@ देहरादून उत्तराखंड :-
गर्मियाँ शुरु होते ही वनाग्नी घटना से पर्यावरण से लेकर आम जनजीवन को भारी नुकसान झेलना पडता है। इससे निहीर पशु पक्षी से लेकर जल सोत्र, शुद्ध हवा, जैविक विविधता से लेकर वन संपदा को भारी नुकसान पहुँचता है। इसके बचाव और वन सुरक्षा के लिए वन विभाग गाँव गाँव में जनजागरुकता अभियान चला रहा है।

इसी क्रम में भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन के मटियाली रेंज के तत्वावधान में ग्राम पंचायत काण्डा में वनाग्नि रोकथाम गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रशासक प्रधान नीरज कंडवाल की अध्यक्षता में ग्राम काण्डा कलस्टर में ग्राम हत्नूड, बनाली, काण्डा, उडियारी, ग्राम पंचायतो को वनाग्नी सुरक्षा समिति में जोडा गया। जिसमे कलस्टर से जुड़ी पंचायतो ने वनकर्मियों, राजस्व कर्मियों के साथ वनाग्नी रोकने तथा वनो का संरक्षण का संकल्प लिया।
गोष्ठी में वनक्षेत्र अधिकारी मटियाली रेंज विशन दत्त जोशी ने कहा कि वनाग्नि रोकथाम के लिए इन सभी ग्राम पंचायतो का कलस्टर वनाग्नि रोकने में कारगर सिद्ब होगा इस तरह जागरूकता का प्रयास बेहतर काम करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। निकट भविष्य में इस तरह का प्रयास राज्य स्तर पर उदाहरण पेश करके इसे सफल बनाने का गाँव वालो का सामूहिक प्रयास अन्य जिलो के लिए एक नजीर बनेगा।

गोष्ठी में आये राजस्व उपनिरीक्षक विपिन नेगी तथा दीपक कुमार ने वनाग्नि घटना रोकने तथा असमाजिक तत्वो के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए वन विभाग को सहयोग देने का वादा किया अगर कोई असामाजिक व्यक्ति इस कृत्य मे दोषी है तो निडर होकर शासन प्रशासन, वन विभाग को सूचित करे। प्रशासक नीरज कंडवाल ने गोष्ठी में आये वन पंचायत सरपंच सदस्य, कलस्टर सदस्य, ग्रामीणो को आग से बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर वन दरोगा कमलेश रतूडी, वन आरक्षी सतेन्द्र रावत, दीनदयाल सिह, कैलाश पाण्डेय बचन सिह रशिम खत्री, वन समिति सदस्य तनुजा कंडवाल, हरीश चन्द्र, सुनीता देवी, शोभा देवी, निखिल, सुमित कंडवाल, कान्ता प्रसाद सहित विभिन्न गाँवो से आये लोग मौजूद रहे।
