लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने किया ‘जल संसाधन भवन’ का लोकार्पण किया

@ जयपुर राजस्थान :-

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को कोटा जिले के नयापुरा में लगभग 12 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित ‘जल संसाधन भवन’ का लोकार्पण किया। समारोह के बाद उन्होंने जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के साथ संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक कर कोटा-बूंदी सहित क्षेत्र में चल रहे जल संसाधन कार्यों का जायजा लिया। बैठक में निर्माण कार्यों में देरी और ‘आरआरआर’ (RRR) कार्यों की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने नाराजगी जताते हुए लापरवाह संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए।
बिरला ने कहा कि चार मंजिला यह आधुनिक भवन विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करेगा, जिससे काम में गति और पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के प्रयासों से बना यह भवन विभागीय समन्वय को मजबूत करेगा। इससे किसानों को सिंचाई योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा और जल संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।
समयबद्ध हो कार्य, गुणवत्ता पर कोइ समझौता नहीं—
बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को सभी कार्यों की स्पष्ट समय-सीमा तय कर नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। प्रस्तावित पाटली परियोजना और सोलर आधारित माइक्रो लिफ्ट परियोजना की स्थिति पर भी चर्चा की गई। उन्होंने ‘आरआरआर’ कार्यों की गुणवत्ता में कमी को गंभीर बताते हुए जांच कराने और दोषी व देरी करने वाले संवेदकों को नोटिस देकर ब्लैकलिस्ट करने को कहा।
रामगंजमंडी के असिंचित क्षेत्रों पर फोकस—
रामगंजमंडी के असिंचित क्षेत्रों को ‘तकली मध्यम सिंचाई परियोजना’ से जोड़ने पर विशेष चर्चा हुई। बिरला ने निर्देश दिए कि मध्य प्रदेश के गांधी सागर से पानी लाकर बांध की क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं पर शीघ्र फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि इन क्षेत्रों को सिंचित किया जा सके।
बारिश से पहले हो नहरों की सफाई—
बूढ़ादीत, इटावा सहित विभिन्न क्षेत्रों में टेल तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या के समाधान पर भी चर्चा हुई। बिरला ने झाड़गांव के पास साइफन निर्माण के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही दाईं और बाईं मुख्य नहर की सफाई बारिश से पहले पूरी करने और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों की सूची बनाकर स्थायी समाधान करने को कहा।
अन्य परियोजनाओं की समीक्षा—
बैठक में सिंचाई विस्तार, जल उपलब्धता और बजट घोषणाओं पर फीडबैक लिया गया। परवन परियोजना, ईआरसीपी (ERCP), रामपुरिया-गौहाटा एक्वाडक्ट, मेज बैराज से खरायता क्षेत्र के रीको औद्योगिक क्षेत्र को जल उपलब्ध कराने, कोटा बैराज पर फसाड लाइटिंग, आलनिया बांध से वंचित गांवों को जोड़ने, हरिपुरा मांझी बांध, गुड़ा बांध की नहरों के कार्य, सावन-भादो परियोजना तथा चाकण बांध की नहरों के मरम्मत कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
इसके साथ ही गेण्डोली-फैलाई परियोजना में आ रही मेंटेनेंस समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। बिरला ने कहा कि सभी योजनाओं का उद्देश्य किसानों और आमजन को सीधा लाभ पहुंचाना है और इसके लिए कार्यों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना आवश्यक है।
प्रगतिरत परियोजनाओं के कार्य समय पर पूर्ण हों – जल संसाधन मंत्री
बैठक में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विभिन्न प्रगतिरत परियोजनाओं का कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण करने के निर्देश दिए। पिछले कुछ सालों में जल संसाधन विभाग की अधिकतर परियोजनाओं के समय पर पूरा नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि बहुउद्देशीय परियोजनाओं के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रावत ने परियोजनाओं की डीपीआर बनने से पहले सभी पहलुओं पर मंथन करने के निर्देश दिए ताकि बाद में प्रोजेक्ट में अनावश्यक रूप से देरी नहीं हो।
बैठक में राजस्थान वॉटर ग्रिड कॉरपोरेशन लि. के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य अभियंता रवि सोलंकी ने संशोधित पार्वती- कालीसिंध- चंबल लिंक परियोजना की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कालीसिंध नदी पर नवनेरा बैराज एवं बनास नदी पर ईसरदा बांध का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कुल नदी पर रामगढ़ बैराज एवं पार्वती नदी पर महलपुर बैराज तथा नवनेरा पंप हाउस का कार्य चल रहा है।
उन्होंने बताया कि बूंदी जिले के गुहारा गांव में 2.5 किलोमीटर लंबा एवं 45 मीटर चौड़ा भारत का सबसे बड़ा एक्वाडक्ट बनाया जा रहा है। इसकी 5060 पाइलों में से 2200 का कार्य पूर्ण हो चुका है।
बैठक में मुख्य अभियंता कोटा संभाग डी.आर. मीणा ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने हथियादेह मध्यम सिंचाई परियोजना, तकली मध्यम सिंचाई परियोजना, सोलर आधारित पांच माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं-खटकड़, झालीजी का बराना, सुहरी, बरवास, गंगाराम माली आदि की प्रगति की जानकारी दी। साथ ही, वर्ष 2024-25, 2025-26 की बजट घोषणाओं की प्रगति की जानकारी दी।
बैठक में कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक मती कल्पना देवी, शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन, ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रेम गोचर, बूंदी जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीणा, पूर्व विधायक मती चंद्रकांता, संभागीय आयुक्त कोटा अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलक्टर पीयूष सामरिया, मुख्य अभियंता सीएडी संदीप माथुर सहित जल संसाधन विभाग एवं सीएडी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशाषी अभियंता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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