@ जोरहाट असम
लगभग 1145 बजे पुकुरिया गांव के बाहरी इलाके में, मरियानी मिलिट्री स्टेशन हेलिपैड से लगभग 300 मीटर की दूरी पर जंगल में आग लगने की सूचना मिली। सूखी ग्वाल और गर्म मौसम की स्थिति के कारण आग तेजी से फैल रही थी तथा गांव, आसपास के वन क्षेत्र और मिलिट्री स्टेशन के लिए संभावित खतरा उत्पन्न हो गया था।

स्थिति की देनदार को देखते हुए मरियानी मिलिट्री स्टेशन में तैनात भारतीय सेना की क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRTs) और सैनिकों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बिना किसी देरी के सप्लाई पर चलकर आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। टीमों ने फायर बीटर, रेत तथा मैनुअल कंट्रोल तकनीकों का उपयोग करते हुए आग को आसपास के गांवों, कृषि भूमि और वन क्षे की ओर फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सैनिकों की त्वरित और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप आग को समय पर काबू में कर लिया गया, जिससे संभावित नुकसान को टाल दिया गया और स्थानीय आबादी, कृषि भूमि तथा मिलिट्री स्टेशन की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
भारतीय सेना की यह त्वरित प्रतिक्रिया स्थानीय समुदायों की सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी सेनाओं को कार्यभार है।

