@ गांधीनगर गुजरात :-
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद के चांगोदर में मैटर कंपनी द्वारा स्थापित देश के पहले गियर्ड इलेक्ट्रिक मोटरबाइक प्लांट का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुजरात को देश का हरित ऊर्जा केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चैत्री नवरात्रि-दुर्गाष्टमी की शुभकामनाएं दीं और इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में भारत ऑटोमोबाइल क्षेत्र में 12% की वृद्धि हासिल करते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश का ऑटोमोटिव उद्योग अब वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
हरित विकास में तेजी लाने के लिए प्रधानमंत्री ने ‘भारत में नवाचार’ के दूरदर्शी मंत्र का समर्थन किया है। इस विजन के अनुरूप मैटर कंपनी ने देश के पहले गियर्ड इलेक्ट्रिक मोटरबाइक प्लांट का उद्घाटन किया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बदलते समय के साथ तालमेल बिठाने की जरूरत को समझते हुए प्रधानमंत्री ने अक्षय ऊर्जा पर जोर देते हुए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की शुरुआत की। उनके नेतृत्व में भारत ने हरित ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। पिछले 10 वर्षों में देश की हरित ऊर्जा उत्पादन क्षमता 2.8 गीगावाट से बढ़कर 102.5 गीगावाट हो गई है, जबकि पवन ऊर्जा उत्पादन दोगुना हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घरेलू सौर-आधारित बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई पीएम सूर्य घर योजना के तहत देश के 11 लाख से अधिक घरों में सौर पैनल लगाए गए हैं। नतीजतन, देश की सौर-आधारित बिजली उत्पादन क्षमता 9 गीगावाट से बढ़कर 98 गीगावाट हो गई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्रीय बजट में 4.5 लाख टन हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए 2,240 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अक्षय ऊर्जा उत्पादक बनने की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 640 गुना वृद्धि हुई है, पिछले साल ही लगभग 17 लाख ईवी बेचे गए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गुजरात को हरित ऊर्जा के लिए देश का केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार ने ईवी नीति-2021 पेश की है। इसके साथ ही आवश्यक बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल के तहत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवश्यक लिथियम-आयन बैटरी के उत्पादन को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। उन्होंने हरित ऊर्जा को अपनाने के लिए राज्य सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए कहा कि वर्तमान में गुजरात भर में सार्वजनिक परिवहन में लगभग 800 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। उन्होंने आगे बताया कि पिछले एक साल में राज्य में 2.64 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत किए गए।
इस अवसर पर मैटर कंपनी के संस्थापक और समूह सीईओ मोहल लालभाई ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि यह उपलब्धि गुजरात की प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों के कारण संभव हुई है। उन्होंने इसे कंपनी और व्यापक ईवी इकोसिस्टम के लिए एक परिवर्तनकारी क्षण बताया।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बाइक के बारे में गहन जानकारी भी प्राप्त की। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य पुलिस बल और गिर रेंजर्स को जीरो कार्बन उत्सर्जन वाली बाइक सौंपी, जिन्हें मैटर कंपनी ने भेंट किया। अपने मेक इन इंडिया और इनोवेटिव इंडिया आधारित अगली पीढ़ी के प्लांट के जरिए कंपनी सालाना करीब 1.20 लाख यूनिट का उत्पादन करेगी।
इस अवसर पर विधायक कनुभाई पटेल, कंपनी के संस्थापक एवं समूह मुख्य परिचालन अधिकारी अरुण प्रताप सिंह, प्रोफेसर अरविंद सहाय सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, उद्योग साझेदार और मैटर कंपनी के कर्मचारी उपस्थित थे।
