अग्रवाल, पर्यटन सचिव अरविंद सिंह, महानिदेशक पर्यटन जी. कमला वर्धन राव और मंत्रालयों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

LIVE OFFLINE
track image
Loading...