गोवा में ‘IICA प्रमाणित CSR व्यावसायिक कार्यक्रम’ के आठवें बैच का समापन

@ पणजी गोवा

भारत में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) को बढ़ावा देने के प्रयास में, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (IICA) ने 4 से 6 अप्रैल, 2024 तक गोवा में अपने प्रमुख पाठ्यक्रम का एक व्यापक CSR इन-पर्सन प्रोग्राम आयोजित किया।

IICA के स्कूल ऑफ बिजनेस एनवायरनमेंट द्वारा आयोजित कार्यक्रम ने CSR पेशेवरों, उद्योग विशेषज्ञों और शिक्षाविदों के विविध समूह को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां प्रतिभागियों ने तकनीकी सत्रों, समूह गतिविधियों और आपसी चर्चाओं की एक श्रृंखला में भाग लिया।

अपने स्वागत भाषण में, स्कूल ऑफ बिजनेस एनवायरनमेंट, IICA की प्रमुख प्रोफेसर गरिमा दाधीच ने CSR इवोल्यूशन विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये, जिसके बाद ‘भारत में CSR का एक दशक’ विषय पर एक विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में CSR परिदृश्य से जुड़ी प्रगति और उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया गया। डॉ. दाधीच ने पिछले दस वर्षों के दौरान रुझानों के विश्लेषण के आधार पर विभिन्न चुनौतियों से निपटने के उपाय सुझाये।

इस अवसर पर एसबीई, IICA के मुख्य कार्यक्रम कार्यकारी डॉ. रवि राज अत्रे ने अपने संबोधन में कॉर्पोरेट ब्रांडिंग रणनीतियों में पर्यावरण, सामाजिक और शासन कारकों को एकीकृत करने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ‘ईएसजी-CSR और ब्रांड निर्माण’ की परस्पर भूमिका पर चर्चा की।

समूह-गतिविधियों के साथ हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने कार्यान्वयन एजेंसी परियोजना रिपोर्ट और कॉर्पोरेट संलग्न परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत किये। रिपोर्टों पर विशेषज्ञ संकाय ने बहुमूल्य प्रतिक्रियाएं दीं।

द वाखलू एडवाइजरी के संस्थापक और अध्यक्ष भरत वाखलू ने ‘रणनीतिक CSR अग्रणी व्यक्तियों का पोषण’ विषय पर अपने विचार रखे, जिसमें उन्होंने अपने अभिनव और रचनात्मक पीएएमएस (सिद्धांतों, कार्यों, मेट्रिक्स/उपाय और स्ट्रोक्स) रणनीति के साथ CSR क्षेत्र में दूरदर्शी नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया।

कंसोशिया एडवाइजरी के प्रधान सलाहकार दिनेश अग्रवाल ने ‘CSR की कानूनी व्यवस्था का विहंगम दृश्य’ प्रस्तुत किया, जिसमें कानूनी जटिलताओं और अनुपालन आवश्यकताओं और CSR में पिछले दस वर्षों के सभी 40 संशोधनों के बारे में जानकारी दी गई। वाखलू और अग्रवाल द्वारा उत्तरदायी व्यावसायिक आचरण को बढ़ावा देने में CSR की भूमिका और ईएसजी फ्रेमवर्क के भीतर CSR के रणनीतिक महत्व विषय पर आधारित सत्र के आयोजन के साथ दिन का समापन हुआ।

अंतिम खुली चर्चा में प्रतिनिधियों को फीडबैक साझा करने और संकायों के साथ स्पष्ट संवाद में शामिल होने का अवसर मिला। इस सत्र ने उपस्थित लोगों के बीच समुदाय और सहयोग की भावना को बढ़ावा दिया।

इस आयोजन ने न केवल CSR शिक्षा को आगे बढ़ाने में IICA की प्रतिबद्धता का प्रमाण पेश किया, बल्कि भारत में स्थायी और जिम्मेदार व्यावसायिक तौर-तरीकों के प्रति सामूहिक अभियान को भी प्रतिबिंबित किया।

CSR इन-पर्सन प्रोग्राम के समापन के साथ प्रतिभागियों ने समृद्ध ज्ञान, नए संबंध तथा CSR और सतत विकास के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के दृढ़ संकल्प के साथ अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान किया।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (IICA) की स्थापना, कॉरपोरेट कार्यों से संबंधित मामलों पर ज्ञान की आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए की गई है और यह एक जीवंत थिंक-टैंक के रूप में कार्य कर रहा है। यह संस्थान नियामक व्यवस्था और सेवा अदायगी प्रणालियों को लगातार नया स्वरूप देने में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की सहायता कर रहा है।

भविष्य के कार्यक्रमों और पहलों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, IICA के स्कूल ऑफ बिजनेस एनवायरनमेंट के लिंक्डइन पेज और IICA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

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