@ गांधीनगर गुजरात :-
कच्छ के गांधीधाम में शुक्रवार को वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया ने वाइब्रेंट कच्छ जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। इस कार्यक्रम में कुल 334 एमएसएमई इकाइयों के साथ 8500 करोड़ रुपए के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।

इस अवसर पर धोलेरा के विकास की चर्चा करते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री ने जोड़ा की चुनौतियों को अवसर में परिवर्तित करना प्रधानमंत्री के विजन में है। कोरोना काल में गिनती के दिनों में वैक्सीन बनाने से लेकर लोगों को देने तक का कार्य करके भारत ने अन्य देशों को पीछे छोड़ दिया था। आज भारत वैक्सीन हब बना है। उसी प्रकार सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट की चुनौतियों को स्वीकार कर उसके उत्पादन के लिए सज्ज हुआ भारत आने वाले वर्षों में आत्मनिर्भर बनकर दुनिया में अग्रसर बनेगा।
उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए हर क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनना होगा। इसके लिए कच्छ में भरपूर पोटेंशियल होने के कारण भारत के भविष्य का निर्माण करने वाले क्षेत्र में निवेश के लिए कच्छ में आकर संपत्ति सृजन करने का उन्होंने आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय एआई, क्वॉण्टम टेक्नोलॉजी तथा बायोटेक्नोलॉजी का होने के कारण इन क्षेत्रों में विकास के लिए आधुनिक रिसर्च सेंटर, एक्सीलेंस लैब आदि का निर्माण कर गुजरात सज्ज बना है। उन्होंने जोड़ा कि कच्छ का गोल्डन पीरियड चल रहा है। उन्होंने टिकाऊ विकास की विभावना तथा पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ कच्छ में वर्ल्ड क्लास नर्सरी बनाने को कहा। कच्छ में ग्रीन कवर बढ़ाने के अभियान में उद्योगों से जुड़ने का भी उन्होंने अनुरोध किया।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री त्रिकमभाई छांगा ने प्रसंगोचित संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाली, तब से वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत हुई थी। आज जिला स्तर पर उसका आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने कच्छ जिला प्रशासन तथा कच्छ के उद्यमियों को अभिनंदन दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विकास को आंदोलन बनाकर भूकंप की पीड़ा के साथ पानी, बेरोजगारी की स्थिति में कच्छ को फिर से खड़ा किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन से कच्छ अविरत विकास साध रहा है। ढाँचागत सुविधाएँ बढ़ने, औद्योगिक विकास, टेक्नोलॉजी से युक्त बंदरगाहों का विकास होने से कच्छ में रिवर्स माइग्रेशन हो रहा है।
हस्तकला की कच्छी कारीगर पाबीबेन को याद करते हुए छांगा ने कहा कि एक समय हस्तकला तथा गृहोद्योग आधारित रोजगार देने वाला कच्छ हाल में गुजरात में उद्योगों का हब बनने जा रहा है। वाइब्रेंट के जरिये कच्छ में करोड़ों रुपए का निवेश हो रहा है और रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने नागरिकों तथा उद्योगपतियों से आर्थिक विकास के साथ ही नैतिक मूल्यों को बनाए रखते हुए तथा सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए देश के विकास में सहभागी बनने का अनुरोध किया।
दीनदयाल पोर्ट के चेयरमैन एस. के. सिंह ने कहा कि विकसित भारत के विजन में गुजरात राज्य तथा उसमें भी कच्छ जिला विशेष योगदान देगा। कच्छ की भौगोलिक स्थिति के कारण सभी प्रकार की कनेक्टिविटी उपलब्ध होने से निवेशक कच्छ के विकास में सहभागी होने को उत्सुक हैं। विकसित भारत के विजन में कच्छ में पोर्ट–मैरीटाइम सेक्टर का योगदान उल्लेखनीय रहेगा। उन्होंने जोड़ा कि कंडला पोर्ट ग्रीन हाइड्रोजन तथा शिप बिल्डिंग क्षेत्र में लीड कर रहा है। उन्होंने निवेशकों का आह्वान किया कि भविष्य में जब इन दोनों क्षेत्रों का विकास होगा, तब वे कच्छ में ग्रीन हाइड्रोजन पार्क में जुड़ें।
इस अवसर पर कच्छ जिला कलेक्टर आनंद पटेल ने कहा कि विकसित भारत का सपना साकार करने की पहल में बीज के रूप में बोया गया वाइब्रेंट गुजरात आज वटवृक्ष बना है। जिला स्तरीय वाइब्रेंट कार्यक्रम के आयोजन तथा साथ ही वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के आयोजन से औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन से एक समय का कच्छ आज लैंड ऑफ अपॉर्चुनिटी बना है।
गांधीधाम चैम्बर्स के अध्यक्ष महेशभाई पुंज ने प्रसंगोचित संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री के विकास के विजन से कच्छ रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, पोर्ट्स, केमिकल एंड मिनरल्स तथा टूरिज्म सहित महत्वपूर्ण सेक्टर्स में अग्रसर बन रहा है। विकास के साथ कच्छ में मिले महत्वपूर्ण अवसरों के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
डी. पी. वर्ल्ड के निदेशक पराग कोचर ने ब्लू इकोनॉमी के महत्व के बारे में बताया और कच्छ में पोर्ट के विकास की अपार संभावनाएँ होने का उल्लेख करते हुए भारत–मार्ट के बारे में जानकारी दी।
किरी इंडस्ट्रीज के मनीष किरी ने कहा कि कच्छ गुजरात का आर्थिक पावर हाउस बन रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन, डिजिटल स्ट्रक्चर, सी वॉटर, एग्रीकल्चर, एडवांस मरीन केमिकल मिनरल्स इंडस्ट्री के विकास से कच्छ की भूमि निवेशकों के लिए इंडस्ट्रियल लैंड बनकर उभरी है।
कच्छ मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजाभाई कानगड ने कार्यक्रम के अंत में आभार ज्ञापन किया।
वाइब्रेंट कच्छ जिला कार्यक्रम में गांधीधाम चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स इवेंट पार्टनर के रूप में, जबकि दीनदयाल पोर्ट ट्रस्ट वेन्यू पार्टनर के रूप में जुड़ा। इसके अलावा फोकिया और कच्छ मैनेजमेंट एसोसिएशन नॉलेज पार्टनर के रूप में सहभागी हुए।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष जनकसिंह जाडेजा, विधायक केशूभाई पटेल, मालतीबेन महेश्वरी, प्रद्युम्नसिंह जाडेजा, अनिरुद्धभाई दवे, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. नीमाबेन आचार्य, अग्रणी देवजीभाई वरचंद, धवलभाई आचार्य, पूर्व कच्छ एसपी सागर बागमार, गांधीधाम महानगर पालिका आयुक्त मनीष गुरवानी, जीआरआईटी की जॉइंट सीईओ स्तुति चारण, एआरएम आशिष धानिया, संयुक्त उद्योग आयुक्त कनक डेर सहित बड़ी संख्या में उद्योगकार तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
