पूर्वोत्तर और दक्षिणी भारत के बीच अंतर-सांस्कृतिक पर्यटन

@ नई दिल्ली :-

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) ने देश में असेवित और अल्पसेवित हवाई अड्डों से क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने और आम जनता के लिए हवाई यात्रा को किफायती बनाने के लिए 21 अक्टूबर 2016 को क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़े देश का आम नागरिक (आरसीएस-उड़ान)’ शुरू की।

इस योजना के अंतर्गत, पर्यटन संपर्क को मज़बूत करने के उद्देश्य से, पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) और दक्षिण भारत सहित देश भर में 53 पर्यटन आरसीएस मार्ग पर्यटन – आरसीएस (टीआरसीएस) के अंतर्गत संचालित किए जा रहे हैं। इन मार्गों को पर्यटन मंत्रालय द्वारा 100 प्रतिशत व्यवहार्यता अंतर निधि (वीजीएफ) प्रतिपूर्ति से वित्त पोषित किया गया है, जिससे देश के पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक स्थलों तक सीधी हवाई संपर्क सुविधा उपलब्ध हुई है।

यद्यपि आरसीएस उड़ान के अंतर्गत पूर्वोत्तर क्षेत्र के हवाई अड्डों और दक्षिण भारतीय हवाई अड्डों के बीच कोई सीधी हवाई संपर्क सुविधा नहीं है, फिर भी कनेक्टिंग उड़ानों के माध्यम से अप्रत्यक्ष संपर्क सुविधा उपलब्ध है।

क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस-उड़ान) के अंतर्गत पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) में कुल 90 मार्ग चालू किए गए हैं, जो पूर्वोत्तर राज्यों में 10 हवाई अड्डों और 2 हेलीपोर्ट को जोड़ते हैं।

भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने बताया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में थीम-आधारित सर्किट पर भारत गौरव ट्रेनों की कुल 17 यात्राएँ संचालित की गईं, जिनमें 9,246 पर्यटकों ने तमिलनाडु का भ्रमण किया। इन 17 यात्राओं में से, तिरुचिरापल्ली (त्रिची) की 4 यात्राएँ शामिल थीं और 1,923 पर्यटकों ने तिरुचिरापल्ली (त्रिची) का भ्रमण किया।

भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम ने युवा संगम यात्रा के एक भाग के रूप में देश के दक्षिणी भाग और पूर्वोत्तर के गंतव्यों को जोड़ने वाले विभिन्न यात्रा का आयोजन किया है। यह युवा संगम यात्रा भारत सरकार द्वारा “एक भारत श्रेष्ठ भारत” योजना के अंतर्गत लोगों के बीच आपसी संपर्क को मज़बूत करने, खासकर विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं के बीच संपर्क को मज़बूत करने की एक पहल है। युवा संगम यात्राओं में, सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र और तमिलनाडु के संस्थानों को एक साथ जोड़ा गया है।

भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम पूर्वोत्तर क्षेत्र और दक्षिण भारत के बीच पर्यटन संपर्क प्रदान करने वाले घरेलू हवाई पैकेज भी संचालित करता है। नीचे दी गई तालिका इस संबंध में विस्तृत जानकारी देती है:

क्र. सं.पैकेज का नामस्रोतगंतव्यअवधिप्रस्थान

1.केरल  लक्स  एस्केप  एक्स-बागडोगराबागडोगरामुन्नार/थेक्कडी/अलेप्पी/त्रिवेंद्रम/कोच्चि 6 रातें / 7 दिन 11.10.2025

2.केरल लक्स एस्केप एक्स-गुवाहाटी गुवाहाटी मुन्नार/थेक्कडी/अलेप्पी/त्रिवेंद्रम/कोच्चि 6 रातें / 7 दिन 11.10.2025

पूर्वोत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक अनुभवों पर आधारित विविध पर्यटन-आधारित आजीविका के अवसर प्रदान करता है, जैसे समुदाय-आधारित पर्यटन, पर्यावरण-अनुकूल होमस्टे, सांस्कृतिक प्रदर्शन, प्रकृति-आधारित गतिविधियां, पाक-कला पर्यटन और स्थायी कृषि। इसी प्रकार, दक्षिण भारत आदिवासी कलाओं, ग्रामीण अनुभवों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से अपार संभावनाएं प्रस्तुत करता है।

इस तरह के सांस्कृतिक एकीकरण और पर्यटन से जुड़ी आजीविका, विरासत को संरक्षित करके और विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाकर एक सतत और समावेशी भविष्य की रूपरेखा तैयार करने में मदद करती है। यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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