@ नई दिल्ली :-
संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि BSNL को सुदृढ़ करने और उसे सशक्त, प्रतिस्पर्धी और व्यवहार्य बनाने के उद्देश्य से सरकार ने BSNL के लिए लगभग 3.22 लाख करोड़ रुपये के तीन पुनरुद्धार पैकेज स्वीकृत किए हैं। इन पैकेजों में पूंजी निवेश, ऋण पुनर्निर्धारण, ग्रामीण टेलीफोनी के लिए व्यवहार्यता अंतर निधि और 4जी/5जी स्पेक्ट्रम का प्रावधान जैसे उपाय शामिल हैं।

सरकार ने 4जी और 5जी सेवाएं प्रदान करने के लिए नीलामी में निर्धारित कीमतों पर 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2500 मेगाहर्ट्ज और 3300 मेगाहर्ट्ज के फ्रीक्वेंसी बैंड में BSNL को प्रशासनिक रूप से स्पेक्ट्रम आवंटित किया है।
BSNL को दिए गए पुनरुद्धार पैकेजों के परिणामस्वरूप, BSNL ने वित्त वर्ष 2020-21 से परिचालन लाभ अर्जित करना शुरू कर दिया है।
BSNL ने 2014 से अब तक 13,748 2जी बीटीएस, 39,722 3जी बीटीएस (नोडबी) और 1,03,305 4जी बीटीएस (ईनोडबी) जोड़े हैं।
दूरसंचार सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए, BSNL पूरे भारत में स्वदेशी रूप से विकसित एक लाख 4जी साइटें स्थापित कर रहा है। 28.02.2026 तक, कुल 97,906 4जी साइटें स्थापित की जा चुकी हैं और 96,103 4जी साइटें चालू हैं।
इसके अलावा, संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त , 2023 को13 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य मांग के आधार पर सभी ग्राम पंचायतों और गांवों तक फाइबर पहुंचाना है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 15 करोड़ हाई-स्पीड एफटीटीएच ब्रॉडबैंड कनेक्शनों का प्रावधान भी शामिल है । BSNL इस योजना के लिए परियोजना प्रबंधन एजेंसी है।
सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क कवरेज को और अधिक विस्तारित करने के लिए, सरकार 4जी सैचुरेशन स्कीम, बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी)/ बॉर्डर इंटेलिजेंस पोस्ट ( बीआईपी ) आदि जैसी विभिन्न योजनाएं लागू कर रही है । इन योजनाओं का विवरण https://usof.gov.in पर उपलब्ध है ।
