@ टिहरी उत्तराखंड :-
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर टिहरी गढ़वाल जिले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जब जिले के बच्चों और युवाओं ने संगठित होकर श्रम विभाग के अधिकारियों को 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। यह पहल बाल श्रम के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने और जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के संकल्प के साथ की गई।

मांग पत्र युवाओं द्वारा श्रम विभाग के श्रम प्रवर्तन अधिकारी आईशा को दिया गया और यह सुनिश्चित करवाया कि हमारे जिले में बाल श्रम जैसी समस्या न हो और हर बच्चे को उसके अधिकार मिल सके जिसमें जिले के विभाग,सरकार,योजनाएं भाग लेंगे और टिहरी गढ़वाल को बाल श्रम मुक्त बनाने में अग्रसर होंगे।
उन्होंने बताया कि जिले में समय समय पर बाल श्रम की जानकारी हेतु घटना स्थलों पर छापेमारी की जाती हैं। और विभाग जागरूकता अभियान भी चला रहा है।
श्रम विभाग को सौंपे गए ज्ञापन में कुल 12 प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें शामिल हैं:
: बाल श्रम पर प्रतिबंध
: बाल श्रम के खिलाफ शख्स कानून
: बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता अभियान
: बाल श्रम से प्रभावित बच्चो के लिए पुनर्वास कार्यक्रम
: बाल श्रम के कारणों को दूर करने के लिए कदम
: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता
: बाल शिक्षा पर जोर
: बाल श्रम का उपयोग करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ शख्स कार्यवाही
: बाल अधिकारों की रक्षा
: बाल श्रम से नियंत्रित रूप से डेटा और रिपोर्ट

बाल श्रम के खिलाफ अभियान में सभी स्टेकहोल्डर की भागीदारी
साथ ही जिले में सक्रिय बाल श्रम की पहचान और समयबद्ध उन्मूलन करना, बाल श्रमिकों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करना स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने की योजना जिले में चलाना।
जागरूकता अभियान का संचालन जैसे — शिक्षा का अधिकार सबको मिले, बाल श्रम अब नहीं चले, बचपन बचाओ – देश बचाओ, आदि।
बाल श्रम के विरुद्ध 12 सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर टिहरी गढ़वाल में बच्चों और युवाओं ने बाल श्रम के खिलाफ आवाज़ उठाते हुए जिलाधिकारी नितिका खंडेवाल जी को 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। जिलाधिकारी ने बाल श्रम को एक गंभीर सामाजिक समस्या बताते हुए इसे प्राथमिकता से संज्ञान में लिया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि बाल श्रम जागरूकता अभियान में अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

शिक्षा विभाग टिहरी गढ़वाल को भी सौंपा गया ज्ञापन
इस अवसर पर बच्चों और युवाओं जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश चंद निराला को भी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बच्चों ने स्पष्ट रूप से लिखा कि केवल बाल श्रम पर रोक लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक स्तर पर भी ठोस कदम उठाने होंगे। और जिले में स्कूलों में बाल अधिकार पर वादन चलाने पर भी मांग की गई ।
आयुष अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को 12 सूत्रीय मांग पत्र दिया गया । उन्होंने बच्चो के अधिकार एवं कानूनों की जानकारी बच्चो के साथ साझा की और हेल्पलाइन नंबर के बारे में बच्चो को बताया गया।
प्रतिक्रिया
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद श्रम विभाग के अधिकारी ने बताया कि विभाग इस विषय को गंभीरता से ले रहा है और जल्द ही एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसमें सभी संबंधित विभागों की भागीदारी होगी। उन्होंने बच्चों के साहस और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा — यह बहुत ही सकारात्मक संकेत है कि अब बच्चे और युवा स्वयं अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों ने शपथ ली कि वे न तो स्वयं बाल श्रम करेंगे और न ही किसी बच्चे को करने देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने गाँव, स्कूल और समुदाय में बाल श्रम के विरुद्ध निरंतर जागरूकता फैलाते रहेंगे।
