शिक्षा का उद्देश्य आत्म-निर्भर बनना : ओमप्रकाश सखलेचा

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@ भोपाल मध्यप्रदेश

सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा है कि शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है कि हम आत्म-निर्भर बनें। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने जरूरतमंद एवं बेरोजगारों को नौकरी पाने वाला नहीं नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में संवेदनशील प्रयास करते हुए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना शुरू की है।

मंत्री सखलेचा रविवार को महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय छतरपुर में नई शिक्षा नीति एवं विश्व पटल पर हिंदी के बढ़ते कदम पर तीन दिवसीय संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। संगोष्ठी में देश के नामचीन विशेषज्ञों ने सहभागिता कर सार्थक मंथन किया। 

मंत्री सखलेचा ने कहा कि उद्यम क्रांति योजना में प्रदेश के निवासी 12वीं पास युवक-युवतियों को बिना गारंटी और बैंक गए बिना राज्य सरकार की गारंटी पर एक लाख से 50 लाख रूपए तक का ऋण और अनुदान भी मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा पर हमें गर्व होना चाहिए। जापान, फ्रांस और चीन जैसे देशों ने भाषा पर फोकस करके ही तरक्की की है।  नई शिक्षा नीति में विदेशी भाषा को भी सिखाने का काम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जीवन जीने की कला दुनिया ने भारतीय शास्त्रों से सीखी है। उन्होंने बच्चों के विचार में सकारात्मक परिवर्तन लाने और उनमें आत्म-विश्वास जागृत करने पर सार्थक चर्चा की जरूरत बताई।

मंत्री सखलेचा सहित मंचासीन अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को  विश्वविद्यालय का प्रतीक-चिन्ह और प्रमाण-पत्र प्रदाय किए गए। संगोष्ठी, केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय एवं हिंदी अध्ययन शाला द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में हुई।  विधायक द्वय प्रदुम्न सिंह, राजेश प्रजापति, पूर्व मंत्री ललिता यादव, विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. टी.आर. थापक, कुलसचिव डॉ. जे.पी. मिश्रा, विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के विवेक चतुर्वेदी, डॉ. नसीम मोहम्मद सहायक निदेशक हिंदी निदेशालय दिल्ली, विश्वविद्यालय परिवार के प्रोफेसर और छात्र उपस्थित थे। 

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