@ देहरादून उत्तराखंड :-
कहा जाता है इस संसार में कोई भी जन्म से न ही प्रतिभावान ,गुणवान और न ही बुद्धिमान होता है, मनुष्य अपनी कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से किए गये अपने कार्यो को इतना अधिक ऊंचा कर लेता है कि समाज में उसे और उसके काम को मान-सम्मान और ख्याति तो मिलती ही है, साथ ही वो दूसरे लोगों के लिए भी आदर्श बन जाते हैं।

कहते हैं प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती है। प्रतिभा के लिए गांव या शहर नहीं बल्कि खुद की मेहनत और लगन रंग लाती है। यदि ऐसा करने के लिए कोई ठान ले तो उसका आशानुरूप परिणाम मिलता ही है।
पूरे भारत में लोहा मनवा चुकी, ऐसी ही शख्यितों में एक नाम सामने उभरकर आता है, उत्तराखंड के लैंसडौन की बेटी डॉ. ऋचा अग्रवाल का,जिन्होंने लोगों को यह विश्वास दिलाया है,कि सच्ची लगन और कठोर परिश्रम ही सफलता की कूंजी है।
डॉ. ऋचा अग्रवाल ने हमारे संवाददाता को बताया कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से मैने गणित में डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्राप्त की है। ऋचा ने गणित में डिफरेंशियल ज्योमेट्री में अपना शोध 2025 में पूरा कर यह उपाधि हासिल की।
वर्ष 2007 व वर्ष 2009 में जीजीआईसी लैंसडौन से 10वीं व 12वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 2012 में राजकीय पीजी कॉलेज जयहरीखाल से स्नातक और वर्ष 2014 में गणित से एमएससी की।
डॉ. ऋचा अग्रवाल बताती है कि मुझे अपने माता-पिता से पूरा सपोर्ट मिलता है और वह मेरी हिम्मत बढ़ाते रहते हैं और मैं आगे बढ़ती चली जाती हूं ।
मिलनसार हंसमुख स्वभाव की डॉ. ऋचा अग्रवाल ने बताया की मेरी मेहनत और अपने परिवार मे खास तौर से अपनी माँ रेणु अग्रवाल और पिता हरिशंकर अग्रवाल एवं पति गौरव का पूरा -पूरा सहयोग और योगदान मानती है और मेरे भाई कपिल अग्रवाल,ऋषि अग्रवाल और बड़ी बहन दिव्या अग्रवाल भी समय समय पर मेरी पूरी मदद करते रहते थे।
वह मानती है की किसी भी क्षेत्र में फैमिली के स्पोट के बिना सफल होना संभव नहीं होता और मेरी फैमिली नें मुझे पूरा सपोर्ट करती है।
