@ कमल उनियाल उत्तराखंड :-
उत्तराखंड का दो तिहाई भू भाग वन क्षेत्र है। वन हमारी प्राकृतिक धरोहर से लेकर हमारी पहचान है। आग से वन संपदा से लेकर पशु पक्षियों का जान का खतरा पैदा हो जाता है। राज्य के वन प्राकृतिक सौन्दर्य का खजाना है विश्व में वनो की सुंदरता के लिए यहाँ की अलग ही पहचान है। पर वन संपदा को कोन आग लगा लहा है और क्यो लगा रहा है यह एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है। लेकिन अब आग लगाने वालों को बख्शा नहीं जायेगा, शासन प्रशासन ने इस बार बडे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाये है।

इस मुहिम को धार देने के लिए भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन ने वनो की सुरक्षा के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड रखी है।प्रभागीय वन अधिकारी स्पर्श काला के कुशल नेतृत्व में वन प्रभाग अलर्ट मोड पर है वनो को बचाने के लिये जनजागरुकता अभियान, चलाया जा रहा है अति संवेदनशील क्षेत्रो फायर ड्रिल, फायर लाइन कटान, पिरुल इकठ्ठा करके निष्पादन किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढाने के साथ आम जनो से दूरभाष पर वार्ता की जा रही है।
भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन के मटियाली /जयहरीखाल के रेंज अधिकारी विशन दत्त जोशी ने बताया रेंजो के अंतर्गत आने वाले गाँवो में, गोष्ठी, जनजागरुकता अभियान, कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक द्वारा वनो को बचाने की अपील की जा रही है।
भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन की की यह मुहिम रंग लाती भी दिख रही है वनो की सुरक्षा का संदेश गाँवो से स्कूलो तक सार्थक संदेश जा रहा है। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर विभाग की बनी हुयी है पिछले साल चार लोगो को आग लगाने के जुर्म में भारतीय वन अधिनियम धारा 26केतहत मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेजा गया अनेक संदिग्ध व्यक्तियों को कडी चेतावनी दी गई।

इसी मुस्तेजी के तहत भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन के भृगूखालरेंज में विजय सिंह पुत्र दीवान सिह ग्राम सिरोली को वन में आग लगाते हुये घटनास्थल से रेंज कर्मचारियों ने रंगे हाथ पकड लिया उस पर थाना यमकेश्वर में भारतीय वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया।
