@ जयपुर राजस्थान :-
जयपुर विद्युत वितरण निगम की ओर से बुधवार को विद्युत भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में वित्तीय वर्ष 2026-27 की अपनी टैरिफ याचिका का विभिन्न हितधारकों के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस दौरान निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की समग्र राजस्व जरूरतों (ARR) के सत्यापन तथा वर्ष 2026-27 के लिए समग्र राजस्व आवश्यकता, टैरिफ तथा निवेश योजना से सम्बंधित प्रस्तुति भी दी।

चेयरमैन डिस्कॉम्स आरती डोगरा की अध्यक्षता में डिस्कॉम ने याचिका से सम्बंधित मुख्य बिंदुओं को प्रस्तुत किया जिसमें बताया गया कि याचिका में टैरिफ में कोई वृद्धि प्रस्तावित नहीं है।
डोगरा ने हितधारकों के सुझावों को सुना और विद्युत तंत्र को सुदृढ़ करने, ग्रिड डिजिटाइजेशन, उपभोक्ता सेवाओं में सुगमता लाने तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में अवगत कराया।
उल्लेखनीय है कि जयपुर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में समग्र राजस्व आवश्यकता के दृष्टि से 1994 करोड़ का राजस्व अधिशेष अनुमानित किया है तथा 5618 करोड़ रूपये विद्युत तंत्र में सुधार के लिए प्रस्तावित किये हैं। इस अवधि में निगम ने वितरण हानियों में कमी लाकर उसे 13% पर लाने का प्रस्ताव किया है जोकि आरडीएसएस योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है।
टैरिफ को युक्तिसंगत बनाने की दिशा में जयपुर डिस्कॉम ने एमआईपी (MIP) श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम विद्युत शुल्क 6 रुपये 30 पैसे प्रति यूनिट से घटाकर 6 रुपये प्रति यूनिट करने, स्ट्रीट लाइटिंग को डे टाइम टैरिफ से छूट देने आदि प्रस्तावित किये हैं. इस दौरान राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हितधारकों ने अपने सुझाव दिए।
