@ शिमला हिमाचल :-
डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान ने तीन भागों में संगोष्ठी श्रृंखला शुरू की है, जिसमें विभिन्न प्रतिभागी सहयोगात्मक चर्चाओं में भाग लेंगे जिससे हिमाचल प्रदेश को सतत विकास और आर्थिक वृद्धि के बीच संतुलन बनाते हुए इसके दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए नवीन समाधान खोजे जा सकें। यह बात आज यहां डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान के एक प्रवक्ता ने कही।

यह संगोष्ठी श्रृंखला तीन भागों की है, जिसके पहले भाग की शुरूआत ऑनलाइन प्रश्नावली के माध्यम से हितधारकों के साथ ऑनलाइन जुड़ाव से हुई। इसमें प्राथमिकताओं की पहचान के लिए सात विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से राय मांगी गई हैं।
उन्होंने कहा कि इस श्रृंखला के भाग-दो में सात महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों से 167 विशेषज्ञ भाग लेंगे। इनमें राजनीतिक, प्रशासनिक, उद्योग (प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक), सामाजिक, पर्यावरण, कानूनी और ज्ञान क्षेत्र शामिल हैं।
ऑनलाइन प्रश्नावली के माध्यम से आए सुझावों के आधार पर 22 से 24 मार्च, 2025 तक संस्थान में तीन दिवसीय भौतिक विचार मंथन अभ्यास ‘समृद्ध हिमाचल 2045’ आयोजित किया जाएगा, जिसमें सात श्रेणियों के सभी प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। इस दौरान चिन्हित क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
इसके पश्चात संगोष्ठी श्रंखला का भाग तीन आरम्भ होगा जिसके संचालन की प्रक्रिया तैयार करने के लिए सरकार और नागरिक भागीदारी पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा हिमाचल को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए 20 वर्ष के विजन दस्तावेज का मसौदा जारी करने के लिए भी सरकार और नागरिक भागीदारी पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और राजनीतिक सलाहकार भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी के लिए सलमान खुर्शीद, समीर सिसोदिया (सीईओ रेन मैटर फाउंडेशन), रजनी बख्शी (लेखक), राजीव बंदूनी (संस्थापक ओपन एआई), पद्मश्री नेक राम शर्मा, पी.डी. राय (पूर्व सांसद), आशा स्वरूप (पूर्व मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश), दीपक सानन (सेवानिवृत्त आईएएस) और राजीव मल्होत्रा (सेवानिवृत्त आईईएस) ने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। इसके अतिरिक्त सैम पित्रोदा के साथ एक विशेष ऑनलाइन सत्र की योजना भी बनाई गई है।